{"_id":"5a8864d94f1c1bb2208b9a71","slug":"drinking-water-crisis-in-kanshiram-colony","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांशीराम कॉलोनी में गहराने लगा पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांशीराम कॉलोनी में गहराने लगा पेयजल संकट
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
कांशीराम आवास में अनुपयोगी साबित हो रही पानी की टंकी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। नगर की काशीराम आवासीय कॉलोनी की पांच हजार आबादी शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हो रही है। जलापूर्ति के लिए बना ओवरहेड टैंक अब तक चालू नहीं हो पाया है। हैंडपंप खराब पड़े हैं तो स्टैंड पोस्ट भी सूखे हैं। सुबह कुछ देर के लिए ट्यूबवेल चलाकर पानी आपूर्ति करके कॉलोनी की प्यास बुझा दी जाती है, लेकिन सुबह के बाद लोग आस-पास के घरों पानी मांगने लगते हैं। निवासियों के बार-बार शिकायत पर भी समस्या का समाधान न होने से लोगों में गुस्सा है। अब गर्मी आने वाली है ऐसे में पानी की कमी कॉलोनिवासियों के लिए और परेशान करने वाली है।
नगर के विभिन्न क्षेत्रों में बसे गरीब व असहाय परिवारों को पक्की छत मुहैया कराते हुए काशीराम आवासीय कॉलोनी बसाई गई थी। कॉलोनी में बने एक हजार आवासों में गुजर-बसर कर रहे करीब पांच हजार की आबादी के लिए शुद्ध पेयजल की समस्या बनी हुई है। जलापूर्ति के लिए जल निगम की ओर से बनाया गया ओवरहेड टैंक अब तक चालू ही नहीं हो पाया है। पूरी कॉलोनी में आठ इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं, जिसमें सिर्फ दो ही चालू हालत में है। अन्य हैंडपंपों की बोरिंग ध्वस्त हो चुकी है तो किसी का ऊपरी हिस्सा ही गायब है।
कॉलोनी के लोग सुबह एक घंटे के लिए होने वाली जलापूर्ति व्यवस्था पर ही निर्भर हैं। लोगों की मानें तो सुबह होने वाली आपूर्ति का यह प्रेशर भी इतना कम होता है कि ऊपरी मंजिल के फ्लैट तक पानी ही नहीं पहुंच पाता। नतीजा वहां रहने वालों को नीचे आकर पानी भरना पड़ता है। सर्दी में पानी की खपत कम होने से लोग जैसे-तैसे गुजारा कर रहे थे, मगर अब गर्मी की दस्तक के साथ पेयजल की किल्लत गहराती जा रही हैं। जिम्मेदारों से बार-बार गुहार लगा चुके लोगों में व्यवस्था के प्रति असंतोष भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर के विभिन्न क्षेत्रों में बसे गरीब व असहाय परिवारों को पक्की छत मुहैया कराते हुए काशीराम आवासीय कॉलोनी बसाई गई थी। कॉलोनी में बने एक हजार आवासों में गुजर-बसर कर रहे करीब पांच हजार की आबादी के लिए शुद्ध पेयजल की समस्या बनी हुई है। जलापूर्ति के लिए जल निगम की ओर से बनाया गया ओवरहेड टैंक अब तक चालू ही नहीं हो पाया है। पूरी कॉलोनी में आठ इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं, जिसमें सिर्फ दो ही चालू हालत में है। अन्य हैंडपंपों की बोरिंग ध्वस्त हो चुकी है तो किसी का ऊपरी हिस्सा ही गायब है।
विज्ञापन
कॉलोनी के लोग सुबह एक घंटे के लिए होने वाली जलापूर्ति व्यवस्था पर ही निर्भर हैं। लोगों की मानें तो सुबह होने वाली आपूर्ति का यह प्रेशर भी इतना कम होता है कि ऊपरी मंजिल के फ्लैट तक पानी ही नहीं पहुंच पाता। नतीजा वहां रहने वालों को नीचे आकर पानी भरना पड़ता है। सर्दी में पानी की खपत कम होने से लोग जैसे-तैसे गुजारा कर रहे थे, मगर अब गर्मी की दस्तक के साथ पेयजल की किल्लत गहराती जा रही हैं। जिम्मेदारों से बार-बार गुहार लगा चुके लोगों में व्यवस्था के प्रति असंतोष भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन