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जिला अस्पताल में देखे गए गंभीर रोगी, सामान्य मरीज लौटने को हुए विवश

Sat, 21 Mar 2020 07:00 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2020 07:00 PM IST
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Distric Hosptial
शहर से बच्ची की इलाज के लिए पहुंची महिला - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
फोटो-
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सिर्फ गंभीर रोगियों का ही उपचार करने का फरमान
पहले दिन जानकारी के अभाव में जिला अस्पताल से लौटे 500 मरीज
सीएचसी, पीएचसी में भी चिकित्सकों ने गंभीर रोगियों को ही किया अटेंड
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद करने के साथ ही विविध जांच प्रक्रिया को भी ठप करने का निर्णय लिया गया है। सिर्फ गंभीर रोगियों का ही उपचार करने का फरमान मिला है। शनिवार को पहले दिन संयुक्त जिला अस्पताल में पांच सौ तीमारदार अपनों को इलाज कराए बगैर घरों को या निजी चिकित्सकों के पास जाने को विवश हुए। इमरजेंसी वार्ड में ही पहुंचने वालों का उपचार हो सका।
जिला अस्पताल में हर दिन सुबह 8 बजे से लगने वाली भारी भीड़ के बीच शनिवार को सन्नाटा नजर आया। चिकित्सक के कमरों के दरवाजे बंद रहे। सीएम के फरमान की जानकारी न होने के कारण लगभग पांच सौ मरीज पारी-पारी पहुंचते रहे। जिला अस्पताल में कमरा नंबर 26 को फ्लू कार्नर बनाया गया है, जहां गंभीर रोगियों की जांच-पड़ताल करते हुए उपचार की पहल की गई। पैथालॉजी, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे कक्ष में भी सन्नाटा रहा।
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गंभीर रोगियों को ही अटेंड किया गया। पर्ची काउंटर पर भी गंभीर रोग बताने पर ही रिस्पांस दी जा रही थी। शहर की शिखा अपने परिवार के एक बच्चे को इलाज के लिए आई, पर डॉक्टर के न रहने से उन्हें निराश लौटना पड़ा। दुमदुमवा निवासिनी शहनाज भी अपनी बच्ची को लेकर दिखाने आई थी, पर उन्हें भी बैरंग जाना पड़ा। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सिर्फ इमरजेंसी केस ही देखे गए।
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दूसरी ओर डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे डॉ. चंद्रेश उपाध्याय ने जिला मुख्यालय के भीमा पार स्थित एसएसबी कार्यालय पर पहुंचकर जवानों के बीच मास्क का वितरण किया। इस मौके पर बचाव के अन्य तरीकों को भी अवगत कराया। शहर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय कसौंधन की अगुवाई में व्यापारियों के बीच मास्क का वितरण करने के साथ ही रविवार को जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील की।
मुंबई के नाम से भयभीत रहे कर्मी
जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर मुंबई समेत अन्य प्रदेशों से आने वाले मरीजों से स्वास्थ्य कर्मी काफी भयभीत नजर आए। हर व्यक्ति से पूछताछ के बाद ही पर्ची दे रहे थे। मुंबई का नाम बताते ही मरीज से एक मीटर दूर ही रहने की हिदायत देते दिखाई दिए।
बच्चों को घर से न निकलने के लिए शपथ
प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे शिक्षा मित्रों ने जनता कर्फ्यू के मद्देनजर 22 मार्च को अपने-अपने स्कूलों से संबंधित बच्चों को घर से न निकलने के लिए शपथ ली। जागरूकता फैलाने के लिए हर स्तर पर कोशिश करने का फैसला लिया है। आदर्श शिक्षा मित्र शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र शाही के हवाले से जिलाध्यक्ष हेमंत शुक्ला ने दी। उन्होंने जिले के शिक्षा मित्रों से सहयोग की अपेक्षा की है।

स्वास्थ्य मंत्री से मिलने वालों की तलाश तेज
जिले के बांसी विधानसभा क्षेत्र के विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के संक्रमित व्यक्ति से संपर्क रहने के बाद हुई जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस स्थिति के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा राय ने प्रेस विज्ञप्ति में स्वास्थ्य मंत्री से 11 मार्च के बाद से सन्निकट रहने वाले अथवा संपर्क में आए लोगों से 14 दिन तक परिवार वालों, अन्य लोगों के निकट न रहने की अपील की है। ऐसे लोगों को हल्का बुखार, खांसी एवं सांस लेने में तकलीफ हो रहा हो तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करने की अपेक्षा की है।
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