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Siddharthnagar News: महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं, रेफर होती हैं महिलाएं

Wed, 13 Mar 2024 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 13 Mar 2024 12:27 AM IST
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Female doctor is not posted, women are referred
सिद्धार्थनगर। सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का दावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा में दम तोड़ रहा है। महिला चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण महिलाओं को दिक्कत होती है। यहां पर नॉर्मल डिलीवरी तो करा दी जाती है, लेकिन गंभीर होने पर जिला अस्पताल या फिर निजी अस्पताल को दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे जहां रुपये खर्च हो रहा है, वहीं समय की बर्बादी हो रही है।
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ब्लॉक क्षेत्र की ढाई लाख की आबादी खेसरहा स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। इस अस्पताल की स्थापना 1959 में हुई थी। तब से लेकर आज तक किसी महिला डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई। इलाज के लिए यहां के महिलाओं को लंबी दूरी तय कर बस्ती व गोरखपुर जाने की मजबूरी रहती है। वैसे तो इस सीएचसी पर फिजिशियन, जनरल सर्जन, हड्डी रोग से संबंधित विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सक पिछले कई वर्षों से नहीं हैं। यह सीएचसी 30 बेड का है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते मरीज भर्ती नहीं होते हैं। इसमें सबसे अधिक समस्या महिलाओं को होती है। गर्भवतियों की नाॅर्मल डिलीवरी तो हो जाती है। लेकिन गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल या फिर निजी अस्पताल पर जाना पड़ता है। निजी अस्पताल जाने पर लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इसके साथ ही दौड़भाग करने में दिक्कत होती है। लेकिन जिम्मेदार इससे बेखबर बने हुए हैं।
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इतने चिकित्सक का पद और तैनाती
मानक के अनुसार किसी भी सीएचसी पर 12 डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। यहां मौजूदा समय में पांच एमबीबीएस डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, चार स्टाफ नर्स व दो वार्ड ब्वाय की तैनाती है। जबकि एक सीएचसी पर स्वीकृत पद में 12 चिकित्सक, चार फार्मासिस्ट, आठ स्टाफ नर्स, चार वार्डव्वाय, छह स्वीपर की तैनाती होनी चाहिए।
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महिला हो या पुरुष काफी लोग गठिया रोग से ग्रसित हैं। लोगों को हड्डी रोग से जुड़े चिकित्सक की जरूरत होती है। बिना उनके परामर्श के इलाज संभव नहीं है। ऐसे में हड्डी व महिला से संबंधित डॉक्टर की तैनाती आवश्यक है।

-निरुपमा श्रीवास्तव, निवासी बेलौहा बाजार
सीएचसी खेसरहा में महिला डॉक्टर नहीं होने से यहां की महिलाओं को जिला अस्पताल से लेकर बस्ती व गोरखपुर की यात्रा कर अपना इलाज कराना पड़ता है। यह बहुत ही कष्टदायक है।
-मीरा देवी, निवासी नासिरगंज
अभी महिला सहित कई चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। इसके लिए शासन से मांग की गई है। चिकित्सक मिलते ही तैनात कर दिया जाएगा।
-डॉ. डीके चौधरी, सीएमओ
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