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Siddharthnagar News: ठंड में बढ़ा अवसाद... एक माह में 15 लोगों ने दी जान

Mon, 09 Dec 2024 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 09 Dec 2024 12:57 AM IST
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Depression increases in cold... 15 people commit suicide in one month
सिद्धार्थनगर। ठंड के साथ-साथ आत्महत्या के मामले बढ़ गए हैं। जिले में एक माह में 15 से अधिक लोगों ने आत्महत्या की है। कोई कमरे में फंदे से तो कोई बाग में पेड़ की डाल से लटक कर जान दे रहा है। आत्महत्या करने वालों में 40 वर्ष आयु से कम वाले शामिल हैं। विशेषज्ञ का कहना है अवसाद से ग्रसित होकर लोग अपनी जान दे रहे हैं।
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जिले में एकाएक आत्महत्या की घटना में इजाफे की वजह जानने की कोशिश की गई तो पता चला कि अवसाद सबसे बड़ी वजह है। मनोचिकित्सक ने बताया कि ठंड के मौसम में तनाव (अवसाद) के मामले में बढ़ते हैं। ऐसे में कई व्यक्ति ऐसे होते हैं जो आत्महत्या कर लेते हैं। हर मरने वाले के पीछे कहीं न कहीं तनाव जरूर रहा होगा। चाहे रोजगार को लेकर, कार्य स्थल पर हो गया फिर मौसम की वजह से हो, बिना वजह कोई आत्महत्या नहीं कर सकता है।
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मनोचिकित्सक ने बताया कि मरने वाला व्यक्ति पहले ही संकेत देने लगता है, उसके कार्य व्यवहार में बदलाव हो जाता है। जैसे गुमसुम, अधिक बोलना या फिर चिड़चिड़ा हो जाना। ऐसे लक्षण सामने आते हैं। इसके साथ ही बार-बार आत्महत्या का ख्याल आता है। अगर किसी के व्यवहार में इस प्रकार के बदलाव आ जाए तो सतर्क हो जाएं। उससे बातचीत कर परेशानी जानने की कोशिश करें हो सके तो मनोचिकित्सक से सलाह लें।
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केस- 1

पेड़ की डाल से लटकी मिली महिला

त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के परसोहन गांव के कुंदा सिवान शुक्रवार रात में पेड़ की डाल से लटक कर एक महिला ने जान दे दी। मृतका छोटका वसंतपुर निवासी गेलई चौहान की पत्नी संगीता (30) के रूप में हुई। गांव वालों ने बताया कि पति और पत्नी दोनों मानसिक रूप से कमजोर हैं। किसी बात को लेकर रात में परिवार में कुछ बात को लेकर विवाद हुआ था, तभी से वह घर से लापता थी। इससे पहले भी वह परेशान रहती थी।

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केस-2

पेड़ की डाल से लटकता मिला युवक का शव

कठेला समय माता थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले मैनिहवा गांव में 22 वर्षीय युवक सनोज ने आत्महत्या कर ली। बृहस्पतिवार को गांव में पेड़ पर फंदे से लटका उसका शव मिला। परिवार के लोगों के मुताबिक खाना खाने के बाद वह घर से निकला था। परिवार मौत के पीछे वजह नहीं जान सका। लेकिन वह किसी बात को लेकर परेशान जरूर था।

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केस-3

पीपल की पेड़ से लटक कर दी जान

चार दिसंबर को मोहाना थाना क्षेत्र के नगर पंचायत कपिलवस्तु के साहिजनवा निवासी नरेंद्र पुत्र विनोद (30) का शव गांव के पूरब पीपल के पेड़ पर रस्सी के सहारे लटकता मिला था। ग्रामीणों के मुताबिक इसका दवा गोरखपुर में चल रहा था, जिसको लेकर कुछ परेशान था। हालांकि परिवार के लोग आत्महत्या के पीछे कुछ जानकारी नहीं दे पाए। वहीं 10 नवंबर से अब तक 15 से अधिक आत्महत्या के मामले में सामने आ चुके हैं। इसमें शादीशुदा महिला की मौत के मामले में दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लग चुका है।
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ठंड में क्यों बढ़ जाते हैं अवसाद के मामले में

विशेषज्ञ का कहना है कि ठंड वाले इलाके में जो लोग अधिक रहते हैं, जिन्हें पहले से डिप्रेशन, एंग्जाइटी या अन्य दिमागी समस्या है। जिनके परिवार में पहले से कोई मानसिक रूप से परेशान या अवसाद से ग्रस्त रहता है। जिन महिलाओं ने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया हो। जो हाल ही में गंभीर बीमारी से उबरा हो। इन पर ठंड में अवसाद का खतरा अधिक है। इन पर परिवार को ध्यान देने की जरूरत है।

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ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क

जो बहुत पसंद या फिर पसंदीदा ऐसे स्थान से मोहभंग होना जाना और वहां जाने का मन नहीं करना। अचानक मन में तरह-तरह के नकारात्मक ख्याल आना, अचानक से उर्जा में कमी और सुस्ती का महसूस होना। सिर भारी लगना और मामूली बात पर गुस्सा करना। लोगों की बातों में मन न लगना और कोई प्रतिक्रिया न देना और आत्म विश्वास में कमी का होना अगर किसी व्यक्ति में दिखता है तो वह अवसाद से ग्रस्त है। अगर यह लंबे समय तक बना रहा और मनोचिकित्सक की सलाह नहीं ली गई तो आत्महत्या जैसे कदम उठा सकता है।


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विशेषज्ञ बोले- नकारात्मक विचार से बचने के लिए करें योग और ध्यान

माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मोहम्मद अफजल खान का कहना है कि तनाव से बचने के लिए सुबह कम से कम 30 मिनट धूप में टहलें। नकारात्मक विचार न आए इसके लिए योग और ध्यान करें। वायरल फीवर से खुद को बचाकर रखें और हमेशा पॉजिटिव रहें और पाॅजिटिव बात करें। नकारात्मक बात करने वालों से दूर रहें। दोस्तों और परिवार को समय दें और उनके साथ घूमें। विटामिन डी युक्त भोजन करें जो तनाव से बचा सकता है।
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