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घाटों पर दिखा आस्था, उत्साह और परंपरा का संगम

Mon, 31 Oct 2022 10:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Oct 2022 10:33 PM IST
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Confluence of faith, enthusiasm and tradition shown at the Ghats
शहर के जमुआर घाट पर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लगी श्रद्धालुओ की भीड। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
घाटों पर दिखा आस्था, उत्साह और परंपरा का संगम
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सिद्धार्थनगर। सूर्योपासना के पर्व छठ के मौके पर सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में घाटों पर आस्था, उत्साह और रौनकता का संगम बन गया। बेदी के पास व्रती महिलाएं जल में खड़ी होकर भगवान भास्कर के उदय होने की प्रतीक्षा कर रही थीं। छठ मइया के गीतों की धुन सुनाई दे रही थी। आतिशबाजी भी हुई। सूर्य देव के दर्शन होते होते ही व्रती महिलाओं व पुरुषों ने अर्घ्य देकर मंगल कामना की। व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का उपवास पूरा किया।
शहर के जमुआर घाट पर श्रद्धालुओं ने सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर पूजा की। लोगों ने मेले का भी आनंद उठाया। इसी प्रकार प्रमुख कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में भी छठ पूजा की धूम रही। शहर के जमुआर घाट पर देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती रही। यहां पर मेले जैसा दृश्य रहा। आधी रात से ही श्रद्धालु शहर की सड़क पर गाते-बजाते, पूजन सामग्री के साथ नंगे पाव घाट पर जाते रहे।
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व्रती महिलाओं के साथ घाट पर पहुंचे पूरे परिवार के सदस्य साफ-सफाई कर पूजन सामग्री रखकर छठ माता और सूर्य देव की आराधना सुबह तक करते रहे। सूर्योदय होने के साथ व्रती महिलाओं ने नदी में खड़ा होकर अर्घ्य दिया। उन्होंने सूर्य भगवान और छठी मैया से संतान की रक्षा और परिवार की सुख-शांति के लिए कामना की। इस पूजा के बाद व्रतियों ने कच्चे दूध, जल और प्रसाद से व्रत का पारण किया।
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ऐसी मान्यता है कि सूर्य देव की पूजा करने से तेज, अरोग्यता और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रह को पिता, पूर्वज, सम्मान का कारक माना जाता है। साथ ही छठी माता की आराधना से संतान और सुखी जीवन की प्राप्ति होती है। इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह पर्व पवित्रता का प्रतीक है।
जिले के बांसी, शोहरतगढ़, उसका, बर्डपुर, बढ़नी, डुमरियागंज, इटवा आदि कस्बों समेत ग्रामीण क्षेत्र में भी छठ पर्व श्रद्धापूवर्क मनाया गया। पथरा प्रतिनिधि के अनुसार, छठ पर्व पर सरयू नहर, राप्ती नदी के बघिनी घाट आदि स्थानों पर व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सोमवार को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। व्रतियों ने भोर से ही घाट के किनारे धूप दीप, नैवेद्य अर्पित कर भगवान भास्कर की पूजा कर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर राम कुमार चौरसिया, बाबा जगदीश दास, प्रधान अखिलेश सिंह, मक्खन लाल, हरिओम पांडेय अशोक मौजूद रहे।
पकड़ी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के पकड़ी, बुढ़नईया पोखरा, जम्हिरिया, बैदौली घाट, बैलिहवा घाट, लमुईया घाट, खिरकिया, हडहवा, भठवा, धनगढिया में उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देकर पूजा की गई। इस दौरान मंटू चौधरी, राकेश श्रीवास्तव, पिंटू चौधरी, मुकेश श्रीवास्तव, हरिराम निषाद, चंद्रशेखर चौधरी, प्रधान दुर्गा प्रसाद चौधरी, अशर्फी, मंतन निषाद उपस्थित रहे।

शाहपुर प्रतिनिधि के अनुसार, डुमरियागंज राप्ती नदी के घाट पर बड़ी संख्या में व्रतियों और श्रद्धालुओं ने उगते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और छठी मैया से मनोकामना पूर्ण करने की मन्नत मांगी। इस दौरान पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह, मकसूदन अग्रहरि, कांग्रेस नेता अशोक गुप्ता, रमेश सोनी, श्यामसुंदर अग्रहरि, राजू पाल आदि मौजूद रहे।
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