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फर्जी शिक्षक मामला: बर्खास्तगी में देरी के खिलाफ आत्मदाह की कोशिश
siddharthnagar
Updated Tue, 21 Aug 2018 11:16 PM IST
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बीएसए कार्यालय पर फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त न किए जाने पर आत्मदाह की कोशिश करता एक शिकायतकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी में हो रही देरी के खिलाफ मंगलवार को बीएसए कार्यालय पर जमकर बवाल हुआ। एक शिकायतकर्ता ने आत्मदाह के इरादे से अपने शरीर पर केरोसिन उड़ेल लिया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे शरीर में आग लगाने से रोक लिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। तब जाकर बीएसए हरकत में आए और वार्ता कर फर्जी शिक्षकों को देर रात तक बर्खास्त करने का आश्वासन दिया।
बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी का मामला पिछले दो साल से लंबित पड़ा है। मंगलवार को शिकायतकर्ताओं का सब्र जवाब दे गया और वे बीएसए कार्यालय पर आ पहुंचे, लेकिन अफसरों ने उनसे बात करने की जरूरत महसूस नहीं की। बीएसए भी तहसील दिवस का बहाना बनाकर नदारद रहे। सुनवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ताओं ने डीएम और सीडीओ को मामले की जानकारी दी। उन्होंने दोनों अधिकारियों को आत्मदाह की चेतावनी का पत्र भी भेजा। प्रशासनिक स्तर पर आत्मदाह की चेतावनी की बात फैलने पर करीब साढ़े पांच बजे बीएसए कार्यालय पहुंचे। जैसे ही बीएसए पहुंचे शिकायतकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त करने की मांग करने लगे। इस पर बीएसए ने डीएम और सीडीओ के नाम पर बहाना बनाना शुरू कर दिया। इससे नाराज शिकायतकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान एक शिकायतकर्ता ने आत्मदाह के इरादे से अपने शरीर पर केरोसिन उड़ेल लिया। वह आग लगाने ही वाला था कि आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद बीएसए ने वार्ता शुरू की और देर रात तक फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त करने का आश्वासन दिया। शिकायतकर्ताओं ने बीएसए व एक लिपिक पर फर्जी शिक्षकों को बचाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोनों मामले में लीपापोती करने में जुटे हैं। बीएसए दफ्तर पर प्रदर्शन करने वालों में अजय यादव, दयाशंकर, वीरेंद्र, राजित राम, हरिकेश चौरसिया आदि शामिल रहे।
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बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी का मामला पिछले दो साल से लंबित पड़ा है। मंगलवार को शिकायतकर्ताओं का सब्र जवाब दे गया और वे बीएसए कार्यालय पर आ पहुंचे, लेकिन अफसरों ने उनसे बात करने की जरूरत महसूस नहीं की। बीएसए भी तहसील दिवस का बहाना बनाकर नदारद रहे। सुनवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ताओं ने डीएम और सीडीओ को मामले की जानकारी दी। उन्होंने दोनों अधिकारियों को आत्मदाह की चेतावनी का पत्र भी भेजा। प्रशासनिक स्तर पर आत्मदाह की चेतावनी की बात फैलने पर करीब साढ़े पांच बजे बीएसए कार्यालय पहुंचे। जैसे ही बीएसए पहुंचे शिकायतकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त करने की मांग करने लगे। इस पर बीएसए ने डीएम और सीडीओ के नाम पर बहाना बनाना शुरू कर दिया। इससे नाराज शिकायतकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान एक शिकायतकर्ता ने आत्मदाह के इरादे से अपने शरीर पर केरोसिन उड़ेल लिया। वह आग लगाने ही वाला था कि आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद बीएसए ने वार्ता शुरू की और देर रात तक फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त करने का आश्वासन दिया। शिकायतकर्ताओं ने बीएसए व एक लिपिक पर फर्जी शिक्षकों को बचाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोनों मामले में लीपापोती करने में जुटे हैं। बीएसए दफ्तर पर प्रदर्शन करने वालों में अजय यादव, दयाशंकर, वीरेंद्र, राजित राम, हरिकेश चौरसिया आदि शामिल रहे।
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