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Siddharthnagar News: जंक फूड से पेट में पनप रहे खतरनाक बैक्टीरिया
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मेडिकल कालेज के ओपीडी में मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते डॉ. गौरव दुबे। संवाद
राहुल त्रिपाठी
सिद्धार्थनगर। तले भूने खाद्य पदार्थ, जंक फूड व शराब का अधिक प्रयोग करने से लोगों में एच पाईलोरी बैक्टीरिया (हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया) लोगों के पेट में पनप रहे हैं। इससे लोगाें में पेट में दर्द, सूजन, जलन व अपच सहित अन्य कई समस्या हो रही है। वहीं यदि यह लंबे समय तक पेट में रह रही है, तो लोगों में कैंसर का लक्षण भी शुरू हो जा रहा है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में पेट में दर्द, सूजन, जलन व अपच के मरीज बढ़ गए हैं, जबकि मरीजों की जांच करवाने पर उनमें एच पाईलोरी बैक्टीरिया पाया जा रहा है। जो मरीजों को काफी परेशान कर रही है। इससे आए दिन लोगों में भोजन नहीं करने, बार-बार शौच जाने जैसी समस्या बढ़ रही है। वहीं चिकित्सकों के अनुसार यदि यह समस्या लंबे समय से है, तो पेट का कैंसर भी हो सकता है।
मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में एच पाइलोरी बैक्टीरिया से संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बच्चे, युवा, महिलाएं व बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में हैं। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि यह बैक्टीरिया उन लोगों के पेट में ज्यादा पाया जा रहा है। जो बाहरी वस्तुओं का सेवन अधिक कर रहे हैं। वहीं शराब का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बैक्टीरिया पेट की बीमारियों का बड़ा कारण है। इससे पेट की परत में सूजन और जलन होने लगती है। यह पेट के कैंसर का कारण भी बनता है। आधुनिक जीवनशैली और बहुत ज्यादा बाहर का खाना इसकी सबसे बड़ी वजह है।
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एच पाइलोरी बैक्टीरिया होने का कारण : चिकित्सकों के अनुसार एच पाइलोरी बैक्टीरिया एसिड को बढ़ाकर अल्सर के गठन में योगदान देता है। पेट की सामान्य सुरक्षा को कमजोर बनाता है और हानिकारक पदार्थ बनाता है। यह बैक्टीरिया आम तौर पर लार, उल्टी, मल, दूषित भोजन या गंदे पानी से फैलता है। इसके बारे में और भी जानकारी की जा रही है, लेकिन यह बाहरी भोजन, शराब व दूषित पानी के कारण ही हो रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि इसमें प्रमुख रूप से मरीजों को मितली और उल्टी आती है। अपच होने लगता है। डकार अधिक आता है। भूख में कमी, सीने में जलन व पेट में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
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सिद्धार्थनगर। तले भूने खाद्य पदार्थ, जंक फूड व शराब का अधिक प्रयोग करने से लोगों में एच पाईलोरी बैक्टीरिया (हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया) लोगों के पेट में पनप रहे हैं। इससे लोगाें में पेट में दर्द, सूजन, जलन व अपच सहित अन्य कई समस्या हो रही है। वहीं यदि यह लंबे समय तक पेट में रह रही है, तो लोगों में कैंसर का लक्षण भी शुरू हो जा रहा है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में पेट में दर्द, सूजन, जलन व अपच के मरीज बढ़ गए हैं, जबकि मरीजों की जांच करवाने पर उनमें एच पाईलोरी बैक्टीरिया पाया जा रहा है। जो मरीजों को काफी परेशान कर रही है। इससे आए दिन लोगों में भोजन नहीं करने, बार-बार शौच जाने जैसी समस्या बढ़ रही है। वहीं चिकित्सकों के अनुसार यदि यह समस्या लंबे समय से है, तो पेट का कैंसर भी हो सकता है।
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मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में एच पाइलोरी बैक्टीरिया से संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बच्चे, युवा, महिलाएं व बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में हैं। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि यह बैक्टीरिया उन लोगों के पेट में ज्यादा पाया जा रहा है। जो बाहरी वस्तुओं का सेवन अधिक कर रहे हैं। वहीं शराब का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बैक्टीरिया पेट की बीमारियों का बड़ा कारण है। इससे पेट की परत में सूजन और जलन होने लगती है। यह पेट के कैंसर का कारण भी बनता है। आधुनिक जीवनशैली और बहुत ज्यादा बाहर का खाना इसकी सबसे बड़ी वजह है।
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एच पाइलोरी बैक्टीरिया होने का कारण : चिकित्सकों के अनुसार एच पाइलोरी बैक्टीरिया एसिड को बढ़ाकर अल्सर के गठन में योगदान देता है। पेट की सामान्य सुरक्षा को कमजोर बनाता है और हानिकारक पदार्थ बनाता है। यह बैक्टीरिया आम तौर पर लार, उल्टी, मल, दूषित भोजन या गंदे पानी से फैलता है। इसके बारे में और भी जानकारी की जा रही है, लेकिन यह बाहरी भोजन, शराब व दूषित पानी के कारण ही हो रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि इसमें प्रमुख रूप से मरीजों को मितली और उल्टी आती है। अपच होने लगता है। डकार अधिक आता है। भूख में कमी, सीने में जलन व पेट में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।