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नकल विहीन परीक्षा के लिए विश्वविद्यालयों में लागू होगा राउटर
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सिद्घार्थ विश्वविद्यालय पर दीक्षांत समारोह में छात्र छात्राओं के साथ ग्रुप फोटो करती राज्यपाल
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बेटियां सामाजिक बुराइयों का मुंहतोड़ जवाब दें : राज्यपाल
नकल रोकने के लिए प्रदेश के विवि में लगेगा राउटर सिस्टम : उपमुख्यमंत्री
सिद्धार्थ विवि के दीक्षांत समारोह में 32 मेधावियों को मिले गोल्ड मेडल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि पिछले 10 सालों में काफी बदलाव हुआ है। सरकार की योजनाओं से बेटियां आगे बढ़ रही हैं। बेटियां पढ़ने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों का मुंहतोड़ जवाब दें। दहेज प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों का खुलकर विरोध करें। जब शिक्षा साथ होगी तो दहेज का प्रतिकार बेटियां खुद कर सकेंगी।
सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु के तीसरे दीक्षांत समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि स्वर्ण पदक प्राप्त 32 मेधावियों में 20 बेटियां शामिल हैं। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बेटियों को जन्म का अधिकार दें और उन्हें कॉलेज जरूर भेजें। राज्यपाल ने कहा कि देश के विकास में 50 प्रतिशत योगदान बेटियों का है। शिक्षा दूसरे के जीवन को बनाती है। इसलिए शिक्षा अधिकार और कर्तव्यमुखी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत की बात करते हैं पर यह तभी संभव होगा, जब लोग इसके लिए आगे आएंगे।
उन्होंने कहा कि आज पढ़ने की आदत दूर होती जा रही है। युवा मोबाइल के साथ जुड़ गए हैं। ऐसे में वे ज्ञान की वृद्धि नहीं कर सकते। ज्ञान के लिए लाइब्रेरी जाएं और किताबें पढ़ें। उन्होंने विवि से पांच गांवों और हर कॉलेज से एक-एक गांव गोद लेने को कहा। साथ ही जोड़ा कि यह गौतम बुद्ध की धरती है। बुद्ध के विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़ें। अंत में उन्होंने जल्द रिजल्ट निकालने के लिए विश्वविद्यालय की तारीफ की।
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मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि विवि समेत संबद्ध महाविद्यालयों में नकलविहीन परीक्षा पर काफी हद तक सफलता मिली है। इसके बाद भी शत-प्रतिशत शुचितापूर्ण परीक्षा के लिए जल्द ही सभी विवि में राउटर सिस्टम लागू किया जाएगा। कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया और विवि की प्रगति से अवगत कराया। इसके पूर्व स्वर्ण पदक पाने वाले 32 मेधावियों को सम्मानित किया गया। साथ ही 51 हजार 105 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। संचालन शिवम शुक्ला ने किया।
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समारोह में ये भी रहे मौजूद
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु के तीसरे दीक्षांत समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी, विधायक श्याम धनी राही व चौधरी अमर सिंह, आयुक्त अनिल कुमार सागर, आईजी आशुतोष शुक्ला, डीएम दीपक मीणा, एसपी विजय ढुल, यश भारती से सम्मानित मणेंद्र मिश्रा मशाल आदि मौजूद रहे।
विवि के कर्मचारी टीबी रोगी बच्चों को गोद लें
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2025 तक भारत को टीबी मुक्त राष्ट्र घोषित करना चाहते हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 तक की मोहलत दी है। पीएम चाहते हैं कि भारत इससे पहले टीबीमुक्त हो। इसके लिए विवि का एक-एक कर्मचारी एक-एक टीबी रोगी बच्चों को गोद ले ताकि भारत को टीबीमुक्त किया जा सके।
जल्द भरे जाएंगे शिक्षकों के पद
उप मुख्यमंत्री प्रो दिनेश शर्मा ने कहा कि सिद्धार्थ विवि में जल्द ही शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी। नए रेगुलेशन के तहत नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही नेपाल की शासकीय सूची में सिद्धार्थ विवि का नाम दर्ज कराया जाएगा। इस बीच उन्होंने युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा के लिए विवि में शोध गंगा, लाइब्रेरी, कॉमन कोर्सेस चलाने की भी बात कही।
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बेटियां सामाजिक बुराइयों का मुंहतोड़ जवाब दें : राज्यपाल
नकल रोकने के लिए प्रदेश के विवि में लगेगा राउटर सिस्टम : उपमुख्यमंत्री
सिद्धार्थ विवि के दीक्षांत समारोह में 32 मेधावियों को मिले गोल्ड मेडल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि पिछले 10 सालों में काफी बदलाव हुआ है। सरकार की योजनाओं से बेटियां आगे बढ़ रही हैं। बेटियां पढ़ने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों का मुंहतोड़ जवाब दें। दहेज प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों का खुलकर विरोध करें। जब शिक्षा साथ होगी तो दहेज का प्रतिकार बेटियां खुद कर सकेंगी।
सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु के तीसरे दीक्षांत समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि स्वर्ण पदक प्राप्त 32 मेधावियों में 20 बेटियां शामिल हैं। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बेटियों को जन्म का अधिकार दें और उन्हें कॉलेज जरूर भेजें। राज्यपाल ने कहा कि देश के विकास में 50 प्रतिशत योगदान बेटियों का है। शिक्षा दूसरे के जीवन को बनाती है। इसलिए शिक्षा अधिकार और कर्तव्यमुखी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत की बात करते हैं पर यह तभी संभव होगा, जब लोग इसके लिए आगे आएंगे।
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उन्होंने कहा कि आज पढ़ने की आदत दूर होती जा रही है। युवा मोबाइल के साथ जुड़ गए हैं। ऐसे में वे ज्ञान की वृद्धि नहीं कर सकते। ज्ञान के लिए लाइब्रेरी जाएं और किताबें पढ़ें। उन्होंने विवि से पांच गांवों और हर कॉलेज से एक-एक गांव गोद लेने को कहा। साथ ही जोड़ा कि यह गौतम बुद्ध की धरती है। बुद्ध के विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़ें। अंत में उन्होंने जल्द रिजल्ट निकालने के लिए विश्वविद्यालय की तारीफ की।
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मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि विवि समेत संबद्ध महाविद्यालयों में नकलविहीन परीक्षा पर काफी हद तक सफलता मिली है। इसके बाद भी शत-प्रतिशत शुचितापूर्ण परीक्षा के लिए जल्द ही सभी विवि में राउटर सिस्टम लागू किया जाएगा। कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया और विवि की प्रगति से अवगत कराया। इसके पूर्व स्वर्ण पदक पाने वाले 32 मेधावियों को सम्मानित किया गया। साथ ही 51 हजार 105 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। संचालन शिवम शुक्ला ने किया।
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समारोह में ये भी रहे मौजूद
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु के तीसरे दीक्षांत समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी, विधायक श्याम धनी राही व चौधरी अमर सिंह, आयुक्त अनिल कुमार सागर, आईजी आशुतोष शुक्ला, डीएम दीपक मीणा, एसपी विजय ढुल, यश भारती से सम्मानित मणेंद्र मिश्रा मशाल आदि मौजूद रहे।
विवि के कर्मचारी टीबी रोगी बच्चों को गोद लें
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2025 तक भारत को टीबी मुक्त राष्ट्र घोषित करना चाहते हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 तक की मोहलत दी है। पीएम चाहते हैं कि भारत इससे पहले टीबीमुक्त हो। इसके लिए विवि का एक-एक कर्मचारी एक-एक टीबी रोगी बच्चों को गोद ले ताकि भारत को टीबीमुक्त किया जा सके।
जल्द भरे जाएंगे शिक्षकों के पद
उप मुख्यमंत्री प्रो दिनेश शर्मा ने कहा कि सिद्धार्थ विवि में जल्द ही शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी। नए रेगुलेशन के तहत नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही नेपाल की शासकीय सूची में सिद्धार्थ विवि का नाम दर्ज कराया जाएगा। इस बीच उन्होंने युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा के लिए विवि में शोध गंगा, लाइब्रेरी, कॉमन कोर्सेस चलाने की भी बात कही।