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विदेश भेजने के नाम पर 85 हजार की धोखाधड़ी
siddharthnagar
Updated Mon, 01 May 2017 11:24 PM IST
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सिद्धार्थनगर । पुलिस आफिस में सोमवार को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया। सूदखोर व जालसाज के उत्पीड़न से मां की मौत के बाद मरणासन्न पिता की जान बचाने की गुहार लगाई। मासूम बच्चों ने रिश्तेदारों के साथ पहुंच सीओ सदर को पूरी व्यथा बताई।
थाना उसका बाजार के ग्राम सकलदीप की रहने वाली गुडिय़ा ने सीओ सदर अकमल खान से कहा कि उनके पिता शिवपूजन को सउदी अरब में नौकरी दिलाने के नाम पर थाना के बगल में रहने वाले तीन व्यक्तियों ने वर्ष 2011 में 85 हजार रुपये लिया था। फर्नीचर के कारीगर पिता ने 15 दिसंबर 2011 को घर में मौजूद 46 हजार रुपया दिया था। उसके बाद 26 जनवरी 2012 को 12 हजार रुपये दिया। इसके लिए उसके पिता ने ग्राम अशोगवा निवासी एक व्यक्ति से 12 हजार रुपये ब्याज पर लिया था। इसके बाद जालसाजों ने 20 हजार रुपये की फिर से मांग किया। जब यह रुपया नहीं दिया तो घर से दो बकरों को उठा ले गए। जब भी पिता विदेश जाने की बात करते तो जालसाज कागज आने का आश्वासन देते रहे। दूसरी तरफ ब्याज पर रुपये देने वाले ने भी रुपयों को वापस करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। घर पर आकर अपशब्द बोलने से मां तारा देवी (30) बीमार रहने लगी। शनिवार को मां की मौत हो गई। कर्ज के सदमें में डूबे पिता ने भी अब बिस्तर पकड़ लिया है। कहा कि उसके अलावा घर में छोटी बहन कंचन (7) व भाई गुड्डू (5) है। घर में अनाज नहीं है, रिश्तेदारों के घर पेट भर रहे है। किसी तरह पिता को बचा लीजिए, नहीं तो सड़क पर आ जाएंगे। इस संबंध में सीओ सदर अकमल खान ने कहा कि मामले की जांच कराने के लिए एसओ उसका बाजार को निर्देशित किया है। तीनों बच्चों के साथ आए रिश्तेदारों से मामले से जुड़े कागजात मांगा है। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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थाना उसका बाजार के ग्राम सकलदीप की रहने वाली गुडिय़ा ने सीओ सदर अकमल खान से कहा कि उनके पिता शिवपूजन को सउदी अरब में नौकरी दिलाने के नाम पर थाना के बगल में रहने वाले तीन व्यक्तियों ने वर्ष 2011 में 85 हजार रुपये लिया था। फर्नीचर के कारीगर पिता ने 15 दिसंबर 2011 को घर में मौजूद 46 हजार रुपया दिया था। उसके बाद 26 जनवरी 2012 को 12 हजार रुपये दिया। इसके लिए उसके पिता ने ग्राम अशोगवा निवासी एक व्यक्ति से 12 हजार रुपये ब्याज पर लिया था। इसके बाद जालसाजों ने 20 हजार रुपये की फिर से मांग किया। जब यह रुपया नहीं दिया तो घर से दो बकरों को उठा ले गए। जब भी पिता विदेश जाने की बात करते तो जालसाज कागज आने का आश्वासन देते रहे। दूसरी तरफ ब्याज पर रुपये देने वाले ने भी रुपयों को वापस करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। घर पर आकर अपशब्द बोलने से मां तारा देवी (30) बीमार रहने लगी। शनिवार को मां की मौत हो गई। कर्ज के सदमें में डूबे पिता ने भी अब बिस्तर पकड़ लिया है। कहा कि उसके अलावा घर में छोटी बहन कंचन (7) व भाई गुड्डू (5) है। घर में अनाज नहीं है, रिश्तेदारों के घर पेट भर रहे है। किसी तरह पिता को बचा लीजिए, नहीं तो सड़क पर आ जाएंगे। इस संबंध में सीओ सदर अकमल खान ने कहा कि मामले की जांच कराने के लिए एसओ उसका बाजार को निर्देशित किया है। तीनों बच्चों के साथ आए रिश्तेदारों से मामले से जुड़े कागजात मांगा है। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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