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Siddharthnagar News: बादल, हल्की बारिश से बढ़ी ठंड, फसल के लिए फायदेमंद

Mon, 05 Feb 2024 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 05 Feb 2024 01:57 AM IST
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Cold increased due to clouds, light rain, beneficial for the crop
सिद्धार्थनगर। एकाएक मौसम का मिजाज शनिवार को बदल गया। सुबह धूप की खिलते ही बादल से सूर्यदेव घिर गए और बूंदाबांदी शुरू हुई। दोपहर में हल्की बारिश हुई तो ठंड ने एक बार फिर लोगों को ठिठुरने पर विवश कर दिया। बारिश के कारण अधिकांश सड़कें किचड़ से सन गईं। कृषि वैज्ञानिक और किसान बारिश को फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं।
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दो माह ठंड से परेशान रहे लोग चार दिन से राहत की सांस ले रहे थे। इसी बीच मौसम विभाग ने बारिश की चेतावनी जारी किया था। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुरूप सुबह धूप तो निकली, लेकिन देखते ही देखते एक घंटे में बादल छा गया और बूंदाबांदी शुरू हो गई। दोपहर के 12 बजते ही बारिश तेज हो गई। बारिश के बीच पछुआ हवा ने ठंड को बढ़ा दिया। वहीं, सड़कें कीचड़ से सन गई। बारिश मुख्यालय सहित शोहरतगढ़, बांसी, इटवा, डुमरियागंज में भी हुई।
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उनका कहना है कि गेहूं की सिंचाई किए एक माह से अधिक का वक्त गुजर चुका है। जल्द ही खेत की सिंचाई करना पड़ता। हल्की बारिश हुई। इसलिए फसल के लिए बहुत ही लाभकारी है। जोगिया क्षेत्र किसान सूर्य प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि बारिश बहुत ही फायदेमंद है। क्योंकि फसल की नमी अब कम हो रही थी। धूप होने के बाद लगातार नमी में कमी आती है। इससे खेत की सिंचाई करना पड़ती। बारिश से काफी राहत मिली है। किसान चिन्नू यादव ने कहा कि गेहूं की दोबारा सिंचाई का समय हो चुका था। 10 दिन बाद दोबारा पानी की जरूरत पड़ती। इस बारिश के होने से कोई नुकसान नहीं है। हर फसल को लाभ ही हुआ है। कृषि वैज्ञानिक भी बारिश को लाभदायक बता रहे हैं।
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जिले में इतने रकबे पर है रबी की फसल

प्रदेश के तराई क्षेत्र में गिने जाने वाले जनपद की 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। यहां प्रमुख रूप से धान और गेहूं की खेती होती है। रबी की फसल लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर रकबे पर लगाई जाती है। इसमें सवा लाख हेक्टेयर पर केवल गेहूं की फसल लगी है। जबकि 25 हजार हेक्टेयर रकबे पर सरसों, चना, मटर, आलू सहित तिलहन की अन्य फसलें लगी हैं। रविवार की बारिश सभी फसलों के लिए सही बताई जा रही है।


बोले कृषि वैज्ञानिक

रविवार को हुई हल्की बारिश रवि के फसलों के लिए अमृत के समान हैं। यदि बारिश तेज होने के साथ ओला गिरता है तो फसलों को काफी नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है। तेज बारिश होने पर दलहनी व तिलहनी फसलों के खेतों में पानी न रुकने दें, बारिश के कारण मटर व सरसों के फूल गिर सकते हैं और माहू कीट की समस्या बढ़ जाएगी। किसानों के आलू की फसलों के लिए यह बारिश ठीक नहीं है। जिससे झुलसा रोग बढ़ने की संभावना अधिक हो जाती है।

-डॉ. सर्वजीत,
कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र सोहना
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