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Siddharthnagar News: डॉ. आंबेडकर ने लोकतंत्र के सिद्धांतों के लिए अप्रतिम योगदान दिया
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के कला संकाय में शनिवार को बाबा साहब और सामाजिक सशक्तीकरण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को समर्पित थी, जिन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और लोकतंत्र के सिद्धांतों के लिए अप्रतिम योगदान दिया।
संगोष्ठी में 120 से अधिक प्रतिभागियों छात्रों, शोधार्थियों, संकाय सदस्यों और विद्वानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी की संकल्पना एवं आयोजन में प्रो. नीता यादव का महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रो. सौरभ ने कहा कि डॉ. आंबेडकर के संविधान निर्माण में योगदान, सामाजिक समरसता के विचार और आर्थिक समानता की अवधारणा है।
तकनीकी सत्र में जिसका संचालन डॉ. अमित कुमार सहानी ने किया तथा अध्यक्षता डॉ. सुनीता त्रिपाठी, डॉ. सच्चिदानंद चौबे एवं डॉ. प्रज्ञेश नाथ त्रिपाठी ने की।
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कुल 34 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। विषयों में सामाजिक न्याय, जाति उन्मूलन, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा सुधार तथा समकालीन संदर्भों में आंबेडकर विचारधारा की प्रासंगिकता प्रमुख रहे। संवाद
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संगोष्ठी में 120 से अधिक प्रतिभागियों छात्रों, शोधार्थियों, संकाय सदस्यों और विद्वानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी की संकल्पना एवं आयोजन में प्रो. नीता यादव का महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रो. सौरभ ने कहा कि डॉ. आंबेडकर के संविधान निर्माण में योगदान, सामाजिक समरसता के विचार और आर्थिक समानता की अवधारणा है।
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तकनीकी सत्र में जिसका संचालन डॉ. अमित कुमार सहानी ने किया तथा अध्यक्षता डॉ. सुनीता त्रिपाठी, डॉ. सच्चिदानंद चौबे एवं डॉ. प्रज्ञेश नाथ त्रिपाठी ने की।
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कुल 34 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। विषयों में सामाजिक न्याय, जाति उन्मूलन, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा सुधार तथा समकालीन संदर्भों में आंबेडकर विचारधारा की प्रासंगिकता प्रमुख रहे। संवाद