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बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास
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बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास
पॉक्सो कोर्ट ने पहली बार पांच दिन की सुनवाई के बाद किया फैसला
मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के एक गांव में एक माह आठ दिन पूर्व हुई थी घटना
पीड़िता को पुनर्वासन के लिए दो लाख रुपये प्रतिकर देगी प्रदेश सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के एक गांव में एक माह आठ दिन पूर्व अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म के आरोपी पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पहली बार मात्र पांच दिनों की सुनवाई के बाद ही अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राम चंद्र यादव-1 ने पीड़िता को पुनर्वासन के लिए प्रदेश सरकार से दो लाख रुपये प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है।
मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 16 अक्तूबर 2019 पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 15 अक्तूबर की भोर में उसके पति ने अपनी ही नाबालिग पुत्री (13) के साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी। एसओ मिश्रौलिया आलोक श्रीवास्तव ने मामले की त्वरित विवेचना करते हुए 18 नवंबर को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राम चन्द्र यादव-1 ने मात्र पांच दिन की सुनवाई के बाद ही फैसला सुना दिया। उन्होंने आरोपी पिता को आजीवन कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड न देने पर 10 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अर्थदंड की धनराशि के साथ पुनर्वासन के लिए प्रदेश सरकार को दो लाख रुपये दिए जाने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कोर्ट पवन कर पाठक ने पीड़िता की तरफ से पक्ष रखा।
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पॉक्सो कोर्ट ने पहली बार पांच दिन की सुनवाई के बाद किया फैसला
मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के एक गांव में एक माह आठ दिन पूर्व हुई थी घटना
पीड़िता को पुनर्वासन के लिए दो लाख रुपये प्रतिकर देगी प्रदेश सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के एक गांव में एक माह आठ दिन पूर्व अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म के आरोपी पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पहली बार मात्र पांच दिनों की सुनवाई के बाद ही अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राम चंद्र यादव-1 ने पीड़िता को पुनर्वासन के लिए प्रदेश सरकार से दो लाख रुपये प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है।
मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 16 अक्तूबर 2019 पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 15 अक्तूबर की भोर में उसके पति ने अपनी ही नाबालिग पुत्री (13) के साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी। एसओ मिश्रौलिया आलोक श्रीवास्तव ने मामले की त्वरित विवेचना करते हुए 18 नवंबर को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राम चन्द्र यादव-1 ने मात्र पांच दिन की सुनवाई के बाद ही फैसला सुना दिया। उन्होंने आरोपी पिता को आजीवन कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड न देने पर 10 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अर्थदंड की धनराशि के साथ पुनर्वासन के लिए प्रदेश सरकार को दो लाख रुपये दिए जाने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कोर्ट पवन कर पाठक ने पीड़िता की तरफ से पक्ष रखा।
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