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जाली करंसी : असली-नकली पहचान के पुख्ता इंतजाम नहीं, कारोबारी सहमे
Wed, 14 Feb 2024 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 14 Feb 2024 01:16 AM IST
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नेपाल के सुनसारी में पुलिस ने पकड़ी है 1.82 करोड़ नकली करंसी
नकली करंसी पकड़े जाने के बाद भारतीयों को नुकसान का डर
हर दिन बाॅर्डर पर 25 लाख रुपये से अधिक नेपाली करंसी होती है एक्सचेंज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाल के सुनसारी में 1.82 करोड़ रुपये नकली नेपाली करंसी पकड़े जाने के बाद वहां कारोबार के लिए जाने वाले ठगी की आशंका से डरे हुए हैं। सीमा से सटे लोग कारोबार के सिलसिले में अक्सर नेपाल जाते हैं। इसके लिए वह भारतीय नोट नेपाली करंसी में एक्सचेंज करते हैं। पर, यहां असली-नकली करंसी की पहचान के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। एक अनुमान के मुताबिक बाॅर्डर क्षेत्र के मुख्य बाजार में 20 लाख रुपये प्रतिदिन एक्सचेंज होता है।
जनपद की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगती है। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता है। इसके साथ ही कारोबार और काठमांडो, पोखरा, प्रभुनाथ, तौलेश्वर नाथ, मनोकामना दर्शन करने के लिए भी लोग नेपाल आते-जाते हैं। बाॅर्डर पर पहुंचते ही लोग भारतीय करंसी को नेपाली से एक्सचेंज करते हैं।
सोमवार को नेपाल के सुनसारी पुलिस ने एक भारतीय नंबर प्लेट की स्कार्पियो में रखी गई 1.82 करोड़ रुपये नकली नेपाली करंसी पकड़ा है। इसके साथ ही एक भारतीय नागरिक पकड़ा गया है। बरामद किए गए नोट एक-एक हजार और अन्य के थे। इस बरामदगी के बाद नेपाल पुलिस सकते में हैं। नेपाल पुलिस से जुड़े लोगों के मुताबिक आशंका है कि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के मालदा होते हुए बिहार और फिर नेपाल पहुंचाई जा रही थी। नेपाल में करंसी पकड़े जाने के बाद नेपाल में जाकर कारोबार करने वाले भारतीय कारोबारियों में डर है कि कहीं उन्हें नकली नोट न थमा दी जाए।
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एक्सचेंज करने वाले भी असल-नकली की पहचान से अंजान हैं। उनके पास नोट की परख के लिए कोई मशीन नहीं है। ऐसे में ठगी का शिकार होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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एक्सचेंज के लिए कपिलवस्तु जिले में 11 हैं पंजीकृत
मुद्रा विनिमय केंद्र का लाइसेंस नेपाल राष्ट्र बैंक देता है। नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार नेपाल के कपिलवस्तु जिले में कुल 11 पंजीकृत मुद्रा विनियम केंद्र हैं। सूत्रों की माने तो जिले में कुल लगभग 150 की संख्या में अवैध मनी एक्सचेंजर संचालित हैं। जो बेधड़क होकर करंसी एक्सचेंज का कार्य करते हैं।
इस प्रकार एक्सचेंज होती है करेंसी
नेपाली से भारतीय रुपये में एक्सचेंज करने पर 1.5 प्रतिशत बट्टा देना पड़ता है। मौजूदा समय में 1000 रुपये की भारतीय मुद्रा के बदले 1600 नेपाली रुपये मिलते हैं। इसमें बट्टा यानी कटौती शामिल नहीं है।
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इतनी करंसी एक साथ ले जाने का है नियम
नेपाल में यात्रा के दौरान केवल 25000 तक भारतीय मुद्रा के छोटे नोट ले जाने की अनुमति है। इससे अधिक ले जाने से पहले उन्हें स्थल सीमा शुल्क कार्यालय से मुद्रा घोषणा पत्र प्राप्त करना होता है।
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फर्जी नोट के पहचान की नहीं है कोई मशीन
सीमा से सटे नेपाल मर्यादपुर कस्बा के चावल व इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि जब से पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत के सुनसारी जिले के इनरूवा से 1.82 करोड़ नेपाली रुपये नकली नोटों को पुलिस ने पकड़ा है। तब से कारोबार के दौरान एहतियात बरता जा रहा है। लेकिन नकली नोटों को परखना व पहचान जानकारी के अभाव में काफी कठिन है। क्योंकि हमारे कोई यंत्र नहीं है।
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बोले-भारतीय कारोबारी
सीमावर्ती कस्बे में नेपाली ग्राहकों पर ही पूरा व्यवसाय टिका है। ऐसे में ग्राहक नेपाली मुद्रा देकर ही सामान की खरीद करते हैं। जब से भारी मात्रा में नेपाली नकली नोट पकड़ा गया है, तब से चिंता बढ़ गई है।
-दिनेश गुप्ता, व्यवसायी, खुनुवां बाॅर्डर
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भारतीय व नेपाली रुपये में लेनदेन करना पड़ता है। नेपाल में पकड़े गए नकली नेपाली नोटों से अब अधिक चौकन्ना रहना पड़ेगा। क्योंकि नेपाली नकली नोट एक हजार के गुणक में अक्सर होते हैं। इससे अधिक नुकसान की संभावना रहती है।
-रविन्द्र कुमार गुप्ता, कस्टम क्लियरिंग एजेंट, खुनुवां
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बांग्लादेश वाया पश्चिम बंगाल ,बिहार होते पहुंच रही करेंसी
पुलिस विभाग से जुड़े एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि सिद्धार्थनगर में तैनाती के दौरान बड़ी मात्रा में 1000 और 500 रुपये के नकली भारतीय करंसी पकड़ी गई थी। छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि यह बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल होते हुए बिहार के कुछ हिस्सों से देश में फैलाए जाते हैं। सीमा खुली होने के कारण नेपाल के रास्ते भी नकली करंसी लाने के इनपुट मिल चुके हैं। अगर नेपाली करंसी नेपाल में पकड़ी गई तो मालदा का कनेक्शन जरूर होगा।
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बोले जिम्मेदार
बाॅर्डर पर एसएसबी के जवान अलर्ट हैं। लगातार चेकिंग और कार्रवाई की जा रही है। बाॅर्डर पर कई बार भारतीय और नेपाली करंसी पकड़ी जा चुकी है। जांच में बरामद रुपये के संबंध में कागजात न दिखा पाने पर कस्टम के तहत जब्ती की कार्रवाई की जा रही है।
-उज्जवल दत्ता, कमांडेंट एसएसबी 43वीं वाहिनी
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नकली करंसी पकड़े जाने के बाद भारतीयों को नुकसान का डर
हर दिन बाॅर्डर पर 25 लाख रुपये से अधिक नेपाली करंसी होती है एक्सचेंज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाल के सुनसारी में 1.82 करोड़ रुपये नकली नेपाली करंसी पकड़े जाने के बाद वहां कारोबार के लिए जाने वाले ठगी की आशंका से डरे हुए हैं। सीमा से सटे लोग कारोबार के सिलसिले में अक्सर नेपाल जाते हैं। इसके लिए वह भारतीय नोट नेपाली करंसी में एक्सचेंज करते हैं। पर, यहां असली-नकली करंसी की पहचान के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। एक अनुमान के मुताबिक बाॅर्डर क्षेत्र के मुख्य बाजार में 20 लाख रुपये प्रतिदिन एक्सचेंज होता है।
जनपद की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगती है। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता है। इसके साथ ही कारोबार और काठमांडो, पोखरा, प्रभुनाथ, तौलेश्वर नाथ, मनोकामना दर्शन करने के लिए भी लोग नेपाल आते-जाते हैं। बाॅर्डर पर पहुंचते ही लोग भारतीय करंसी को नेपाली से एक्सचेंज करते हैं।
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सोमवार को नेपाल के सुनसारी पुलिस ने एक भारतीय नंबर प्लेट की स्कार्पियो में रखी गई 1.82 करोड़ रुपये नकली नेपाली करंसी पकड़ा है। इसके साथ ही एक भारतीय नागरिक पकड़ा गया है। बरामद किए गए नोट एक-एक हजार और अन्य के थे। इस बरामदगी के बाद नेपाल पुलिस सकते में हैं। नेपाल पुलिस से जुड़े लोगों के मुताबिक आशंका है कि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के मालदा होते हुए बिहार और फिर नेपाल पहुंचाई जा रही थी। नेपाल में करंसी पकड़े जाने के बाद नेपाल में जाकर कारोबार करने वाले भारतीय कारोबारियों में डर है कि कहीं उन्हें नकली नोट न थमा दी जाए।
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एक्सचेंज करने वाले भी असल-नकली की पहचान से अंजान हैं। उनके पास नोट की परख के लिए कोई मशीन नहीं है। ऐसे में ठगी का शिकार होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
एक्सचेंज के लिए कपिलवस्तु जिले में 11 हैं पंजीकृत
मुद्रा विनिमय केंद्र का लाइसेंस नेपाल राष्ट्र बैंक देता है। नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार नेपाल के कपिलवस्तु जिले में कुल 11 पंजीकृत मुद्रा विनियम केंद्र हैं। सूत्रों की माने तो जिले में कुल लगभग 150 की संख्या में अवैध मनी एक्सचेंजर संचालित हैं। जो बेधड़क होकर करंसी एक्सचेंज का कार्य करते हैं।
इस प्रकार एक्सचेंज होती है करेंसी
नेपाली से भारतीय रुपये में एक्सचेंज करने पर 1.5 प्रतिशत बट्टा देना पड़ता है। मौजूदा समय में 1000 रुपये की भारतीय मुद्रा के बदले 1600 नेपाली रुपये मिलते हैं। इसमें बट्टा यानी कटौती शामिल नहीं है।
इतनी करंसी एक साथ ले जाने का है नियम
नेपाल में यात्रा के दौरान केवल 25000 तक भारतीय मुद्रा के छोटे नोट ले जाने की अनुमति है। इससे अधिक ले जाने से पहले उन्हें स्थल सीमा शुल्क कार्यालय से मुद्रा घोषणा पत्र प्राप्त करना होता है।
फर्जी नोट के पहचान की नहीं है कोई मशीन
सीमा से सटे नेपाल मर्यादपुर कस्बा के चावल व इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि जब से पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत के सुनसारी जिले के इनरूवा से 1.82 करोड़ नेपाली रुपये नकली नोटों को पुलिस ने पकड़ा है। तब से कारोबार के दौरान एहतियात बरता जा रहा है। लेकिन नकली नोटों को परखना व पहचान जानकारी के अभाव में काफी कठिन है। क्योंकि हमारे कोई यंत्र नहीं है।
बोले-भारतीय कारोबारी
सीमावर्ती कस्बे में नेपाली ग्राहकों पर ही पूरा व्यवसाय टिका है। ऐसे में ग्राहक नेपाली मुद्रा देकर ही सामान की खरीद करते हैं। जब से भारी मात्रा में नेपाली नकली नोट पकड़ा गया है, तब से चिंता बढ़ गई है।
-दिनेश गुप्ता, व्यवसायी, खुनुवां बाॅर्डर
भारतीय व नेपाली रुपये में लेनदेन करना पड़ता है। नेपाल में पकड़े गए नकली नेपाली नोटों से अब अधिक चौकन्ना रहना पड़ेगा। क्योंकि नेपाली नकली नोट एक हजार के गुणक में अक्सर होते हैं। इससे अधिक नुकसान की संभावना रहती है।
-रविन्द्र कुमार गुप्ता, कस्टम क्लियरिंग एजेंट, खुनुवां
बांग्लादेश वाया पश्चिम बंगाल ,बिहार होते पहुंच रही करेंसी
पुलिस विभाग से जुड़े एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि सिद्धार्थनगर में तैनाती के दौरान बड़ी मात्रा में 1000 और 500 रुपये के नकली भारतीय करंसी पकड़ी गई थी। छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि यह बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल होते हुए बिहार के कुछ हिस्सों से देश में फैलाए जाते हैं। सीमा खुली होने के कारण नेपाल के रास्ते भी नकली करंसी लाने के इनपुट मिल चुके हैं। अगर नेपाली करंसी नेपाल में पकड़ी गई तो मालदा का कनेक्शन जरूर होगा।
बोले जिम्मेदार
बाॅर्डर पर एसएसबी के जवान अलर्ट हैं। लगातार चेकिंग और कार्रवाई की जा रही है। बाॅर्डर पर कई बार भारतीय और नेपाली करंसी पकड़ी जा चुकी है। जांच में बरामद रुपये के संबंध में कागजात न दिखा पाने पर कस्टम के तहत जब्ती की कार्रवाई की जा रही है।
-उज्जवल दत्ता, कमांडेंट एसएसबी 43वीं वाहिनी