{"_id":"6117fad68ebc3ee07726ca33","slug":"exibition-siddharthnagar-news-gkp405603689","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शनी में दिखी स्वतंत्रता आंदोलन की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शनी में दिखी स्वतंत्रता आंदोलन की झलक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदर्शनी में दिखी स्वतंत्रता आंदोलन की झलक
राजकीय बौद्ध संग्रहालय पिपरहवा में प्रदर्शनी 30 अगस्त तक चलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। आजादी के अमृत महोत्सव और चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रमों की शृंखला में राजकीय बौद्ध संग्रहालय पिपरहवा में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर छायाचित्र प्रदर्शनी शुरू हुई। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी यादों को दर्शाया गया है। संग्रहालय सभागार में यह प्रदर्शनी 30 अगस्त तक चलेगी।
भूतपूर्व सैनिक सूबेदार राम बच्चन प्रसाद ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश स्वतंत्रता आंदोलन का उद्भव एवं क्रांति स्थल रहा है। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी घटनाओं से संबंधित स्थान मेरठ छावनी, देवबंद, बरेली, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर एवं बागपत में इतिहास के महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ का प्रमुख स्थान है, जहां से आंदोलन की चिंगारी फूटी थी।
संग्रहालय के वीथिका सहायक रामानंद प्रजापति ने कहा कि यह प्रदर्शनी हमें यह सीख देती है कि राष्ट्रीय एकता व अखंडता की भावना को अक्षुण्ण रखते हुए देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करना है। इस मौके पर भूतपूर्व सैनिक योगेंद्र सिंह, राम मूरत यादव, पुनीत कुमार मिश्रा, सुभाष दुबे, राजेश, मारकंडे सिंह, विकास सिंह, राम चेला यादव, गुरु प्रसाद जायसवाल, दिलीप शिवकुमार, कृष्णा गौतम, दिलीप पांडेय, अनिल कुमार, रुद्रदेव, अवधेश पाठक, सुनील चौधरी, उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय बौद्ध संग्रहालय पिपरहवा में प्रदर्शनी 30 अगस्त तक चलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। आजादी के अमृत महोत्सव और चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रमों की शृंखला में राजकीय बौद्ध संग्रहालय पिपरहवा में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर छायाचित्र प्रदर्शनी शुरू हुई। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी यादों को दर्शाया गया है। संग्रहालय सभागार में यह प्रदर्शनी 30 अगस्त तक चलेगी।
भूतपूर्व सैनिक सूबेदार राम बच्चन प्रसाद ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश स्वतंत्रता आंदोलन का उद्भव एवं क्रांति स्थल रहा है। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी घटनाओं से संबंधित स्थान मेरठ छावनी, देवबंद, बरेली, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर एवं बागपत में इतिहास के महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ का प्रमुख स्थान है, जहां से आंदोलन की चिंगारी फूटी थी।
विज्ञापन
संग्रहालय के वीथिका सहायक रामानंद प्रजापति ने कहा कि यह प्रदर्शनी हमें यह सीख देती है कि राष्ट्रीय एकता व अखंडता की भावना को अक्षुण्ण रखते हुए देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करना है। इस मौके पर भूतपूर्व सैनिक योगेंद्र सिंह, राम मूरत यादव, पुनीत कुमार मिश्रा, सुभाष दुबे, राजेश, मारकंडे सिंह, विकास सिंह, राम चेला यादव, गुरु प्रसाद जायसवाल, दिलीप शिवकुमार, कृष्णा गौतम, दिलीप पांडेय, अनिल कुमार, रुद्रदेव, अवधेश पाठक, सुनील चौधरी, उपस्थित थे।
विज्ञापन