Siddharthnagar News: हर दूसरे दिन सड़क हादसे में जा रही एक जान, फिर भी नहीं हो रहे सावधान
सिद्धार्थनगर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात नियत का पालन कराया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। विद्यालयों में जाकर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। नियम तोड़ने वालों का चालान करने के साथ ही वाहन को सीज किया जा रहा है।
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हर दूसरे दिन सड़क हादसे में एक की जान जा रही है, लेकिन लोग यातायात नियमों से बेपरवाह होकर वाहन चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सड़क हादसा रोकने में पुलिस विभाग का जागरूकता अभियान भी बेमानी साबित हो रहा है। हादसे में मौतों से परिजन और शुभचिंतकों के आंसू से शहर थर्राने लगता है, फिर भी लोग सावधान नहीं हो रहे हैं।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रविवार को सड़क हादसे में तीन मौतें हुई, जिनके शव पोस्टमार्टम को भेजा गया था। सोमवार को शहर के पोस्टमार्टम हाउस पर शव लेने पहुंचे मृतकों के परिजनों एवं शुभचिंतकों के रोने व बिलखने की आवाज से अशोक मार्ग से गुजर रहे लोग थर्रा जा रहे थे।
अभी इन घटनाओं का सदमा जिले के लोग झेल ही रहे थे कि सोमवार को भी खेसरहा थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। जिसका शव कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेज दिया। एक अप्रैल से 15 मई तक 45 दिन के अंदर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सड़क हादसे में 23 मौते हुई। वहीं मार्च 2023 से पूर्व 10 माह के अंदर हादसों पर नजर दौड़ाएं तो जनपद में 178 सड़क हादसे हो चुके हैं और 97 लोगों की जान गई है। यातायात नियम के प्रति आगाह करने वाली पुलिस अगर सही मायने में सजग होती और लोगों को जागरूक करती तो शायद हादसों में कमी आती।
चालान काटने में व्यस्त एआरटीओ और पुलिस
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए आरटीओ के साथ ही पुलिस विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जाता है। इसमें वाहन चालकों को जागरूक किया जाता है कि वह यातायात नियम का पालन करें। लेकिन पुलिस का अभियान नवंबर माह में चलाया जाता है। इस माह में पुलिस की ओर से वाहन चेकिंग के साथ ही चालकों को हेलमेट लगाने, सीट बेल्ट प्रयोग करने जैसे कई नियम बताए जाते हैं।
इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज में जाकर बच्चों को जागरुक करना होता है। लेकिन पुलिस की जागरूकता केवल कागजों तक सिमट कर रह जाती है। लोगों का कहना है कि अगर जिम्मेदार सही से अपनी जिम्मेदारी की निर्वहन करें तो हादसों में काफी कमी आएगी। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। जिसका नतीजा हादसे पर हादसा।
यहां हो रहे सर्वाधिक हादसे
जनवरी 2023 से अब तक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 157 सड़क हादसे हो चुके हैं, इनमें 165 घायल और 33 मौत हो चुकी हैं। सर्वाधिक हादसे शहर के थरौली समेत जोगिया, बर्डपुर, लोटन, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ क्षेत्र में हो रहे हैं। डुमरियागंज में चार अप्रैल को सड़क हादसे में एक की मौत, यहीं 10 अप्रैल को सड़क हादसे में वृद्ध की मौत और 22 अप्रैल को ईद के दिन डुमरियागंज में दो बाइक टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई थी।
वहीं जोगिया में 18 अप्रैल को सड़क हादसे में एक वृद्ध की मौत हो गई, सात मई को सड़क हादसे में पीआरडी जवान घायल और आठ मई एंबुलेंस की ठोकर से बाइक सवार मामा व भांजे गंभीर रूप से घायल हो गए। 28 अप्रैल को लोटन में ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में आकर युवक की मौत और इटवा में बैंक मैनेजर समेत दो घायल। चार मई को उसका क्षेत्र में सड़क हादसे में युवक घायल, नौ मई को सड़क हादसे में युवक घायल, 10 मई को त्रिलोकपुर में वृद्ध की मौत और 12 मई को उसका बाजार में अनियंत्रित पिकअप पलटने से एक की मौत हो गई।
आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों पर एक नजर
वर्ष हादसे घायल मौत
2020 148 128 100
2021 220 127 148
2022 178 88 97
सिद्धार्थनगर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात नियत का पालन कराया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। विद्यालयों में जाकर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। नियम तोड़ने वालों का चालान करने के साथ ही वाहन को सीज किया जा रहा है।