फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Cold house will be revived at a cost of one and a half crores

डेढ़ करोड़ की लागत से होगा शीत गृह का पुनरोद्धार

Thu, 03 Dec 2020 10:17 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 10:17 PM IST
विज्ञापन
Cold house will be revived at a cost of one and a half crores
डेढ़ करोड़ की लागत से शीतगृह का होगा पुनरोद्धार
विज्ञापन

26 वर्ष से बंद है बढ़नी कठौतिया स्थित पीसीएफ का शीतगृह
1982 में निर्मित चार हजार एमटी के शीतगृह में किसान रखते थे आलू
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/भारतभारी। डुमरियागंज ब्लॉक के बढ़नी कठौतिया गांव में स्थित पीसीएफ के बंद पड़े शीतगृह का डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पुनरोद्धार होगा। 26 वर्ष से बंद पड़े चार हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले शीतगृह के पुनरोद्धार से क्षेत्र के हजारों किसानों को राहत मिलेगी। सीडीओ पुलकित गर्ग ने विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का निर्देश दिया है।
डुमरियागंज के ग्राम बढ़नी कठौतिया में वर्ष 1982 में पीसीएफ ने दो करोड़ रुपये की लागत से शीतगृह का निर्माण कराया था। चार हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले इस शीतगृह में स्थानीय क्षेत्र के हजारों किसान निर्धारित शुल्क देकर आलू आदि उपज सुरक्षित रखने के लिए प्रयोग करते थे। वर्ष 1994 में मशीनों के खराब हो जाने के कारण शीतगृह में रखा आलू आदि कृषि उत्पाद सड़ गए। इसके बाद से यह शीतगृह बंद पड़ा है जबकि इसके मरम्मत की धनराशि उपलब्ध कराने को शासन को कई बार पत्र भेजा गया। बुधवार को सीडीओ पुलकित गर्ग ने शीतगृह का निरीक्षण किया। उन्होंने पीसीएफ मैनेजर को भवन एवं मशीन का मरम्मत कराने समेत शीतगृह के पुनरोद्धार संबंधी प्रस्ताव बनाकर डीएम के माध्यम से शासन को भेजने का निर्देश दिया।
विज्ञापन

शीतगृह बंद होने से किसान परेशान
बढ़नी गांव निवासी किसान रामआसरे का कहना है कि जब शीतगृह संचालित था तब यहां के लोगों का बहुत लाभ था। इससे यहां के मजदूरों को आलू की छंटनी करने समेत अन्य रोजगार भी मिलता था। बढ़नी के रामअजोरे और देवरिया गांव निवासी जगदीश प्रसाद का कहना है कि शीतगृह के संचालन से क्षेत्र में आलू की खेती करने को प्रोत्साहन मिलेगा। इसका संचालन शुरू होने से लोगों को व्यावसायिक खेती करने में बहुत सहूलियत होगी, साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले वर्ष गोदाम बनाने का भेजा था प्रस्ताव
पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित चौधरी ने कहा कि शासन से पत्राचार के बावजूद शीतगृह के मशीनों का मरम्मत नहीं होने से पिछले वर्ष 2019 में शीतगृह भवन को गोदाम के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई थी। अब भवन और मशीनों की मरम्मत करा शीतगृह के पुनरोद्धार संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। जहां से स्वीकृति और धनराशि मिलने के बाद मरम्मत करा शीतगृह का संचालन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed