फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Farmers should sow wheat on time, production will increase

Siddharthnagar News: किसान समय पर करें गेहूं की बुवाई, बढ़ेगा उत्पादन

Tue, 11 Nov 2025 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 11 Nov 2025 01:51 AM IST
विज्ञापन
Farmers should sow wheat on time, production will increase
औराताल। धान की फसल की कटाई के साथ-साथ गेहूं की फसल की बुवाई भी चल रही है। कृषि विभाग ने किसानों को पांच बिंदुओं का ध्यान रखने की सलाह दी है ताकि कम लागत में अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सके।
विज्ञापन


कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिक डॉक्टर मारकंडेय सिंह ने बताया कि यदि किसान गेहूं की बुवाई व देखभाल वैज्ञानिक तरीके से करें तो कम लागत में अधिक पैदावार प्राप्त की जा सकती है। किसान खेती के लिए समयानुसार उपयुक्त प्रजाति का बीज का चयन करें। बीज में फफूंद जनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रति किलो बीज में 2.5 ग्राम कारबेडिजिम या 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा विरिडी बायोपेस्टिसाइड का प्रयोग करें। इसके बाद बीज को जैव उर्वरक और नैनो डीएपी से उपचारित कर बुवाई करें। उन्होंने कहा कि खेती में उर्वरकों का प्रयोग मृदा परीक्षण व मृदा स्वास्थ्य कार्ड की संस्तुतियों के अनुसार ही करें। प्रति बीघा खेत में 24 किग्रा यूरिया, 14 किग्रा डीएपी और 6 किग्रा एमओपी का प्रयोग लाभकारी होता है।
विज्ञापन

बुवाई के समय कुल डीएपी व एमओपी और यूरिया का एक तिहाई लगभग आठ किग्रा भाग अवश्य डालें। शेष यूरिया की एक तिहाई मात्रा पहली सिंचाई के बाद और अंतिम एक तिहाई मात्रा 55 से 60 दिन बाद टॉप ड्रेसिंग के रूप में करें। दूसरी टॉप ड्रेसिंग में दानेदार यूरिया की जगह नैनो यूरिया का छिड़काव करें। सीड कम फर्टी ड्रिल सुपर सीडर या हैप्पी सीडर जैसे आधुनिक यंत्रों से बुवाई करने पर बीज और उर्वरक का सही प्लेसमेंट होता है। इससे बीज की बचत के साथ पौधों की वृद्धि भी बेहतर होती है। गेहूं की फसल में बुवाई के 21वें दिन पहली सिंचाई हल्की करनी चाहिए। इस समय पौधे की जड़ें अत्यधिक संवेदनशील होती हैं। समय पर सिंचाई करने से पौधों की वृद्धि और दाने का विकास अच्छा होता है। गेहूं का प्रमुख खरपतवार, फेलरिस माइनर (गेहूं का मामा) है जो समय से नियंत्रित न होने पर पैदावार प्रभावित करता है। इसका समय से उचित नियंत्रण करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed