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डॉ. आंबेडकर भारत के राष्ट्रीय एकता के प्रतीक : प्रो. हरीश
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के समारोह के अंतर्गत पखवाड़ा कार्यक्रम के क्रम में मंगलवार को भारत के संविधान की उद्देशिका वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि डॉ. आंबेडकर भारत के राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं।
उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के लोगों के लिए अधिकार और कर्तव्य दोनों की अवध एवं समुचित व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक न्याय और बंधुत्व के बड़े समर्थक थे। वह किसी वर्ग विशेष के नहीं अपितु संपूर्ण राष्ट्र के नेता रहे। उन्होंने तत्कालीन परिस्थितियों में उत्पन्न चुनौतियां तथा उज्जवल भविष्य के लिए ऐसा संविधान भारत को दिया जो सदियों तक भारत की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।
डॉ. शिवम शुक्ला ने कहा कि भारत के संविधान की उद्देशिका भारत के भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है। डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सामाजिक समरसता के एक अग्रणी अग्रदूत है। उनके चिंतन में जाति व्यवस्था के विकृत स्वरूप की कटु आलोचना स्पष्ट है।
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के समारोह के अंतर्गत पखवाड़ा कार्यक्रम के क्रम में मंगलवार को भारत के संविधान की उद्देशिका वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि डॉ. आंबेडकर भारत के राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं।
उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के लोगों के लिए अधिकार और कर्तव्य दोनों की अवध एवं समुचित व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक न्याय और बंधुत्व के बड़े समर्थक थे। वह किसी वर्ग विशेष के नहीं अपितु संपूर्ण राष्ट्र के नेता रहे। उन्होंने तत्कालीन परिस्थितियों में उत्पन्न चुनौतियां तथा उज्जवल भविष्य के लिए ऐसा संविधान भारत को दिया जो सदियों तक भारत की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।
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डॉ. शिवम शुक्ला ने कहा कि भारत के संविधान की उद्देशिका भारत के भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है। डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सामाजिक समरसता के एक अग्रणी अग्रदूत है। उनके चिंतन में जाति व्यवस्था के विकृत स्वरूप की कटु आलोचना स्पष्ट है।
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