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Siddharthnagar News: स्टेडियम में अभी तक नहीं नियुक्त हो पाए शतरंज और कबड्डी के प्रशिक्षक
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जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम।
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-स्टेडियम में कोच के अभाव में नहीं आ रहे खिलाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोच के अभाव में खिलाड़ियों का खेल के प्रति मोहभंग हो रहा है। इससे जिले में प्रशिक्षक न होने से खिलाड़ी अन्य जिले में प्रशिक्षण लेने के लिए जा रहे हैं। कोच न होने से कबड्डी और शतरंज के खिलाड़ी तो वर्षों से मैदान में नहीं आ रहे हैं।
जिले में 2005 में स्टेडियम बनाया गया। स्टेडियम बनने से जिले में मौजूद खेल प्रतिभाओं को नई आस जगी। उन्हें प्रशिक्षण सहित खेल जगत में नई उपलब्धि पाने के लिए कई बेहतर खेल संभावनाओं में रास्ता आसान दिखाई देने लगा, लेकिन स्टेडियम के निर्माण के बाद अब यह आशा खिलाड़ियों की टूट गई है।
हाल यह है कि स्टेडियम से कोच के लिए भेजे गए पत्र का भी शासन कोई महत्व नहीं दे रहा है। इसका परिणाम यह है कि जिले में कबड्डी व शतरंज प्रतियोगिताओं को कराने के लिए अन्य विद्यालयों से खिलाड़ी बुलाने पड़ते हैं। स्टेडियम के खिलाड़ियों के अनुसार अब स्टेडियम में कबड्डी व शतरंज के खिलाड़ी आते भी नहीं हैं। वहीं स्टेडियम के जिम्मेदारों के अनुसार कोच की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन सभी पत्राचार फाइलों में ही दब कर रह जा रहे हैं।
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यही कारण है कि युवाओं में खेल के प्रति रुचि समाप्त हाेती जा रही है। खिलाड़ियों की मानें तो जिले में कोच की कमी से खेलों को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है, जिससे खिलाड़ी खेल छोड़ रहे हैं।
-- -- -- -
वर्जन
कोच की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही स्टेडियम में कोच की नियुक्ति कर दी जाएगी। उसके बाद खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
-आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोच के अभाव में खिलाड़ियों का खेल के प्रति मोहभंग हो रहा है। इससे जिले में प्रशिक्षक न होने से खिलाड़ी अन्य जिले में प्रशिक्षण लेने के लिए जा रहे हैं। कोच न होने से कबड्डी और शतरंज के खिलाड़ी तो वर्षों से मैदान में नहीं आ रहे हैं।
जिले में 2005 में स्टेडियम बनाया गया। स्टेडियम बनने से जिले में मौजूद खेल प्रतिभाओं को नई आस जगी। उन्हें प्रशिक्षण सहित खेल जगत में नई उपलब्धि पाने के लिए कई बेहतर खेल संभावनाओं में रास्ता आसान दिखाई देने लगा, लेकिन स्टेडियम के निर्माण के बाद अब यह आशा खिलाड़ियों की टूट गई है।
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हाल यह है कि स्टेडियम से कोच के लिए भेजे गए पत्र का भी शासन कोई महत्व नहीं दे रहा है। इसका परिणाम यह है कि जिले में कबड्डी व शतरंज प्रतियोगिताओं को कराने के लिए अन्य विद्यालयों से खिलाड़ी बुलाने पड़ते हैं। स्टेडियम के खिलाड़ियों के अनुसार अब स्टेडियम में कबड्डी व शतरंज के खिलाड़ी आते भी नहीं हैं। वहीं स्टेडियम के जिम्मेदारों के अनुसार कोच की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन सभी पत्राचार फाइलों में ही दब कर रह जा रहे हैं।
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यही कारण है कि युवाओं में खेल के प्रति रुचि समाप्त हाेती जा रही है। खिलाड़ियों की मानें तो जिले में कोच की कमी से खेलों को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है, जिससे खिलाड़ी खेल छोड़ रहे हैं।
वर्जन
कोच की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही स्टेडियम में कोच की नियुक्ति कर दी जाएगी। उसके बाद खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
-आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ा अधिकारी