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Siddharthnagar News: राप्ती के कटान से बांध पर मंडराया खतरा, लोग सहमे
Sun, 14 Sep 2025 10:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 14 Sep 2025 10:48 PM IST
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भनवापुर क्षेत्र के बिजौरा गौशाला के अस्तित्व पर मड़राता खतरा व पांच फीट सीमेंट सेड राप्ती में ह
सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के बढ़ते कटान के चलते डुमरियागंज क्षेत्र कराहने लगा है। कहीं कटान की जद में आए हाइटेंशन बिजली टाॅवर हटाए जा रहे हैं तो कहीं गोशाला नदी में विलीन होने के कगार पर है।
कटान स्थलों पर स्थायी बचाव कार्य नहीं होने से राप्ती की तबाही मचाने के पीछे विभागीय लापरवाही भी कम नहीं है। वहीं बांध पर खतरा मंडराते देख देर से सजग हुआ। सिंचाई विभाग बोरियों की व्यवस्था करते नजर आ रहा है। वहीं आए दिन घट-बढ़ रहे नदियों के जलस्तर से लगातार हो रहे कटान से तटवर्ती गांव के लोग सहमे हैं। भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र में राप्ती नदी की कटान की जद में आए बेतनार मुस्तहकम गांव के पास बिजली टाॅवर को हटाया जा रहा है। वहीं रविवार को राप्ती नदी के घट रहे जलस्तर से कटान से भनवापुर क्षेत्र के ही बिजौरा गोशाला और बेतनार मुस्तहकम गांव के पास बांध पर खतरा मंडरा रहा है। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार, पिछले चार दिनों से नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर रविवार को एक बार फिर बढ़ने के बाद घटने लगा है, जिससे बेतनार मुस्तहकम गांव के पास स्थित शाहपुर भोजपुर बांध पर राप्ती के कटान के कारण खतरा मंडराता दिख रहा है।
वहीं ब्लाॅक क्षेत्र के बिजौरा स्थित गोशाला के अस्तित्व पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है। राप्ती नदी के तट पर बना यह गोशाला कभी भी नदी में विलीन हो सकता है। अभी तक गोशाला के एक तरफ स्थित सीमेंट शेड का करीब पांच फीट हिस्सा नदी में समाहित हो चुका है।
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लोगों ने बताया कि इसी तरह राप्ती का कटान जारी रहा तो जल्द ही बिजौरा गोशाला का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। हालांकि नदी के कटान से बांध की सुरक्षा के लिए जेसीबी मशीनों के साथ ही बोरे में भरे बालू को स्टाक कर रखा गया है, जहां जरूरत पड़ने पर कटान वाली स्थानों पर तत्काल लगाने का कार्य किया जा रहा है।
सिंचाई निर्माण खंड के जेई मिथलेश लाल दास ने बताया कि राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा था, मगर अब कम हो रहा है। कटान से बांध को सुरक्षित रखने के लिए पूरी टीम के साथ नजर बनाए हुए हैं। बैदौली में कटान, लोगों में दहशत : पकड़ी बाजार। नेपाल की पहाड़ी नदियों में पानी आने से बानगंगा बैराज का फाटक खोल दिया गया है। बांधों की हालत ठीक न होने से आसपास गांव के लोगों में दहशत है। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बांनगंगा नदी के किनारे पड़ने वाले गांव बैदौली गांव से थोड़ी दूर पर कटान हो रही है। वहीं बैलिहवा एवं नकाही गांव के पास बंधे पर बरसात के पानी से जगह-जगह रेनकट हो गया है। अगर समय रहते सिंचाई विभाग ने ठीक नहीं किया तो तबाही मच सकती है।
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कटान स्थलों पर स्थायी बचाव कार्य नहीं होने से राप्ती की तबाही मचाने के पीछे विभागीय लापरवाही भी कम नहीं है। वहीं बांध पर खतरा मंडराते देख देर से सजग हुआ। सिंचाई विभाग बोरियों की व्यवस्था करते नजर आ रहा है। वहीं आए दिन घट-बढ़ रहे नदियों के जलस्तर से लगातार हो रहे कटान से तटवर्ती गांव के लोग सहमे हैं। भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र में राप्ती नदी की कटान की जद में आए बेतनार मुस्तहकम गांव के पास बिजली टाॅवर को हटाया जा रहा है। वहीं रविवार को राप्ती नदी के घट रहे जलस्तर से कटान से भनवापुर क्षेत्र के ही बिजौरा गोशाला और बेतनार मुस्तहकम गांव के पास बांध पर खतरा मंडरा रहा है। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार, पिछले चार दिनों से नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर रविवार को एक बार फिर बढ़ने के बाद घटने लगा है, जिससे बेतनार मुस्तहकम गांव के पास स्थित शाहपुर भोजपुर बांध पर राप्ती के कटान के कारण खतरा मंडराता दिख रहा है।
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वहीं ब्लाॅक क्षेत्र के बिजौरा स्थित गोशाला के अस्तित्व पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है। राप्ती नदी के तट पर बना यह गोशाला कभी भी नदी में विलीन हो सकता है। अभी तक गोशाला के एक तरफ स्थित सीमेंट शेड का करीब पांच फीट हिस्सा नदी में समाहित हो चुका है।
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लोगों ने बताया कि इसी तरह राप्ती का कटान जारी रहा तो जल्द ही बिजौरा गोशाला का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। हालांकि नदी के कटान से बांध की सुरक्षा के लिए जेसीबी मशीनों के साथ ही बोरे में भरे बालू को स्टाक कर रखा गया है, जहां जरूरत पड़ने पर कटान वाली स्थानों पर तत्काल लगाने का कार्य किया जा रहा है।
सिंचाई निर्माण खंड के जेई मिथलेश लाल दास ने बताया कि राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा था, मगर अब कम हो रहा है। कटान से बांध को सुरक्षित रखने के लिए पूरी टीम के साथ नजर बनाए हुए हैं। बैदौली में कटान, लोगों में दहशत : पकड़ी बाजार। नेपाल की पहाड़ी नदियों में पानी आने से बानगंगा बैराज का फाटक खोल दिया गया है। बांधों की हालत ठीक न होने से आसपास गांव के लोगों में दहशत है। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बांनगंगा नदी के किनारे पड़ने वाले गांव बैदौली गांव से थोड़ी दूर पर कटान हो रही है। वहीं बैलिहवा एवं नकाही गांव के पास बंधे पर बरसात के पानी से जगह-जगह रेनकट हो गया है। अगर समय रहते सिंचाई विभाग ने ठीक नहीं किया तो तबाही मच सकती है।