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मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हर व्यक्ति का अब होगा बीमा
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मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हर व्यक्ति का अब होगा बीमा
हादसे का शिकार होने पर ढाई और अनहोनी होने पर मिलेगी पांच लाख की बीमा राशि
सरकार ने मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों के हित के लिए शुरू की कवायद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने उनके हित में बीमा कराने की कवायद शुरू की है जो पूरी तरह से निशुल्क है। मत्स्य पालन विभाग को बीमा कराने की जिम्मेदारी है। इसके लिए आवेदन को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। हादसे का शिकार होने पर ढाई लाख और अनहोनी होने पर पांच लाख रुपये बीमा राशि मिलेगी। पहले केवल मत्स्य पालक के लिए ही यह योजना थी, लेकिन अब कारोबार से जुड़ा हर व्यक्ति लाभ ले सकेगा।
आय बढ़ाने के लिए सूबे की सरकार हर वर्ग के मुख्य रोजगार को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इसमें मछुआ समुदाय के लोगों को सरकार मत्स्य पालन पर पहले अनुदान दे रही थी। इसके बाद यह योजना सभी वर्ग के लिए लागू कर दी गई। वहीं, पहले केवल मछुआ समुदाय के व्यक्ति का बीमा होता था। लेकिन इसबार सरकार ने मछली के कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति का बीमा कराने की कवायद शुरू की है। वह भी निशुल्क होगा। इसके लिए व्यक्ति को कोई धनराशि नहीं देनी होगी। मत्स्य पालन विभाग स्वयं बीमा कराने की प्रक्रिया पूरी करेगा और शासन की ओर से उसका बीमा शुल्क जमा होगा। ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटित होने के बाद परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके। इसमें मछली के कारोबार से जुड़े व्यक्ति को विभाग में ऑफलाइन आवेदन करना होगा। माना जा रहा है कि इससे बहुत लोगों को लाभ मिलेगा।
जिले में मछुआ समुदाय की है डेढ़ लाख आबादी
आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में मछुआ समुदाय की आबादी डेढ़ लाख से अधिक होगी। ये लोग पट्टे पर तालाब, पोखरा में मछली पालन के साथ ही नदी आदि में मछली पकड़कर बेचते हैं। उसी पर उनके परिवार की जीविका निर्भर है। इसके अलावा अन्य जाति के लोग भी मछली के कारोबार में लगे हैं। जिले में बड़े रकबे में मछली का पालन भी होता है।
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दायरे में आएंगे ये कारोबारी
मछली पकड़ने वाले, खरीदकर बेचने वाले, गांव में घूमकर बेचने वाले, तालाब में जाल से निकालने वाले, मंडी में लाकर दुकान लगाकर बेचने वाले, तालाब से लेकर जाकर नियमित विभिन्न बाजारों में सप्लाई करने वाले। तालाब और पोखरे में खुद पालन करने वाले बीमा कराने के दायरे में आएंगे।
आवेदन में यह जरूरी
आवेदन में आवेदक का नाम, जाति, लिंग, ब्लॉक जनपद, आधार कार्ड नंबर, बैंक पासबुक की छाया प्रति, बैंक शाखा का नाम, मोबाइल नंबर, कार्य करने का प्रकार आदि ऑफलाइन आवेदन फॉर्म में देना होगा। उसमें एक पासपोर्ट साइज फोटो भी लगेगा। 18 से 70 वर्ष की आयु के लोगों का बीमा होगा।
बोले जिम्मेदार
मछली के कारोबार से जुड़ा कोई भी व्यक्ति हो उसका निशुल्क बीमा होना है। पहले यह योजना मछुआ समुदाय के लोगों के लिए थी लेकिन अब मछली के कारोबार से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बीमा करा सकता है। किसी भी दिन विकास भवन स्थित कार्यालय में आकर फॉर्म जाम कर सकता है। इसके लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
-पुष्पा त्रिपाठी, जिला मत्स्य पालन अधिकारी सिद्धार्थनगर
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हादसे का शिकार होने पर ढाई और अनहोनी होने पर मिलेगी पांच लाख की बीमा राशि
सरकार ने मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों के हित के लिए शुरू की कवायद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने उनके हित में बीमा कराने की कवायद शुरू की है जो पूरी तरह से निशुल्क है। मत्स्य पालन विभाग को बीमा कराने की जिम्मेदारी है। इसके लिए आवेदन को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। हादसे का शिकार होने पर ढाई लाख और अनहोनी होने पर पांच लाख रुपये बीमा राशि मिलेगी। पहले केवल मत्स्य पालक के लिए ही यह योजना थी, लेकिन अब कारोबार से जुड़ा हर व्यक्ति लाभ ले सकेगा।
आय बढ़ाने के लिए सूबे की सरकार हर वर्ग के मुख्य रोजगार को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इसमें मछुआ समुदाय के लोगों को सरकार मत्स्य पालन पर पहले अनुदान दे रही थी। इसके बाद यह योजना सभी वर्ग के लिए लागू कर दी गई। वहीं, पहले केवल मछुआ समुदाय के व्यक्ति का बीमा होता था। लेकिन इसबार सरकार ने मछली के कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति का बीमा कराने की कवायद शुरू की है। वह भी निशुल्क होगा। इसके लिए व्यक्ति को कोई धनराशि नहीं देनी होगी। मत्स्य पालन विभाग स्वयं बीमा कराने की प्रक्रिया पूरी करेगा और शासन की ओर से उसका बीमा शुल्क जमा होगा। ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटित होने के बाद परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके। इसमें मछली के कारोबार से जुड़े व्यक्ति को विभाग में ऑफलाइन आवेदन करना होगा। माना जा रहा है कि इससे बहुत लोगों को लाभ मिलेगा।
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जिले में मछुआ समुदाय की है डेढ़ लाख आबादी
आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में मछुआ समुदाय की आबादी डेढ़ लाख से अधिक होगी। ये लोग पट्टे पर तालाब, पोखरा में मछली पालन के साथ ही नदी आदि में मछली पकड़कर बेचते हैं। उसी पर उनके परिवार की जीविका निर्भर है। इसके अलावा अन्य जाति के लोग भी मछली के कारोबार में लगे हैं। जिले में बड़े रकबे में मछली का पालन भी होता है।
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दायरे में आएंगे ये कारोबारी
मछली पकड़ने वाले, खरीदकर बेचने वाले, गांव में घूमकर बेचने वाले, तालाब में जाल से निकालने वाले, मंडी में लाकर दुकान लगाकर बेचने वाले, तालाब से लेकर जाकर नियमित विभिन्न बाजारों में सप्लाई करने वाले। तालाब और पोखरे में खुद पालन करने वाले बीमा कराने के दायरे में आएंगे।
आवेदन में यह जरूरी
आवेदन में आवेदक का नाम, जाति, लिंग, ब्लॉक जनपद, आधार कार्ड नंबर, बैंक पासबुक की छाया प्रति, बैंक शाखा का नाम, मोबाइल नंबर, कार्य करने का प्रकार आदि ऑफलाइन आवेदन फॉर्म में देना होगा। उसमें एक पासपोर्ट साइज फोटो भी लगेगा। 18 से 70 वर्ष की आयु के लोगों का बीमा होगा।
बोले जिम्मेदार
मछली के कारोबार से जुड़ा कोई भी व्यक्ति हो उसका निशुल्क बीमा होना है। पहले यह योजना मछुआ समुदाय के लोगों के लिए थी लेकिन अब मछली के कारोबार से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बीमा करा सकता है। किसी भी दिन विकास भवन स्थित कार्यालय में आकर फॉर्म जाम कर सकता है। इसके लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
-पुष्पा त्रिपाठी, जिला मत्स्य पालन अधिकारी सिद्धार्थनगर