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Siddharthnagar News: सुविधाएं बढ़ीं, फिर भी गंभीर नवजात हो रहे रेफर

Sat, 12 Sep 2026 11:23 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 11:23 PM IST
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Facilities have increased, yet critical newborns are still being referred.
मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेती स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। सुरक्षित प्रसव और नवजातों की देखभाल के लिए जिले में सरकारी स्तर पर सुविधाओं का विस्तार हुआ है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू), वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था है। इसके बावजूद गंभीर स्थिति वाले नवजातों को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की जरूरत बनी हुई है।
मेडिकल कॉलेज के अनुसार एक साल में करीब 35 नवजातों को गोरखपुर या अन्य उच्च केंद्रों के लिए रेफर किया गया। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि इन बच्चों को किन परिस्थितियों में उच्च केंद्र भेजना पड़ा और उपलब्ध सुविधाओं के बावजूद रेफरल की जरूरत क्यों पड़ी।
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मेडिकल कॉलेज में 24 बेड के एसएनसीयू में जांच के समय दो बेड खाली बताए गए। जरूरत पड़ने पर दो वेंटिलेटर उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। रात में एक बाल रोग विशेषज्ञ अस्पताल में मौजूद रहते हैं, जबकि दूसरे को ऑन-कॉल रखा जाता है।
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अस्पताल के अनुसार एनेस्थेटिस्ट और प्रशिक्षित वेंटिलेटर स्टाफ की भी व्यवस्था है। ऑक्सीजन के लिए लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के साथ सिलिंडर बैकअप की व्यवस्था बताई गई है। बिजली जाने पर ऑक्सीजन और वेंटिलेटर 10 से 15 मिनट तक बैकअप पर चल सकते हैं। इसके बाद तत्काल जनरेटर चालू करने की व्यवस्था बताई गई है।

गंभीर नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे एसएनसीयू में शिफ्ट किया जाता है। जरूरत पड़ने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से संपर्क कर रेफर किया जाता है। अस्पताल के अनुसार एंबुलेंस पांच से 10 मिनट में उपलब्ध हो जाती है। हालांकि एक साल में रेफर किए गए 35 नवजातों में कितनों को वेंटिलेटर की जरूरत थी, कितनों के लिए एसएनसीयू की सुविधा पर्याप्त नहीं थी और कितनों को विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा गया, इसका अलग-अलग आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है।व
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