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Siddharthnagar News: डॉक्टर का स्थानांतरण... दवा और इलाज के लिए भटक रहे मरीज
Fri, 05 Sep 2025 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 05 Sep 2025 12:42 AM IST
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औराताल। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नउवा गांव में चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को भटकना पड़ रहा है। दो माह पहले डॉक्टर अनु कल्याण मिश्र का स्थानांतरण हो गया।
इसके बाद से किसी नए डॉक्टर की नियुक्ति यहां नहीं हुई। इससे इलाज बेपटरी हो गया है। मरीजों को निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। फार्मासिस्ट इलाज कर रहे हैं। ऐसे में सामान्य बुखार के रोगियों का ही इलाज हो पा रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नउवा गांव पर 50 हजार से अधिक आबादी के इलाज का जिम्मा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। दो माह पहले यहां पर तैनात डॉक्टर का स्थानांतरण हो गया। दूसरे की तैनाती नहीं हुई, जिससे संकट और बढ़ गया है। कारण डॉक्टर न होने के कारण अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। संगवार गांव के अजितेश सिंह, राहुल सिंह, विनोद सिंह, अमन सिंह, लौटू आदि ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने का कारण इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति से रोगियों को इलाज में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में यहां एक फार्मासिस्ट और एक प्रयोगशाला सहायक के साथ एक वार्ड बॉय के भरोसे अस्पताल चल रहा है। साधारण मरीजों को तो फार्मासिस्ट दवा दे देते हैं, लेकिन गंभीर बीमारी से परेशान मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ता है।
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इलाज कराने आए नउवा गांव निवासी राजेंद्र कुमार ने कहा कि कई दिन से जुकाम और बुखार से पीड़ित हूं। दवा लेने आए तब पता चला कि डॉक्टर नहीं हैं। वहीं कैथवलिया निवासी अमरिता देवी ने कहा कि डॉक्टर के होने से सुविधा थी, लेकिन अब दिक्कत है। अस्पताल गांव के नजदीक है। दूर नहीं जा सकती।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा के अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि विभाग की ओर से जल्द ही यहां नए चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी।
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इसके बाद से किसी नए डॉक्टर की नियुक्ति यहां नहीं हुई। इससे इलाज बेपटरी हो गया है। मरीजों को निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। फार्मासिस्ट इलाज कर रहे हैं। ऐसे में सामान्य बुखार के रोगियों का ही इलाज हो पा रहा है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नउवा गांव पर 50 हजार से अधिक आबादी के इलाज का जिम्मा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। दो माह पहले यहां पर तैनात डॉक्टर का स्थानांतरण हो गया। दूसरे की तैनाती नहीं हुई, जिससे संकट और बढ़ गया है। कारण डॉक्टर न होने के कारण अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। संगवार गांव के अजितेश सिंह, राहुल सिंह, विनोद सिंह, अमन सिंह, लौटू आदि ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने का कारण इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति से रोगियों को इलाज में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में यहां एक फार्मासिस्ट और एक प्रयोगशाला सहायक के साथ एक वार्ड बॉय के भरोसे अस्पताल चल रहा है। साधारण मरीजों को तो फार्मासिस्ट दवा दे देते हैं, लेकिन गंभीर बीमारी से परेशान मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ता है।
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इलाज कराने आए नउवा गांव निवासी राजेंद्र कुमार ने कहा कि कई दिन से जुकाम और बुखार से पीड़ित हूं। दवा लेने आए तब पता चला कि डॉक्टर नहीं हैं। वहीं कैथवलिया निवासी अमरिता देवी ने कहा कि डॉक्टर के होने से सुविधा थी, लेकिन अब दिक्कत है। अस्पताल गांव के नजदीक है। दूर नहीं जा सकती।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा के अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि विभाग की ओर से जल्द ही यहां नए चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी।