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दीवानी कचहरी की बालकनी से वादकारी ने लगाई छलांग, गंभीर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 01 Sep 2016 10:35 PM IST
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बदमाश
- फोटो : amar ujala
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सिद्धार्थनगर। दीवानी कचहरी के परिवार न्यायालय में तारीख पर आए पति ने गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे अधिवक्ता, पत्नी व ससुर के सामने बालकनी से कूद कर आत्महत्या का प्रयास किया। घायल व्यक्ति का नाम प्रदीप कुमार (30) है। वह कोतवाली बांसी के ग्राम गोनहा ताल का निवासी है। गंभीर रूप से घायल वादकारी को एडीजे प्रथम ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
घायल वादकारी के अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार न्यायालय में पत्नी उर्मिला (26) से हर्जाना-खर्च का पिछले दो वर्षों से मुकदमा चल रहा था। प्रदीप ने पत्नी की विदाई के लिए भी अदालत में दावा कर रखा था। चार अगस्त को न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने पति को आदेश दिया था कि ससुराल जाकर पत्नी को विदा कराए।
अगली तारीख को प्रगति जानने के लिए न्यायाधीश ने पति से पूछा तो साथ आए कोतवाली बांसी के ग्राम बेलभनवा निवासी ससुर मंगरू ने कहा कि पत्नी को विदा कराने के बजाय वह केवल बेटे कृष्णा (3) को ले जाने के लिए दबाव बना रहे थे। पत्नी को साथ ले जाने से मना कर दिया।
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जिरह समाप्त होने के बाद अदालत ने दोबारा ससुराल जाने का आदेश देते हुए 30 सितंबर तारीख लगा दिया। दोनों पक्ष बाहर निकल कर सुलह समझौते की बात करने लगे, इसी बीच फिर से बच्चे को ले जाने की बात पर बहस शुरू हो गई कि एकाएक पति ने छलांग लगा दिया। घायलावस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं वहीं पत्नी घायलावस्था में पति की की सेवा में जुटी हुई थी।
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घायल वादकारी के अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार न्यायालय में पत्नी उर्मिला (26) से हर्जाना-खर्च का पिछले दो वर्षों से मुकदमा चल रहा था। प्रदीप ने पत्नी की विदाई के लिए भी अदालत में दावा कर रखा था। चार अगस्त को न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने पति को आदेश दिया था कि ससुराल जाकर पत्नी को विदा कराए।
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अगली तारीख को प्रगति जानने के लिए न्यायाधीश ने पति से पूछा तो साथ आए कोतवाली बांसी के ग्राम बेलभनवा निवासी ससुर मंगरू ने कहा कि पत्नी को विदा कराने के बजाय वह केवल बेटे कृष्णा (3) को ले जाने के लिए दबाव बना रहे थे। पत्नी को साथ ले जाने से मना कर दिया।
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जिरह समाप्त होने के बाद अदालत ने दोबारा ससुराल जाने का आदेश देते हुए 30 सितंबर तारीख लगा दिया। दोनों पक्ष बाहर निकल कर सुलह समझौते की बात करने लगे, इसी बीच फिर से बच्चे को ले जाने की बात पर बहस शुरू हो गई कि एकाएक पति ने छलांग लगा दिया। घायलावस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं वहीं पत्नी घायलावस्था में पति की की सेवा में जुटी हुई थी।