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Siddharthnagar News: पहले डीएपी और अब यूरिया के लिए हो रही मारामारी.

Sun, 18 Dec 2022 10:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Dec 2022 10:48 PM IST
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First there is a fight for DAP and now for urea.
पहले डीएपी और अब यूरिया के लिए हो रही मारामारी.
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-शोहरतगढ़ क्षेत्र में गेहूं की सिंचाई के बाद जरूरी है खाद
तुलसियापुर। पहले सूखा, फिर बाढ़ की मार झेलने के बाद अब किसानों को गेहूं की खेती के लिए डीएपी-यूरिया खाद की कमी से हलकान होना पड़ रहा है। साधन सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं मिल पाने के कारण किसान परेशान हैं और उन्हें मजबूरन महंगे दाम में खाद लेनी पड़ रही है। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में किसान डीएपी और यूरिया खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। सहकारी समितियों व किसान सेवा केंद्रों पर भी किसानों को खाद नहीं मिल रही है। गेहूं की सिंचाई के बाद यूरिया की आवश्यकता किसानों को है, लेकिन बाजार से यूरिया नदारद है। किसानों ने यूरिया की कमी को लेकर रोष जताया है। पहले गेहूं की बुआई के समय डीएपी के लिए परेशान रहे और अब गेहूं की सिंचाई बाद यूरिया खाद की जरूरत पूरी नहीं हो रही है। बाजार में अगर कहीं यूरिया है तो भी वहां किसानों से 450 से 550 रुपये प्रति बोरी मांगा जा रहा है। क्षेत्र के तुलसियापुर, झुलनीपुर, कठेला, केवटलिया आदि चौराहे पर मौजूद खाद की दुकानों पर दुकानदार यूरिया को अधिक दामों पर बेंच रहे हैं। क्षेत्र के किसानों ने डीएम से साधन सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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सहकारी समितियों पर यूरिया न होने से प्राइवेट दुकानदार मौका भुनाने में लगे हैं और 267 रुपये की यूरिया 530 में बेच रहे हैं। सरकार, किसान हित की बात कर रही है, जबकि एक-एक बोरी यूरिया के लिए लोग परेशान हैं।
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असगर अली, किसान
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पहले साधन सहकारी समिति औदही कलां, बोहली, परसा, ढेबरुआ व बसहिया में खाद मिलती थी, अब वहां ताला लटक रहा है। जिसका फायदा दुकानदार उठा रहे हैं।
रामदेव गुप्ता, किसान
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क्षेत्र के किसानों को डीएपी व यूरिया नहीं मिल पा रही है। अगर किसी दुकानदार के पास यूरिया उपलब्ध भी है तो प्रति बोरी का 500 रुपये वसूला जा रहा है।
राम अवतार चौहान, किसान
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पहले गेहूं की बुआई के समय डीएपी नहीं मिली और गेहूं की सिंचाई के बाद यूरिया के लिए किसान भटक रहे हैं। किसानों की समस्याओं पर किसी की नजर नहीं पड़ रही है। सुभाष तिवारी, किसान
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यूरिया की कमी दूर करने के लिए निदेशालय को अवगत कराया गया है। दो-तीन दिनों के भीतर साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद पहुंच जाएगी।
सीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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