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Siddharthnagar News: निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल के विरोध में बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
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निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर l विद्युत निगमों के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल के विरोध में बृहस्पतिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सह जिला संयोजक सुनील कुमार प्रजापति ने कहा कि प्रबंधन मनमानी पर उतारू है। आंदोलन को दबाने के लिए कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के जनपद सचिव भास्कर पांडेय ने कहा कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई और निजीकरण के लिए टेंडर जारी किया गया तो बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
उन्होंने कहा कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल पारित करने का प्रयास किया गया, तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी। प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ ही अटेवा के जनपद अध्यक्ष दिनेश चंद्र चौहान ने भी संबोधित किया। इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सूरज प्रजापति, धीरेंद्र यादव सहित तमाम कर्मी शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर l विद्युत निगमों के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल के विरोध में बृहस्पतिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सह जिला संयोजक सुनील कुमार प्रजापति ने कहा कि प्रबंधन मनमानी पर उतारू है। आंदोलन को दबाने के लिए कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के जनपद सचिव भास्कर पांडेय ने कहा कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई और निजीकरण के लिए टेंडर जारी किया गया तो बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
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उन्होंने कहा कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल पारित करने का प्रयास किया गया, तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी। प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ ही अटेवा के जनपद अध्यक्ष दिनेश चंद्र चौहान ने भी संबोधित किया। इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सूरज प्रजापति, धीरेंद्र यादव सहित तमाम कर्मी शामिल रहे।
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