फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Desecrated the education system, teacher reckless

बदहाल रही शिक्षण व्यवस्था, शिक्षक लापरवाह

Fri, 02 Sep 2016 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Fri, 02 Sep 2016 10:28 PM IST
विज्ञापन
Desecrated the education system, teacher reckless
प्राथमिक विद्यालय पिकौरा में रंगाई-पुताई के अभाव में बदहाल स्कूल भवन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
डुमरियागंज। परिषदीय विद्यालयों में सरकार के हर प्रयास के बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित है। भनवापुर विकास क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल के दौरान यह बात उजागर हुई। यहां एक स्कूल पर शिक्षक खर्राटे भरते मिले तो कई जगहों पर मीनू के हिसाब से भोजन न बनने व दूध-फल के वितरण न होने की शिकायत मिली। नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति भी निराशजनक रही।
विज्ञापन

 अमर उजाला टीम शुक्रवार को सुबह 10 बजे प्राथमिक विद्यालय अंदुआ शनिचरा पहुंची तो पता चला कि यहां पंजीकृत 151 बच्चों के सापेक्ष केवल 71 ही उपस्थित थे। एमडीएम में तहरी बना था, पूछने पर बच्चों ने बताया कि उन्हें आज तक दूध व फल वितरित नहीं हुआ है। यहां शौचालय तो बना था, लेकिन उसमें न तो सीट लगी थी और न ही प्लास्टर किया गया था।
विज्ञापन

स्कूल का भवन भी रंगाई-पुताई के अभाव में खस्ताहाल रहा। सुबह साढ़े दस बजे प्राथमिक विद्यालय तेतरी का नजारा बिलकुल अलग था। यहां कक्षा में बच्चे तो मौजूद थे, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए तैनात अध्यापक पवन कुमार यादव कुर्सी पर बैठ कर खर्राटे भरते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

नामांकित  142 बच्चों के सापेक्ष मात्र 85 बच्चे मौजूद रहे। बच्चों ने बताया कि फल तो मिलता है, लेकिन दूध कभी नहीं बांटा गया है। पास के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में नामांकित 40 बच्चों के सापेक्ष मात्र 18 की उपस्थिति मिली। प्रधानाध्यापिका अन्नू श्रीवास्तव बच्चों को पढ़ाती मिलीं। यहां पर भी बच्चों ने बताया फल तो मिलता है लेकिन दूध नहीं बंटता है। स्कूल के कमरें की दीवारों में दरारें पड़ी थीं, जो किसी हादसे का इंतजार कर रही थी।
बता दें कि एक वर्ष पूर्व इसी विद्यालय के गेट ढहने से एक बच्चे की मौत हो गई थी और दो घायल हो गए थे। बावजूद इसके भवन दुरुस्त करने का कोई कार्य नहीं किया गया। सुबह साढ़े 11 बजे  प्राथमिक विद्यालय भरवठिया बाजार में 208 के सापेक्ष 122 बच्चे मौजूद रहे। यहां प्रधानाध्यापक मलिक वहाजुद्दीन ने बताया कि सहायक अध्यापिका जोहरा फहतमा हाजिरी बनाकर दवा लेने गई हैं। वहीं एक अन्य शिक्षिका प्रमिला कुमारी छुट्टी पर हैं। इसके अलावा बुढिय़ा टायर, खुरपहवा और भरवठिया मुस्तकहम स्थित प्राथमिक विद्यालयों के आसपास और परिसर में साफ-सफाई का अभाव दिखा।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरवठिया बाजार और खुरपहवा प्राथमिक स्कूल में शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। वहां पर तैनात अध्यापकों ने बताया कि वह यहां पर नए आए हैं। इसलिए शौचालय के धन आने की जानकारी उन्हें नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed