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जिला अस्पताल में शुरू हुई मेडिकल कॉलेज की विभागवार ओपीडी
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जिला अस्पताल में शुरू हुई मेडिकल कॉलेज की विभागवार ओपीडी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की मान्यता प्राप्त होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पण के बाद जिले के लोगों के स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। फिलहाल संयुक्त जिला चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज की विभागवार ओपीडी शुरू हुई है। डॉक्टरों की संख्या और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं बढ़ने की संभावना बढ़ती जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण के दूसरे दिन मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 857 मरीजों को परामर्श दिया गया। मरीजों को देखने और परामर्श देने में मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के डॉक्टर शामिल थे। पहले जिला अस्पताल में डॉक्टर अपने कक्ष में मरीजों को देखते थे, लेकिन इन कमरों में मेडिकल कॉलेज के विभागों के अनुसार, डॉक्टरों की नेम प्लेट लगा दी गई हैं। उस विभाग की फैकल्टी एवं रेजिडेंट डॉक्टर उसी कक्ष में बैठ रहे हैं। वहीं रेजिडेंट डॉक्टरों के कारण भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। ओपीडी में औसतन 800 से 1400 मरीज पहुंचते हैं, जबकि भर्ती मरीजों की संख्या 65 से 110 तक पहुंच रही है।
प्राचार्य डॉक्टर सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की विभागवार ओपीडी शुरू हो गई है। सभी डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जबकि अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्त करने का प्रयास जारी है।
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दो विभागों की सुविधा
मेडिकल कॉलेज की मान्यता के मानक पूरे करने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किया गया है। मेडिकल कॉलेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैकल्टी में 49, सीनियर रेजिडेंट 24 एवं जूनियर रेजिडेंट 50 नियुक्त किए गए हैं, जबकि 30 डॉक्टर जिला अस्पताल में हैं। ओपीडी में मेडिसिन, मानसिक रोग, स्त्री रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, पल्मोनरी मेडिसिन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक, आर्थोपेडिक, दंत रोग विभाग की ओपीडी शुरू हो गई है।
मानसिक रोग विभाग में सीनियर रेजिडेंट डॉ. मोहम्मद अफजल की नियुक्ति से मरीज देखे जा रहे हैं। दंत रोग विभाग में पहले संविदा डॉक्टर के भरोसे तीन दिन ही मरीज का इलाज कराने की सुविधा है। अब मैक्लोफेसियल सर्जन असिस्टेंट प्रो. शिल्पी गंगवार और दो रेजिडेंट डॉक्टर नियुक्त किए गए हैं। अन्य विभागों में भी डॉक्टरों की नियुक्ति का फायदा मरीजों को मिलने वाला है।
चली गईं 31 नर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में अयोध्या और झांसी जिले की 31 नर्सों की ड्यूटी लगाई गई थी। कार्यक्रम समाप्त हुआ तो वे चली गईं। जिला अस्पताल में नर्सों की संख्या कम होने के कारण बाहर से नर्सें बुलाई गई थीं। मेडिकल कॉलेज में नर्स के पद 175 हैं। नर्सों की नियुक्ति के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की मान्यता प्राप्त होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पण के बाद जिले के लोगों के स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। फिलहाल संयुक्त जिला चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज की विभागवार ओपीडी शुरू हुई है। डॉक्टरों की संख्या और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं बढ़ने की संभावना बढ़ती जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण के दूसरे दिन मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 857 मरीजों को परामर्श दिया गया। मरीजों को देखने और परामर्श देने में मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के डॉक्टर शामिल थे। पहले जिला अस्पताल में डॉक्टर अपने कक्ष में मरीजों को देखते थे, लेकिन इन कमरों में मेडिकल कॉलेज के विभागों के अनुसार, डॉक्टरों की नेम प्लेट लगा दी गई हैं। उस विभाग की फैकल्टी एवं रेजिडेंट डॉक्टर उसी कक्ष में बैठ रहे हैं। वहीं रेजिडेंट डॉक्टरों के कारण भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। ओपीडी में औसतन 800 से 1400 मरीज पहुंचते हैं, जबकि भर्ती मरीजों की संख्या 65 से 110 तक पहुंच रही है।
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प्राचार्य डॉक्टर सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की विभागवार ओपीडी शुरू हो गई है। सभी डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जबकि अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्त करने का प्रयास जारी है।
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दो विभागों की सुविधा
मेडिकल कॉलेज की मान्यता के मानक पूरे करने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किया गया है। मेडिकल कॉलेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैकल्टी में 49, सीनियर रेजिडेंट 24 एवं जूनियर रेजिडेंट 50 नियुक्त किए गए हैं, जबकि 30 डॉक्टर जिला अस्पताल में हैं। ओपीडी में मेडिसिन, मानसिक रोग, स्त्री रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, पल्मोनरी मेडिसिन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक, आर्थोपेडिक, दंत रोग विभाग की ओपीडी शुरू हो गई है।
मानसिक रोग विभाग में सीनियर रेजिडेंट डॉ. मोहम्मद अफजल की नियुक्ति से मरीज देखे जा रहे हैं। दंत रोग विभाग में पहले संविदा डॉक्टर के भरोसे तीन दिन ही मरीज का इलाज कराने की सुविधा है। अब मैक्लोफेसियल सर्जन असिस्टेंट प्रो. शिल्पी गंगवार और दो रेजिडेंट डॉक्टर नियुक्त किए गए हैं। अन्य विभागों में भी डॉक्टरों की नियुक्ति का फायदा मरीजों को मिलने वाला है।
चली गईं 31 नर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में अयोध्या और झांसी जिले की 31 नर्सों की ड्यूटी लगाई गई थी। कार्यक्रम समाप्त हुआ तो वे चली गईं। जिला अस्पताल में नर्सों की संख्या कम होने के कारण बाहर से नर्सें बुलाई गई थीं। मेडिकल कॉलेज में नर्स के पद 175 हैं। नर्सों की नियुक्ति के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा।