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Siddharthnagar News: पांच देशों के विशेषज्ञ करेंगे उच्च शिक्षा पर मंथन

Fri, 06 Jan 2023 10:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Jan 2023 10:39 PM IST
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Experts from five countries will brainstorm on higher education
पांच देशों के विशेषज्ञ करेंगे उच्च शिक्षा पर मंथन
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सिद्धार्थनगर। नेपाल के लुंबिनी में 11 जनवरी से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ होगा। सेमिनार में पांच देशों के विशेषज्ञ उच्च शिक्षा के विकास के लिए योजनाओं पर मंथन करेंगे। सेमिनार में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, पुर्तगाल व फिलीपींस के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना है कि विदेशी विश्वविद्यालयों से अनुबंध कर उच्च शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाया जाए। त्रिभुवन विश्वविद्यालय के लुंबिनी वाणिज्य परिसर में आयोजित होने वाले सेमिनार में मेजबान नेपाल, भारत, पाकिस्तान, पुर्तगाल एवं फिलीपींस के विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि आमंत्रित किए गए हैं। सेमिनार में व्यावसायिक प्रबंधन, अर्थशास्त्र, सामयिक नवाचार व सूचना विज्ञान में हुए वैश्विक परिवर्तन पर चर्चा होगी। वहीं, इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय समन्वय से नए प्रतिमान स्थापित करने पर मंथन होगा। दो दिन के सेमिनार के बाद आपसी समझौते हो सकते हैं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय एवं आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. दीपक बाबू सेमिनार में वक्ता होंगे।
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विदेशी कैंपस की तलाशेंगे संभावनाएं
प्रो. दीपक बाबू ने बताया कि सेमिनार के विषयों पर अपनी बात रखने के साथ ही वे सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के शिक्षा स्तर को और बेहतर करने की संभावनाएं तलाशेंगे। दो विश्वविद्यालयों में अनुुबंध होने के बाद यहां विदेशी कैंपस खुल सकते हैं, जबकि भविष्य में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय भी दूसरे देश में अपना कैंपस खोल सकता है।
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प्रस्तावित है अनुबंध
भारत-नेपाल सीमा स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं नेपाल के लुंबिनी विश्वविद्यालय के बीच अनुबंध की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस अनुबंध के बाद दोनों विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं एक-दूसरे के परिसर में अध्ययन करेंगे, जबकि शिक्षक भी गेस्ट फैकल्टी के रूप में लेक्चर देने जा सकेंगे। इस अनुबंध से शोध प्रक्रिया को भी आगे बढ़ने योजना है। विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना है कि यहां विदेशी छात्र-छात्राओं का रुझान बढ़ जाए। विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग 1300 हो गई है। अंतराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र में हिंदू धर्म, जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म दर्शन की शिक्षा के लिए शिक्षकों की नियुक्ति का प्रयास जारी है। इस केंद्र के शुरू होने के बाद भी विदेशी विद्यार्थियों के यहां आकर शिक्षा ग्रहण की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
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