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युवक की गला काटकर हत्या
Sun, 23 Jun 2019 10:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 10:19 PM IST
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डुमरियागंज में बिलखते मृतक के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। थाना क्षेत्र के गौहनिया राज गांव में शनिवार रात खेत की ओर गए युवक की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। गांव के बाहर बाग में उसकी लाश मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही गांव के ही तीन लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूूछताछ शुरू कर दी है। मृत युवक के पिता की तहरीर पर तीन नामजद व पांच अज्ञात के खिलाफ हत्या केस दर्ज किया गया है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद रविवार सुबह एएसपी व सीओ ने मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली। साथ ही परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया।
क्षेत्र के गौहनिया राज गांव निवासी शनिवार फूलचंद उर्फ फूले (18) पुत्र परशुराम यादव का भाई और उसकी पत्नी शनिवार को रिश्तेदार के यहां गए थे। साथ में वह भी गया था। बताया जा रहा है कि रात करीब 9 बजे फूलचंद उर्फ फूले अपने घर आने के बाद खेत की ओर चला गया। पड़ोस के ही रामस्वरूप जिससे पुरानी रंजिश थी, उसका पुत्र महेश और उसके साथ करीब सात अन्य लोग जो वहां पहले से ही घात लगाए बैठे थे। उसे सभी फूलचंद को पकड़कर 200 मीटर दूर गांव के बाहर बाग में ले गए जहां महेश ने धारदार हथियार से फूलचंद के गले पर पीछे से वार कर दिया जिससे उसका आधा गला कट गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद चाकू से उसके पेट, दोनों हाथ व दाहिने पैर में धारदार हथियार से सभी ने एक के बाद एक कई वार कर मौके पर ही मरा समझ वहां छोड़ कर भाग गए।
उधर, खून से लथपथ घायल फूलचंद को फोन आया और इस घटना की जानकारी बहन को दी। वह गांव वालों के साथ भाई को खोजते हुए बाग में पहुंची। इसके बाद परिजन उसे लेकर बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां हालत नाजुक देख उसे डाक्टरों ने बस्ती जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां, से भी डाक्टरों ने फूलचंद के गले की नस कटी देख तत्काल उसको गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को कहा। लेकिन फू लचंद ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं, रात करीब ढाई बजे परिजन लाश लेकर थाने पर पहुंचे।
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पीड़ित पिता परशुराम ने तीन नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर बेटे की हत्या करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन लोगों को पकड़कर उनसे पूछताछ की। फूले के पिता की तहरीर पर रामस्वरूप, महेश, गोगई, भगवानदास व पांच अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पूछताछ में जुट गई है। रविवार सुबह एएसपी मायाराम वर्मा और प्रभारी सीओ श्रीयष त्रिपाठी भी गांव पहुंचकर वहां के हालात का जायजा लिया। इस संबंध में डुमरियागंज इंस्पेक्टर केडी सिंह ने बताया कि तीन लोगों को पकड़कर थाने पर लाया गया है। मुख्य अभियुक्त महेश फरार है। उसके पिता रामस्वरूप को थाने पर लाया गया है। पूछताछ जारी है। जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे। मामला पुरानी आपसी रंजिश का बताया जा रहा है।
खाना खाने के लिए बहन के फोन करने पर आवाज सुन फफक पड़ा था फूलचंद
डुमरियागंज। बहन के मुताबिक जब हत्यारे फूलचंद को पकड़कर हत्या करने के लिए बाग में ले जा रहे थे तो फूलचंद की बहन अंशू देवी ने भाई को फोन कर जल्दी घर आकर खाना खाने को कहा। बहन की आवाज सुनकर फूलचंद फफक पड़ा था। रोते हुए बोला कि महेश उसे मारने के लिए उस पर हमला कर रहा है। जल्दी से गांव वालों को बुलाकर बाग में लाओ। इतनी बात होते ही महेश ने उसके गले पर वार कर दिया था।
सात साल पहले महेश की बुआ हुई थी लापता
डुमरियागंज। फूलचंद की हत्या का मुख्य आरोपी महेश के इस कुकृत्य की घटना को अंजाम देने के पीछे गांव के लोग दबी जुबान यह भी बात करते दिखे कि सात साल पहले फूलचंद के पट्टीदारी के बाबा लगने वाने झिनकन की बेटी घर से अचानक लापता हो गई थी जिसके बाद उसके घरवालों को यह आशंका थी कि फूलचंद के परिजन ही उसे लापता करवाने में मदद किए हैं। इस बात को लेकर भी दोनों पट्टीदारों में विवाद हुआ था।
पीड़ित परिवार से मिले विधायक
डुमरियागंज। घटना की सूचना पाकर रविवार सुबह विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह भी गौहनिया राज पहुंचकर पीड़ित परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें ढांढस दिया। विधायक को देख फूलचंद की मां दौड़कर आकर उनसे लिपट कर दहाड़े मारकर रोने लगी। यह देख वहां मौजूद सबकी आंखें नम हो गईं। इसके बाद विधायक राघवेन्द्र सिंह ने फूलचंद के सभी हत्यारों की जल्दी गिरफ्तारी करवाने के साथ ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि घटना में पीड़ित परिवार को हरहाल में न्याय मिलेगा।
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मामले की जानकारी मिलने के बाद रविवार सुबह एएसपी व सीओ ने मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली। साथ ही परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया।
क्षेत्र के गौहनिया राज गांव निवासी शनिवार फूलचंद उर्फ फूले (18) पुत्र परशुराम यादव का भाई और उसकी पत्नी शनिवार को रिश्तेदार के यहां गए थे। साथ में वह भी गया था। बताया जा रहा है कि रात करीब 9 बजे फूलचंद उर्फ फूले अपने घर आने के बाद खेत की ओर चला गया। पड़ोस के ही रामस्वरूप जिससे पुरानी रंजिश थी, उसका पुत्र महेश और उसके साथ करीब सात अन्य लोग जो वहां पहले से ही घात लगाए बैठे थे। उसे सभी फूलचंद को पकड़कर 200 मीटर दूर गांव के बाहर बाग में ले गए जहां महेश ने धारदार हथियार से फूलचंद के गले पर पीछे से वार कर दिया जिससे उसका आधा गला कट गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद चाकू से उसके पेट, दोनों हाथ व दाहिने पैर में धारदार हथियार से सभी ने एक के बाद एक कई वार कर मौके पर ही मरा समझ वहां छोड़ कर भाग गए।
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उधर, खून से लथपथ घायल फूलचंद को फोन आया और इस घटना की जानकारी बहन को दी। वह गांव वालों के साथ भाई को खोजते हुए बाग में पहुंची। इसके बाद परिजन उसे लेकर बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां हालत नाजुक देख उसे डाक्टरों ने बस्ती जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां, से भी डाक्टरों ने फूलचंद के गले की नस कटी देख तत्काल उसको गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को कहा। लेकिन फू लचंद ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं, रात करीब ढाई बजे परिजन लाश लेकर थाने पर पहुंचे।
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पीड़ित पिता परशुराम ने तीन नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर बेटे की हत्या करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन लोगों को पकड़कर उनसे पूछताछ की। फूले के पिता की तहरीर पर रामस्वरूप, महेश, गोगई, भगवानदास व पांच अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पूछताछ में जुट गई है। रविवार सुबह एएसपी मायाराम वर्मा और प्रभारी सीओ श्रीयष त्रिपाठी भी गांव पहुंचकर वहां के हालात का जायजा लिया। इस संबंध में डुमरियागंज इंस्पेक्टर केडी सिंह ने बताया कि तीन लोगों को पकड़कर थाने पर लाया गया है। मुख्य अभियुक्त महेश फरार है। उसके पिता रामस्वरूप को थाने पर लाया गया है। पूछताछ जारी है। जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे। मामला पुरानी आपसी रंजिश का बताया जा रहा है।
खाना खाने के लिए बहन के फोन करने पर आवाज सुन फफक पड़ा था फूलचंद
डुमरियागंज। बहन के मुताबिक जब हत्यारे फूलचंद को पकड़कर हत्या करने के लिए बाग में ले जा रहे थे तो फूलचंद की बहन अंशू देवी ने भाई को फोन कर जल्दी घर आकर खाना खाने को कहा। बहन की आवाज सुनकर फूलचंद फफक पड़ा था। रोते हुए बोला कि महेश उसे मारने के लिए उस पर हमला कर रहा है। जल्दी से गांव वालों को बुलाकर बाग में लाओ। इतनी बात होते ही महेश ने उसके गले पर वार कर दिया था।
सात साल पहले महेश की बुआ हुई थी लापता
डुमरियागंज। फूलचंद की हत्या का मुख्य आरोपी महेश के इस कुकृत्य की घटना को अंजाम देने के पीछे गांव के लोग दबी जुबान यह भी बात करते दिखे कि सात साल पहले फूलचंद के पट्टीदारी के बाबा लगने वाने झिनकन की बेटी घर से अचानक लापता हो गई थी जिसके बाद उसके घरवालों को यह आशंका थी कि फूलचंद के परिजन ही उसे लापता करवाने में मदद किए हैं। इस बात को लेकर भी दोनों पट्टीदारों में विवाद हुआ था।
पीड़ित परिवार से मिले विधायक
डुमरियागंज। घटना की सूचना पाकर रविवार सुबह विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह भी गौहनिया राज पहुंचकर पीड़ित परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें ढांढस दिया। विधायक को देख फूलचंद की मां दौड़कर आकर उनसे लिपट कर दहाड़े मारकर रोने लगी। यह देख वहां मौजूद सबकी आंखें नम हो गईं। इसके बाद विधायक राघवेन्द्र सिंह ने फूलचंद के सभी हत्यारों की जल्दी गिरफ्तारी करवाने के साथ ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि घटना में पीड़ित परिवार को हरहाल में न्याय मिलेगा।