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Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में बना डॉक्टर डेस्क
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मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन माध्यम से होगा मरीजों का इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज के जिला अस्पताल में बुधवार को प्राचार्य डॉ. के झा ने डॉक्टर डेस्क व आभा काउंटर का शुभारंभ किया। कंप्यूटर सिस्टम पर मरीज की आईडी में दवा लिखेंगे और दवा मेडिकल स्टोर व जांच पैथोलॉजी में पहुंच जाएगी।
ओपीडी में पहले ही कंप्यूटर लगा दिए गए थे, अब उस सिस्टम के माध्यम से दवा लिखी जाएगी। मरीज अपनी आईडी लेकर पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड एवं दवा काउंटर पर जाएगा तो उसकी रिपोर्ट वहां पहले ही पहुंच चुकी होगी। अस्पताल में जो दवा नहीं मिलेगी, उसे पेंडिंग दिखाएगा। इससे मरीजों को सुविधा होगी और दवा उपलब्ध होगी तो उसे अवश्य मिलेगी।
मनोरोग विभाग से हुई शुरुआत
मेडिकल काॅलेज के मनोरोग विभाग में फिलहाल यह सुविधा उपलब्ध की गई है। इसी सप्ताह से अन्य विभागों में भी इसे लागू कराया जाएगा। मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इन दोनों योजनाओं को जारी की है। इससे रोगियों को कहीं भागदौड़ नहीं करना पड़ेगा। आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद रोगी व उसके परिजन यहां पर क्यूआर कोड से अपनी पर्ची जारी होगी। यह पर्ची ऑनलाइन चिकित्सक के कंप्यूटर में यह दिखेगी। यहां पर चिकित्सक जांच करने के बाद रोग की केस हिस्ट्री दर्ज करेंगे। इससे रोगियों की होने वाली जांच व दवा वितरण में पूरी पारदर्शिता आएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज के जिला अस्पताल में बुधवार को प्राचार्य डॉ. के झा ने डॉक्टर डेस्क व आभा काउंटर का शुभारंभ किया। कंप्यूटर सिस्टम पर मरीज की आईडी में दवा लिखेंगे और दवा मेडिकल स्टोर व जांच पैथोलॉजी में पहुंच जाएगी।
ओपीडी में पहले ही कंप्यूटर लगा दिए गए थे, अब उस सिस्टम के माध्यम से दवा लिखी जाएगी। मरीज अपनी आईडी लेकर पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड एवं दवा काउंटर पर जाएगा तो उसकी रिपोर्ट वहां पहले ही पहुंच चुकी होगी। अस्पताल में जो दवा नहीं मिलेगी, उसे पेंडिंग दिखाएगा। इससे मरीजों को सुविधा होगी और दवा उपलब्ध होगी तो उसे अवश्य मिलेगी।
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मनोरोग विभाग से हुई शुरुआत
मेडिकल काॅलेज के मनोरोग विभाग में फिलहाल यह सुविधा उपलब्ध की गई है। इसी सप्ताह से अन्य विभागों में भी इसे लागू कराया जाएगा। मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इन दोनों योजनाओं को जारी की है। इससे रोगियों को कहीं भागदौड़ नहीं करना पड़ेगा। आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद रोगी व उसके परिजन यहां पर क्यूआर कोड से अपनी पर्ची जारी होगी। यह पर्ची ऑनलाइन चिकित्सक के कंप्यूटर में यह दिखेगी। यहां पर चिकित्सक जांच करने के बाद रोग की केस हिस्ट्री दर्ज करेंगे। इससे रोगियों की होने वाली जांच व दवा वितरण में पूरी पारदर्शिता आएगी।
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