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Siddharthnagar News: पांच शोधार्थियों ने जमा की पीएचडी शोध प्रबंध, एक छात्र की लगी नौकरी
Mon, 26 Feb 2024 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 26 Feb 2024 01:15 AM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में छह छात्रों ने पीएचडी करने के लिए 2019 में पंजीकरण करवाया था। इसमें पांच छात्रों ने अपना पीएचडी थिसिस जमा कर दिया है। एक छात्र को दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध महाविद्यालय में शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिल गई है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने सबसे पहले वाणिज्य संकाय ने छह छात्रों को पीएचडी करवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। पांच वर्ष पूरा होने पर छह में से पांच छात्रों ने थिसिस विवि में जमा कर दिए हैं। शोधार्थियों का अवॉर्ड होने से पहले ही एक छात्र राज बहादुर का दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज में नौकरी लग गई है। विभागाध्यक्ष वाणिज्य विभाग के प्रो. दीपक बाबू मिश्रा ने बताया कि 2019 में वाणिज्य विभाग में छह छात्रों को आवेदन के आधार पर शोध के लिए विश्वविद्यालय में प्रवेश मिली थी। जिसमें से अभी तक पांच छात्रों ने थिसिस विवि में जमा कर दिए हैं। छात्रों को जल्द ही उपाधि देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया की अभी भी बहुत से छात्र पीएचडी की उपाधि के लिए कैंपस में शोध कर रहे हैं।
अवॉर्ड से पहले ही मिल गई नौकरी
विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक बाबू मिश्र ने बताया की अवॉर्ड होने से पहले ही छात्र को नौकरी मिलना बड़ी उपलब्धि है। अवॉर्ड कराकर छात्र को शोध की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। विवि के छात्र को नौकरी मिलने से कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव, कुलसचिव अमरेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. शरदेंदु त्रिपाठी ने उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने सबसे पहले वाणिज्य संकाय ने छह छात्रों को पीएचडी करवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। पांच वर्ष पूरा होने पर छह में से पांच छात्रों ने थिसिस विवि में जमा कर दिए हैं। शोधार्थियों का अवॉर्ड होने से पहले ही एक छात्र राज बहादुर का दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज में नौकरी लग गई है। विभागाध्यक्ष वाणिज्य विभाग के प्रो. दीपक बाबू मिश्रा ने बताया कि 2019 में वाणिज्य विभाग में छह छात्रों को आवेदन के आधार पर शोध के लिए विश्वविद्यालय में प्रवेश मिली थी। जिसमें से अभी तक पांच छात्रों ने थिसिस विवि में जमा कर दिए हैं। छात्रों को जल्द ही उपाधि देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया की अभी भी बहुत से छात्र पीएचडी की उपाधि के लिए कैंपस में शोध कर रहे हैं।
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अवॉर्ड से पहले ही मिल गई नौकरी
विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक बाबू मिश्र ने बताया की अवॉर्ड होने से पहले ही छात्र को नौकरी मिलना बड़ी उपलब्धि है। अवॉर्ड कराकर छात्र को शोध की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। विवि के छात्र को नौकरी मिलने से कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव, कुलसचिव अमरेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. शरदेंदु त्रिपाठी ने उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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