{"_id":"59188f524f1c1b1d68853f76","slug":"protest-against-wine-shop11","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब की दुकान खुलने पर जोरदार प्रदर्शन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शराब की दुकान खुलने पर जोरदार प्रदर्शन
siddharthnagar
Updated Sun, 14 May 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर।
शहर के भीमापार आवासीय कालोनी में सरकारी देशी शराब की दुकान खुलने पर रविवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। महिलाओं ने घरों से बाहर निकलकर प्रदर्शन किया। विभागीय अधिकारियों पर शासनादेश के उल्लंघन करने का आरोप लगाया। मकान मालकिन ने जबरन दुकान खोलने की बात कही। कालोनीवासियों ने डीएम व एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई करने की मांग की और कार्रवाई न करने पर लोगों ने रेल व रोड जाम करने की चेतावनी दी है।
सदर थाना क्षेत्र के मोहल्ला भीमापार के टोला पिपरहवा की निवासी श्यामरथी देवी ने डीएम को शिकायती देकर कहा कि मकान को किराए पर देकर जीविका चलाती है। मकान के एक हिस्से में फरवरी 2016 से बढ़नी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय करूआ में तैनात शिक्षक शैलेंद्र प्रसाद ब्रहमचारी परिवार समेत बतौर किराएदार रह रहे हैं। दूसरा हिस्सा खाली पड़ा है। एक सप्ताह पूर्व दर्शन-पूजन के लिए बाहर गई थी। शुक्रवार को मोहल्ले के लोगों ने फोन पर सूचना दिया कि मकान में सरकारी देशी शराब की दुकान खुल गई है। आने पर मालूम चला कि शराब कारोबारी ने उसके तीन दामाद में से एक के साथ मिल कर बिना मेरी अनुमति के दुकान को खुलवा दिया है। वहीं मोहल्ला के लोगों ने भी डीएम को ज्ञापन सौंपकर आवासीय कालोनी में शराब की दुकान खुलने पर आपत्ति जताई है। कहा कि आवासीय मोहल्ले में देशी शराब की दुकान खोलना अनुचित है। राजमार्ग से महज 100 मीटर की दूरी पर दुकान को खोलने का कैसे आदेश जारी किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए। इस दौरान आलोक कुमार लोधी, शशि सिंह, संध्या, रघुराज, निरुपमा श्रीवास्तव, रघु कुमार श्रीवास्तव, अनुराग कुमार श्रीवास्तव, अर्चना श्रीवास्तव, हार्दिक श्रीवास्तव, अनमोल, ऋषि राजेश, रवि, रविश कुमार आदि मौजूद रहे।
इस संबंध में डीओ आबकारी अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर मकान मालकिन की इजाजत के बिना दुकान खोली गई है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। आबादी के भीतर भी दुकान नहीं खोली जा सकती। डीएम कुणाल सिल्कू ने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी कि कैसे दुकान को बिना मकान मालकिन की अनुमति व आवासीय कालोनी में खोला गया। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कैसे शिफ्ट हुई आवासीय कालोनी में दुकान
पहले यह देशी शराब की दुकान विकास भवन के सामने स्थित थी। कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में दुकान को ग्राम महनगा में शिफ्ट कर दिया गया। एक माह तक दुकान वहां संचालित भी हुई। उसके बाद शुक्रवार की शाम एकाएक दुकान घनी आवासीय कालोनी में खोल दी गई।
विज्ञापन
शहर के भीमापार आवासीय कालोनी में सरकारी देशी शराब की दुकान खुलने पर रविवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। महिलाओं ने घरों से बाहर निकलकर प्रदर्शन किया। विभागीय अधिकारियों पर शासनादेश के उल्लंघन करने का आरोप लगाया। मकान मालकिन ने जबरन दुकान खोलने की बात कही। कालोनीवासियों ने डीएम व एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई करने की मांग की और कार्रवाई न करने पर लोगों ने रेल व रोड जाम करने की चेतावनी दी है।
सदर थाना क्षेत्र के मोहल्ला भीमापार के टोला पिपरहवा की निवासी श्यामरथी देवी ने डीएम को शिकायती देकर कहा कि मकान को किराए पर देकर जीविका चलाती है। मकान के एक हिस्से में फरवरी 2016 से बढ़नी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय करूआ में तैनात शिक्षक शैलेंद्र प्रसाद ब्रहमचारी परिवार समेत बतौर किराएदार रह रहे हैं। दूसरा हिस्सा खाली पड़ा है। एक सप्ताह पूर्व दर्शन-पूजन के लिए बाहर गई थी। शुक्रवार को मोहल्ले के लोगों ने फोन पर सूचना दिया कि मकान में सरकारी देशी शराब की दुकान खुल गई है। आने पर मालूम चला कि शराब कारोबारी ने उसके तीन दामाद में से एक के साथ मिल कर बिना मेरी अनुमति के दुकान को खुलवा दिया है। वहीं मोहल्ला के लोगों ने भी डीएम को ज्ञापन सौंपकर आवासीय कालोनी में शराब की दुकान खुलने पर आपत्ति जताई है। कहा कि आवासीय मोहल्ले में देशी शराब की दुकान खोलना अनुचित है। राजमार्ग से महज 100 मीटर की दूरी पर दुकान को खोलने का कैसे आदेश जारी किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए। इस दौरान आलोक कुमार लोधी, शशि सिंह, संध्या, रघुराज, निरुपमा श्रीवास्तव, रघु कुमार श्रीवास्तव, अनुराग कुमार श्रीवास्तव, अर्चना श्रीवास्तव, हार्दिक श्रीवास्तव, अनमोल, ऋषि राजेश, रवि, रविश कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस संबंध में डीओ आबकारी अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर मकान मालकिन की इजाजत के बिना दुकान खोली गई है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। आबादी के भीतर भी दुकान नहीं खोली जा सकती। डीएम कुणाल सिल्कू ने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी कि कैसे दुकान को बिना मकान मालकिन की अनुमति व आवासीय कालोनी में खोला गया। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कैसे शिफ्ट हुई आवासीय कालोनी में दुकान
पहले यह देशी शराब की दुकान विकास भवन के सामने स्थित थी। कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में दुकान को ग्राम महनगा में शिफ्ट कर दिया गया। एक माह तक दुकान वहां संचालित भी हुई। उसके बाद शुक्रवार की शाम एकाएक दुकान घनी आवासीय कालोनी में खोल दी गई।