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‘मांगों के समाधान तक धरना जारी रहेगा’
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:37 PM IST
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करतीं आशा बहुएं।
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सिद्धार्थनगर। सोलह सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को भी जारी रहा। वहीं शासन ने संगठन के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को काम पर लौटने की चेतावनी दी। ‘नो-वर्क, नो-पे’ के सिद्धांत पर वेतनमान भुगतान करने पर असमर्थता जताई। दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगों के समाधान होने तक धरना जारी रखने की बात कही।
निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार राजेंद्र कुमार सिंह ने प्रदेश महामंत्री प्रभावती देवी व नीलम पांडेय को नोटिस जारी किया। कहा कि 11 अक्टूबर को लक्ष्मण मेला मैदान में धरना प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। शासन ने प्रदेश मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने पर रोक लगा दिया है। अपने जिलों में जाकर पदीय कार्य का निर्वहन करें अन्यथा नो- वर्क, नो -पे के सिद्धांत पर मानदेय का भुगतान करना संभव नहीं है। जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी ने कहा कि 8 अक्टूबर को सीएम योगी आदित्यनाथ से प्रतिनिधिमंडल की वार्ता की गई थी। मांगों के समाधान कराने के लिए समिति गठित करने का आश्वासन भी दिया गया था।
लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जायज मांगों पर सरकार मूक बनी हुई है। प्रदेश नेतृत्व ने शासन को अवगत करा दिया है कि समिति का गठन किया जाए, लेकिन इसमें संगठन का भी प्रतिनिधित्व हो। मांगों के निस्तारण तक जिला मुख्यालय पर कार्यकर्ता धरना जारी रखेंगे। कौशिकी त्रिपाठी, प्रतिमा देवी, रीता पांडेय, मकबूल आलम, शिमला मौर्या, शाकिरा खातून, पूनम त्रिपाठी, चंदा पाल, कांती पांडेय आदि मौजूद रहे।
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निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार राजेंद्र कुमार सिंह ने प्रदेश महामंत्री प्रभावती देवी व नीलम पांडेय को नोटिस जारी किया। कहा कि 11 अक्टूबर को लक्ष्मण मेला मैदान में धरना प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। शासन ने प्रदेश मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने पर रोक लगा दिया है। अपने जिलों में जाकर पदीय कार्य का निर्वहन करें अन्यथा नो- वर्क, नो -पे के सिद्धांत पर मानदेय का भुगतान करना संभव नहीं है। जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी ने कहा कि 8 अक्टूबर को सीएम योगी आदित्यनाथ से प्रतिनिधिमंडल की वार्ता की गई थी। मांगों के समाधान कराने के लिए समिति गठित करने का आश्वासन भी दिया गया था।
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लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जायज मांगों पर सरकार मूक बनी हुई है। प्रदेश नेतृत्व ने शासन को अवगत करा दिया है कि समिति का गठन किया जाए, लेकिन इसमें संगठन का भी प्रतिनिधित्व हो। मांगों के निस्तारण तक जिला मुख्यालय पर कार्यकर्ता धरना जारी रखेंगे। कौशिकी त्रिपाठी, प्रतिमा देवी, रीता पांडेय, मकबूल आलम, शिमला मौर्या, शाकिरा खातून, पूनम त्रिपाठी, चंदा पाल, कांती पांडेय आदि मौजूद रहे।
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