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Siddharthnagar News: ड्यूटी से नदारद रहे डॉक्टर, छत से गिरी बच्ची काे नहीं मिला इलाज
Wed, 15 Jan 2025 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 15 Jan 2025 11:33 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लोटन। सीएचसी पर चिकित्सकों की लापरवाही से मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। बुधवार को छत से गिरकर घायल हुई एक बच्ची का इलाज नहीं हो पाया। सुबह में छत से गिरी धंधरा गांव की रितिका का दोपहर तक डॉक्टरों ने हाल नहीं जाना, इससे आहत परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए।
सरकार के प्रयास के बावजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव नजर नहीं आ रहा है। डिप्टी सीएम खुद अस्पतालों का निरीक्षण करते हैं। इसके बाद भी अस्पतालों में हर रोज लापरवाही सामने आ रही है। सीएचसी लोटन में लगभग छह डॉक्टरों की तैनाती है। लेकिन, बुधवार को किसी सूचना के ही ओपीडी की कुर्सियां 12 बजे तक खाली पड़ी थीं। हालांकि लोग इलाज कराने पहुंच रहे थे। चिकित्सकों की गैर मौजूदगी में भीड़ बढ़ती जा रही थी। क्षेत्र के प्रमोद, प्रेम, जमालू, प्रवीण, मनोज सिंह सहित कई लोगों का कहना है कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर और कर्मचारी अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सीएमओ से शिकायत के बाद एक बजे महिला डाॅक्टर बेग बैठीं। दूसरे कमरे में डाॅक्टर की कुर्सी पर बैठकर फार्मासिस्ट राजेश पांडेय ने मरीजों को देखा।
ऐसी ही लापरवाही से दो सप्ताह पहले जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। सीएचसी लोटन में ओपीडी ही नहीं बल्कि इमरजेंसी में भी डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं।
जबकि सुबह 10 बजे छत से गिरी रितिका पुत्री भोलेनाथ ग्राम धंधरा को बेहोशी की हालत में भर्ती कराने के बाद कोई डॉक्टर देखने के लिए मौजूद नहीं रहा। मजबूर होकर मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा।
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लोटन। सीएचसी पर चिकित्सकों की लापरवाही से मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। बुधवार को छत से गिरकर घायल हुई एक बच्ची का इलाज नहीं हो पाया। सुबह में छत से गिरी धंधरा गांव की रितिका का दोपहर तक डॉक्टरों ने हाल नहीं जाना, इससे आहत परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए।
सरकार के प्रयास के बावजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव नजर नहीं आ रहा है। डिप्टी सीएम खुद अस्पतालों का निरीक्षण करते हैं। इसके बाद भी अस्पतालों में हर रोज लापरवाही सामने आ रही है। सीएचसी लोटन में लगभग छह डॉक्टरों की तैनाती है। लेकिन, बुधवार को किसी सूचना के ही ओपीडी की कुर्सियां 12 बजे तक खाली पड़ी थीं। हालांकि लोग इलाज कराने पहुंच रहे थे। चिकित्सकों की गैर मौजूदगी में भीड़ बढ़ती जा रही थी। क्षेत्र के प्रमोद, प्रेम, जमालू, प्रवीण, मनोज सिंह सहित कई लोगों का कहना है कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर और कर्मचारी अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सीएमओ से शिकायत के बाद एक बजे महिला डाॅक्टर बेग बैठीं। दूसरे कमरे में डाॅक्टर की कुर्सी पर बैठकर फार्मासिस्ट राजेश पांडेय ने मरीजों को देखा।
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ऐसी ही लापरवाही से दो सप्ताह पहले जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। सीएचसी लोटन में ओपीडी ही नहीं बल्कि इमरजेंसी में भी डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं।
जबकि सुबह 10 बजे छत से गिरी रितिका पुत्री भोलेनाथ ग्राम धंधरा को बेहोशी की हालत में भर्ती कराने के बाद कोई डॉक्टर देखने के लिए मौजूद नहीं रहा। मजबूर होकर मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा।
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