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अपने ही बुने जाल में फंस गए जालसाज
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 07 Dec 2015 11:37 PM IST
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फर्जी कागजात पर पासपोर्ट बनवाने वाले रैकेट का खुलासा सदर थाना पुलिस ने क्या किया, परत दर परत खुल कर सामने आने लगी है। दुकान से बरामद कागजातों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य खुल रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने अपनी चाल को भी तेज कर दिया है। अब उसे बड़ी सफलता मिलने की गंध मिलने लगी है।
सदर थाना में फर्जी मार्कशीट के आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले कागजातों का सत्यापन कराया। रविवार को पुलिस ने दो व्यक्तियों को जालसाजी के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में पकड़ा था।
पकड़े गए आरोपियों का नाम सदर थाना के ग्राम महदेवा लाला निवासी विनोद व ग्राम गरीबपुर निवासी शमीमा है। पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग भी हाथ लगे।
इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू किया तो सामने आया कि जालसाजों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी अनुक्रमांक 2486546 की मार्कशीट लगाई थी। इसमें विनोद पुत्र गुरु प्रसाद, माता का नाम चंद्रभवती दर्शाया गया था। जालसाजों ने विनोद को गोरखपुर के लोहसी स्थित डा.एसपी इंटर कालेज से हाईस्कूल पास करना भी दिखा दिया।
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पुलिस ने संबंधित स्कूल से संपर्क किया तो सामने आया कि इस नंबर का रोलनंबर का परीक्षार्थी कालेज में तो रहा लेकिन उसका नाम दरोगा चौहान पुत्र बहादुर चौहान है।
इसके बाद तो पुलिस ने चाल को तेज करते हुए पुरानी नौगढ़ स्थित एक दुकान से बरामद अन्य कई कागजातों की भी जांच शुरू कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रैकेट के पकड़ में आने के बाद सफेदपोशों ने मामले को रफा-दफा करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश किया गया था।
एसपी के निर्देश पर अब पुलिस जालसाजों के रिश्ते को भी उजागिर करेगी। प्रथमदृष्टया जांच में सामने आ चुका है कि इनका नेटवर्क पूरे जोन में फैला हुआ है। इस संबंध में थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि गोरखधंधे के खुलासा करने के लिए पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। दुकान से बरामद किए गए कागजातों की भी पड़ताल की जा रही है। जल्द ही बड़े खुलासे से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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सदर थाना में फर्जी मार्कशीट के आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले कागजातों का सत्यापन कराया। रविवार को पुलिस ने दो व्यक्तियों को जालसाजी के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में पकड़ा था।
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पकड़े गए आरोपियों का नाम सदर थाना के ग्राम महदेवा लाला निवासी विनोद व ग्राम गरीबपुर निवासी शमीमा है। पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग भी हाथ लगे।
इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू किया तो सामने आया कि जालसाजों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी अनुक्रमांक 2486546 की मार्कशीट लगाई थी। इसमें विनोद पुत्र गुरु प्रसाद, माता का नाम चंद्रभवती दर्शाया गया था। जालसाजों ने विनोद को गोरखपुर के लोहसी स्थित डा.एसपी इंटर कालेज से हाईस्कूल पास करना भी दिखा दिया।
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पुलिस ने संबंधित स्कूल से संपर्क किया तो सामने आया कि इस नंबर का रोलनंबर का परीक्षार्थी कालेज में तो रहा लेकिन उसका नाम दरोगा चौहान पुत्र बहादुर चौहान है।
इसके बाद तो पुलिस ने चाल को तेज करते हुए पुरानी नौगढ़ स्थित एक दुकान से बरामद अन्य कई कागजातों की भी जांच शुरू कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रैकेट के पकड़ में आने के बाद सफेदपोशों ने मामले को रफा-दफा करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश किया गया था।
एसपी के निर्देश पर अब पुलिस जालसाजों के रिश्ते को भी उजागिर करेगी। प्रथमदृष्टया जांच में सामने आ चुका है कि इनका नेटवर्क पूरे जोन में फैला हुआ है। इस संबंध में थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि गोरखधंधे के खुलासा करने के लिए पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। दुकान से बरामद किए गए कागजातों की भी पड़ताल की जा रही है। जल्द ही बड़े खुलासे से इंकार नहीं किया जा सकता है।