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Siddharthnagar News: सीएमओ कार्यालय में लेनदेन का वीडियो वायरल होने की शुरू हुई दोहरी जांच
Tue, 21 Nov 2023 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 21 Nov 2023 12:44 AM IST
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एक सितंबर को पूर्व सीएमओ, दो डिप्टी सीएमओ और एक अस्पताल संचालक के बातचीत की वायरल हुई थी वीडियो- जांच समिति के समक्ष पेश हुए स्वास्थ्य विभाग के लिपिक, पुलिस भी कर रही है केस की विवेचना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पूर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन चतुर्वेदी और निजी अस्पताल के संचालक के बीच लेनदेन की बातचीत की वीडियो वायरल होने के मामले में दोहरी जांच शुरू हो गई है। शासन स्तर पर बनी तीन सदस्यीय जांच समिति ने बयान शुरू किया है, जबकि दर्ज हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस की विवेचना भी शुरू हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के बस्ती कार्यालय में सोमवार को पीसीपीएनडीटी के लिपिक संजय वर्मा ने बयान दिया। जांच समिति ने पत्रावली तलब की है। बीते एक सितंबर को पर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ एवं निजी अस्पताल के संचालक रंजीत के बीच लेनदेन के बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था।
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इस मामले में पूर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल का स्थानांतरण स्वास्थ्य निदेशालय में कर दिया गया, जबकि डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन चतुर्वेदी सीएमओ कार्यालय में कार्यरत हैं।
इस मामले में एडी हेल्थ डॉ. नीरज पांडेय ने बताया कि सिद्धार्थनगर के पूर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल एवं अन्य पक्षों के बीच बातचीत के मामले में शासन के निर्देश पर तीन सदस्यीय समिति जांच कर रही है। इस मामले में लिपिक का बयान हुआ है, जबकि अन्य पक्षों का बयान भी लिया जा रहा है। पत्रावलियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस कर रही है जांच
वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल की तहरीर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन चतुर्वेदी एवं निजी अस्पताल के संचालक रंजीत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज हुआ था। इस मामले में जांच अधिकारी सीओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
लेन देने के वीडियो वायरल होने के मामले में निजी अस्पताल के संचालक ने अस्पताल के पंजीकरण करने के मामले में रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पूर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन चतुर्वेदी और निजी अस्पताल के संचालक के बीच लेनदेन की बातचीत की वीडियो वायरल होने के मामले में दोहरी जांच शुरू हो गई है। शासन स्तर पर बनी तीन सदस्यीय जांच समिति ने बयान शुरू किया है, जबकि दर्ज हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस की विवेचना भी शुरू हो गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के बस्ती कार्यालय में सोमवार को पीसीपीएनडीटी के लिपिक संजय वर्मा ने बयान दिया। जांच समिति ने पत्रावली तलब की है। बीते एक सितंबर को पर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ एवं निजी अस्पताल के संचालक रंजीत के बीच लेनदेन के बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था।
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इस मामले में पूर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल का स्थानांतरण स्वास्थ्य निदेशालय में कर दिया गया, जबकि डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन चतुर्वेदी सीएमओ कार्यालय में कार्यरत हैं।
इस मामले में एडी हेल्थ डॉ. नीरज पांडेय ने बताया कि सिद्धार्थनगर के पूर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल एवं अन्य पक्षों के बीच बातचीत के मामले में शासन के निर्देश पर तीन सदस्यीय समिति जांच कर रही है। इस मामले में लिपिक का बयान हुआ है, जबकि अन्य पक्षों का बयान भी लिया जा रहा है। पत्रावलियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस कर रही है जांच
वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल की तहरीर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन चतुर्वेदी एवं निजी अस्पताल के संचालक रंजीत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज हुआ था। इस मामले में जांच अधिकारी सीओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
लेन देने के वीडियो वायरल होने के मामले में निजी अस्पताल के संचालक ने अस्पताल के पंजीकरण करने के मामले में रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे।