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Siddharthnagar News: पांच साल बाद खुलेंगी चालान माफी की फाइलें, हजारों वाहन स्वामी फिर रडार पर
Thu, 11 Jun 2026 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:16 PM IST
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सिद्धार्थनगर।चालान माफी का लाभ लेने वाले हजारों वाहन स्वामियों की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। वर्ष 2017 से 2021 के बीच माफ किए गए चालानों में बार-बार यातायात नियम तोड़ने और गंभीर उल्लंघनों से जुड़े मामलों की फाइलें दोबारा खोली जाएंगी। न्यायालय के आदेश के बाद परिवहन विभाग पुराने रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी में जुट गया है। जांच के लिए विशेष समिति गठित की जाएगी, जिसके बाद पात्र मामलों में दोबारा जुर्माना वसूली की कार्रवाई शुरू होगी।
यातायात नियम तोड़ने वाले वाले वाहनों पर जुर्माना का प्रावधान है, जिससे कोई नियम का उल्लंघन न करे। इसमें समय- समय पर जुर्माना और कार्रवाई के नियम के कायदे में बदलाव होता रहता है। वर्ष 2017 से 2021 के बीच में हुए चालान को सरकार की ओर से माफ कर दिया गया था। कोडिव काल के बीच जुर्माना राशि को माफ किया गया था। इस मामले को कोर्ट ने संज्ञान में लिया और 13 लाख में चार लाख वाहनों की दोबारा फाइल खोलने और जुर्माना जमा कराने के संबंध में आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद हलचल मच गई है। क्योंकि, जिन चार लाख वाहनों की जांच और जुर्माना वसूल करने के लिए कहा है कि उनमें बार- बार नियम तोड़ने और अन्य गंभीर अपराध के मामले में हैं और उनका भी जुर्माना माफी में चल गया है। अब उनकी जांच करके फिर वसूल किया जाए। इसके लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद संभागीय परिवहन विभाग में हलचल मच गई है। उन्हें अब दोबारा चार पांच साल पुरानी और एक साथ चार साल की फाइल को पलटना होगा। इसके बाद श्रेणी तैयार की जाएगी, फिर संभागीय परिवहन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक जनपद में एक हजार से अधिक वाहन स्वामी दायरें में आएंगे।
इस संबंध एआरटीओ संजय सिंह ने बताया कि कमेटी गठित की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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किन मामलों में फिर भरना पड़ सकता है जुर्माना
- वर्ष 2017 से 2021 के बीच के माफ चालानों की होगी समीक्षा
- बार-बार यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन स्वामी जांच के दायरे में
- गंभीर अपराध या खतरनाक ड्राइविंग से जुड़े मामलों की होगी अलग जांच
- जिला स्तर पर विशेष कमेटी करेगी फाइलों का परीक्षण
- पात्र पाए जाने पर दोबारा जुर्माना वसूला जाएगा
- सिद्धार्थनगर में एक हजार से अधिक वाहन स्वामी प्रभावित होने का अनुमान
- अंतिम संख्या जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी
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क्या है मामला
- कोविड काल के दौरान वर्ष 2017 से 2021 के बीच किए गए लाखों ई-चालानों को सरकार ने राहत देते हुए माफ कर दिया था। बाद में इस फैसले को लेकर न्यायालय में मामला पहुंचा। न्यायालय ने पाया कि माफी का लाभ ऐसे वाहनों को भी मिल गया, जो बार-बार नियम उल्लंघन या गंभीर यातायात अपराधों में शामिल थे। इसके बाद संबंधित मामलों की दोबारा जांच कर जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। अब परिवहन विभाग जिला स्तर पर कमेटी बनाकर पुराने रिकॉर्ड की जांच करेगा और दोषी पाए जाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
न्यायालय के निर्देश के क्रम में कमेटी गठित की जाएगी। जांच के बाद पात्र मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- संजय सिंह, एआरटीओ, सिद्धार्थनगर
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यातायात नियम तोड़ने वाले वाले वाहनों पर जुर्माना का प्रावधान है, जिससे कोई नियम का उल्लंघन न करे। इसमें समय- समय पर जुर्माना और कार्रवाई के नियम के कायदे में बदलाव होता रहता है। वर्ष 2017 से 2021 के बीच में हुए चालान को सरकार की ओर से माफ कर दिया गया था। कोडिव काल के बीच जुर्माना राशि को माफ किया गया था। इस मामले को कोर्ट ने संज्ञान में लिया और 13 लाख में चार लाख वाहनों की दोबारा फाइल खोलने और जुर्माना जमा कराने के संबंध में आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद हलचल मच गई है। क्योंकि, जिन चार लाख वाहनों की जांच और जुर्माना वसूल करने के लिए कहा है कि उनमें बार- बार नियम तोड़ने और अन्य गंभीर अपराध के मामले में हैं और उनका भी जुर्माना माफी में चल गया है। अब उनकी जांच करके फिर वसूल किया जाए। इसके लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद संभागीय परिवहन विभाग में हलचल मच गई है। उन्हें अब दोबारा चार पांच साल पुरानी और एक साथ चार साल की फाइल को पलटना होगा। इसके बाद श्रेणी तैयार की जाएगी, फिर संभागीय परिवहन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक जनपद में एक हजार से अधिक वाहन स्वामी दायरें में आएंगे।
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इस संबंध एआरटीओ संजय सिंह ने बताया कि कमेटी गठित की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किन मामलों में फिर भरना पड़ सकता है जुर्माना
- वर्ष 2017 से 2021 के बीच के माफ चालानों की होगी समीक्षा
- बार-बार यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन स्वामी जांच के दायरे में
- गंभीर अपराध या खतरनाक ड्राइविंग से जुड़े मामलों की होगी अलग जांच
- जिला स्तर पर विशेष कमेटी करेगी फाइलों का परीक्षण
- पात्र पाए जाने पर दोबारा जुर्माना वसूला जाएगा
- सिद्धार्थनगर में एक हजार से अधिक वाहन स्वामी प्रभावित होने का अनुमान
- अंतिम संख्या जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी
क्या है मामला
- कोविड काल के दौरान वर्ष 2017 से 2021 के बीच किए गए लाखों ई-चालानों को सरकार ने राहत देते हुए माफ कर दिया था। बाद में इस फैसले को लेकर न्यायालय में मामला पहुंचा। न्यायालय ने पाया कि माफी का लाभ ऐसे वाहनों को भी मिल गया, जो बार-बार नियम उल्लंघन या गंभीर यातायात अपराधों में शामिल थे। इसके बाद संबंधित मामलों की दोबारा जांच कर जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। अब परिवहन विभाग जिला स्तर पर कमेटी बनाकर पुराने रिकॉर्ड की जांच करेगा और दोषी पाए जाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
न्यायालय के निर्देश के क्रम में कमेटी गठित की जाएगी। जांच के बाद पात्र मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- संजय सिंह, एआरटीओ, सिद्धार्थनगर