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अंक फीडिंग में कॉलेज फेल, भटक रहे हैं छात्र-छात्राएं

Thu, 20 Oct 2022 12:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Oct 2022 12:01 AM IST
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collages fail in feeding practicals marks
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
अंक फीडिंग में कॉलेज फेल, भटक रहे हैं छात्र-छात्राएं
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में स्नातक स्तर पर पहली बार लागू हुई ग्रेडिंग प्रणाली में अंक फीड करने में कई डिग्री-पीजी कॉलेज फेल हो गए हैं। उन कॉलेजों के विद्यार्थी परीक्षा परिणाम के लिए दर-दर भटक रहे हैं। विश्वविद्यालय में पहुंची शिकायतों के बाद कॉलेजों में प्रेक्टिकल के अंक फीड कराए जा रहे हैं।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है। अब विद्यार्थियों को अंक देने के बजाए क्रेडिट के रूप में ग्रेडिंग की जा रही है। बताया जाता है कि कई कॉलेज इस सिस्टम को नहीं समझ सके। उसका परिणाम है कि कहीं छात्र-छात्राएं उलझन में हैं। बीए, बीकॉम एवं बीएससी के सेकंड सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग के अनुसार, जिन कॉलेजों ने प्रेक्टिकल के अंक फीड नहीं किए हैं, उनके विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम अपूर्ण दिख रहा है। कुछ विद्यार्थी बैक प्रमोटेड होने से परेशान हैं। इसी उलझन में एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद के छात्रों ने महाविद्यालय में विरोध प्रदर्शन भी किया था, जबकि इस मामले में महाविद्यालयों के शिक्षक दबी जुबान से विश्वविद्यालय पर आरोप लगा रहे हैं।
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं छह जिलों के संबद्ध महाविद्यालयों में 82 हजार छात्र-छात्राएं स्नातक स्तर पर अध्ययनरत हैं। सिद्धार्थनगर, बस्ती, श्रावस्ती, संतकबीरनगर, महराजगंज, बलरामपुर के 282 कॉलेज विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। इन कॉलेजों में प्रेक्टिकल विषय वाले छात्र-छात्राएं परेशान हैं।
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बैक प्रमोटेड और अपूर्ण मार्क स्नातक स्तर के प्रथम सेमेस्टर में 25 क्रेडिट और सेकंड सेमेस्टर में 21 क्रेडिट हैं। दोनों सेमेस्टर में 50 प्रतिशत क्रेडिट यानी 23 क्रेडिट प्राप्त करने वाले विद्यार्थी प्रमोट हो गए हैं। 23 क्रेडिट प्राप्त करने के बावजूद, कोई विद्यार्थी किसी विषय में फेल है तो उसे बैक प्रमोटेड कैटेगरी में रखा गया है। उन्हें फेल वाले विषय में पुन: परीक्षा देनी होगी। इसी प्रकार प्रेक्टिकल, इंटरनल और वोकेशनल परीक्षा के अंक की फीडिंग नहीं होने पर मार्कशीट में अपूर्ण अंक आ रहा है।

विश्वविद्यालय में पहली बार ग्रेडिंग प्रणाली के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी हुआ है। कुछ कॉलेजों में प्रेक्टिकल के नंबर फीड नहीं होने के कारण परिणाम संबंधी शिकायतें आई थीं। जिन कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के परिणाम अपूर्ण दिख रहे थे, उन कॉलेजों को फोन करके प्रेक्टिकल के अंक फीड करा दिए गए हैं। अब यह समस्या लगभग समाप्त हो गई है। -अमरेंद्र कुमार सिंह, कुलसचिव/परीक्षा नियंत्रक
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