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कैश की किल्लत से बिगड़े हालात
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:33 PM IST
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bank holiday
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सिद्धार्थनगर। बैंकों में कैश की किल्लत अब लोगों पर भारी पड़ने लगी है। विवाह का सीजन होने की वजह से लोगों को नकदी की जरूरत है, जिसे पूरा करने के लिए वे बैंक से एटीएम तक के चक्कर काट रहे हैं। कैश नहीं मिलने से मरीजों का इलाज तक प्रभावित हो रहा है।
जिले में बैंकों की कई शाखाओं में नो कैश का बोर्ड टंगा है तो अधिकांश एटीएम बंद हैं। जिले में यह संकट लगातार 18 दिन से बरकरार है। नकदी की किल्लत से सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है, जिनके घरों में अगले दो-चार दिनों में शादी होने वाली है। बारातियों के स्वागत और बेटी की विदाई के लिए जरूरी इंतजाम करने के लिए उन्हें कैश की जरूरत है और कैश उन्हें मिल नहीं रहा। नकदी की किल्लत का आलम यह है कि लोगों को उधार भी नहीं मिल रहा है। बैंकों में रोजाना विवाद हो रहा है।
ग्राहक अपना गुस्सा उतार रहे हैं तो बैंककर्मी अपनी विवशता जता रहे हैं। उनकी दलील है कि जब कैश आ ही नहीं रहा तो वह कहां से दें। लीड बैंक के अधिकारी ओमप्रकाश अग्रहरि के मुताबिक जिले में विभिन्न बैंकों की 144 शाखाएं और 63 एटीएम हैं। सुचारु रूप से इनके संचालन के लिए तत्काल 200 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। फिलहाल कैश नहीं आ रहा। स्थानीय स्तर पर जो कैश जमा हो रहा है, वही ग्राहकों को दिया जा रहा है। जल्द ही स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
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जिले में बैंकों की कई शाखाओं में नो कैश का बोर्ड टंगा है तो अधिकांश एटीएम बंद हैं। जिले में यह संकट लगातार 18 दिन से बरकरार है। नकदी की किल्लत से सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है, जिनके घरों में अगले दो-चार दिनों में शादी होने वाली है। बारातियों के स्वागत और बेटी की विदाई के लिए जरूरी इंतजाम करने के लिए उन्हें कैश की जरूरत है और कैश उन्हें मिल नहीं रहा। नकदी की किल्लत का आलम यह है कि लोगों को उधार भी नहीं मिल रहा है। बैंकों में रोजाना विवाद हो रहा है।
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ग्राहक अपना गुस्सा उतार रहे हैं तो बैंककर्मी अपनी विवशता जता रहे हैं। उनकी दलील है कि जब कैश आ ही नहीं रहा तो वह कहां से दें। लीड बैंक के अधिकारी ओमप्रकाश अग्रहरि के मुताबिक जिले में विभिन्न बैंकों की 144 शाखाएं और 63 एटीएम हैं। सुचारु रूप से इनके संचालन के लिए तत्काल 200 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। फिलहाल कैश नहीं आ रहा। स्थानीय स्तर पर जो कैश जमा हो रहा है, वही ग्राहकों को दिया जा रहा है। जल्द ही स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
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