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सीएमओ वीडियो प्रकरण : जांच की चकरी में फंसे कई के पैर
Mon, 04 Sep 2023 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 04 Sep 2023 12:04 AM IST
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सिद्धार्थनगर। सीएमओ कार्यालय में लेने की बातचीत के वायरल वीडियो की जांच शुरू हो गई है। इस जांच की चकरी में सीएमओ के अलावा कई और लोगों के पैर फंसने की आशंका है। शुरुआती दौर में सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल सवालों के घेरे में आए थे। सीएमओ अस्पताल संचालक के बीच बातचीत की वीडियो सामने आई थी, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। सीएमओ ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर दोनों डिप्टी सीएमओ के खिलाफ भी केस दर्ज करने की बातें की है। संभावना है कि जांच की जद में कई चिकित्साधिकारियों को आने के बाद परत दर परत कलई खुलेगी।
शिकायती पत्र के आधार पर एसपी ने एएसपी को मामले की जांच सौंपी है। उनके रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। इस वीडियो प्रकरण में अगर निष्पक्ष जांच हुई तो जांच की चकरी में कई विभागीय लोगों के पैर फंसेंगे और चेहरे बेनकाब होंंगे। ऐसा विभागीय लोगों में चर्चा हो है। वहीं, शिकायत पत्र के देने के बाद दो गुट होने और विभाग में हुए काले कारनामे का राज सामने आने की चर्चा लोग करना शुरू कर दिए हैं।
सीएमओ डॉक्टर बीके अग्रवाल का कार्यालय में बैठकर एक बंद किए गए निजी अस्पताल को दोबारा शुरू किए जाने के लिए रुपये के लेनदेन करने का वीडियो एक सितंबर की रात को एकाएक वायरल हुआ था। इसमें एक नहीं कई वीडियो एक-एक करके सामने आए। किसी में रुपये वापस लौटाने तो किसी में समय-समय मुलाकात करने और सीएमओ पर अभद्र टिप्पणी करने का शामिल है। जब यह मामला सामने आया तो और ऑडियो वीडियो सामने आने लगे हैं। जिसमें रुपये की डिमांड करने के साथ ही कहां रखना है, इसका भी इसारा किया जा रहा है। वहीं, जांच से घिरे सीएमओ ने इस प्रकार में दो डॉक्टर जो जांच अधिकारी हैं और डिप्टी सीएमओ हैं, उन्हें दोषी ठहराया है। इस मामले में उन्होंने एसपी से शिकायत करते हुए जांच करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद एसपी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने एएसपी सिद्धार्थ को मामले की जांच सौंपी है। उनकी रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। सीएमओ के शिकायती पत्र देने के बाद विभाग में हलचल में मच गया है। दोनों गुट के आमने- सामने आने और काले कारनामे को लेकर आरोप- प्रत्यारोप लगाने की विभागीय लोग चर्चा कर रहे हैं।
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शिकायती पत्र में सीएमओ ने लगाया यह आरोप
सीएमओ डॉक्टर बीके अग्रवाल ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में देखे गए नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. एसएन त्रिपाठी व उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएन चतुर्वेदी की भूमिका संदिग्ध मानी है। उन्होंने कहा है कि रुपये के लेनदेन में दोनों चिकित्सकों की भूमिका हो सकती है। उनके खिलाफ केस दर्ज करके मामले में जांच की जाए। इस मामले में डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन त्रिपाठी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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परत दर परत खुल रहा वसूली का राज
सीएमओ वीडिया प्रकरण के बाद लगातार कुछ न कुछ सामने आने लगा है। एक ऑडियो सामने आया है। जिसमें पीडि़त से सामने वाला व्यक्ति बात कर रहा है कि नोडल अधिकारी आ रहे हैं, उनसे मिल लीजिएगा। इसके बाद कॉल करने वाला कह रहा है कि कौन एमएन त्रिपाठी सर से बोल रहा है हां। फिर बात करने वाले कह रहा है कहां मिलें सर सीएमओ कार्यालय पर तो सामने वाले से जवाब मिल रही है कि एक घंटे में सीएमओ कार्यालय आ जाओ, गाड़ी में रुपये डाल देना। फिर वह कह रहा है कि साहब हम पैर पकड़ लेंगे, लेकिन हमारा काम करवा दीजिए, बहुत परेशान हो गए हैं। इसके अलावा कार्यालय के काउंटर में इन्हीं अधिकारियों के सामने रुपये रखने का वीडियो भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अभी भ्रष्टाचार के चर्चा से जुड़ी कितना आडियो और वीडियो सामने आएगा। यह देखना बाकी है।
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आमने- सामने आने खुलेगा काले कारनामे की पोल
स्वास्थ्य महकमें से जुड़े लोगों में रविवार को चर्चा रहा कि अभी तक तो मामला सीएमओ तक था, लेकिन उनकी ओर से पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिए जाने के बाद मामला तूल पकड़ेगा। क्योंकि अब जिन पर आरोप लग रहा है, वे भी सफाई जरूर देंगे। इसे में काले कारनामें से जुड़ा और खेल सामने आ सकता है। कारण विभाग मेें बहुत खामियां हैं। जब किचड़ उछलना शुरू होता है तो मामला बढ़ जाता है। वही स्थिति यहां भी उत्पन्न होने की बात सामने आ रही है।
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बोले जिम्मेदार
सीएमओ की ओर से प्रार्थना पत्र मिला है। इसकी जांच एएसपी को सौंपा गया है। उनकी ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट दिया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। -अभिषेक कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक
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जिलाधिकारी ने सीएमओ कार्यालय के वायरल वीडियो की जांच के लिए समिति बनाई है। जिलाधिकारी का आदेश प्राप्त हो गया है। इस मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी। -नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, प्रभारी सीडीओ
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विधायक ने सीएमओ को पत्र भेजकर मांगा जवाब
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने रविवार को सीएमओ से विधानसभा क्षेत्र में चल रहे अवैध प्राइवेट अस्पतालों के विरूद्ध अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने सीएमओ से शोहरतगढ़ में 28 जुलाई को एक निजी अस्पताल में प्रसूता की इलाज के दौरान हुई लापरवाही के कारण मौत के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ट्वीट पर पूरे जिले में शुरू हुई जांच व छापेमारी में की गई कार्रवाई ब्यौरा मांगा है। उनका कहना है कि 11 अगस्त के बाद अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र व 19 अगस्त के बाद जिले में कार्रवाई क्यों बंद कर दिया गया? क्या अब शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र समेत पूरे जिले में कोई भी अवैध अस्पताल संचालित नहीं हो रहे हैं?। विधायक ने कहा कि इन चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई भी हुई या उनसे भी सुविधा शुल्क लेकर उन्हें राहत दे दिया गया। जांच के बाद अस्पतालों व जांच सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई सार्वजनिक की जानी चाहिए। विधायक विनय वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है लेकिन जिले का स्वास्थ्य महकमा का काम सरकार की नीतियों के खिलाफ है।
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शिकायती पत्र के आधार पर एसपी ने एएसपी को मामले की जांच सौंपी है। उनके रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। इस वीडियो प्रकरण में अगर निष्पक्ष जांच हुई तो जांच की चकरी में कई विभागीय लोगों के पैर फंसेंगे और चेहरे बेनकाब होंंगे। ऐसा विभागीय लोगों में चर्चा हो है। वहीं, शिकायत पत्र के देने के बाद दो गुट होने और विभाग में हुए काले कारनामे का राज सामने आने की चर्चा लोग करना शुरू कर दिए हैं।
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सीएमओ डॉक्टर बीके अग्रवाल का कार्यालय में बैठकर एक बंद किए गए निजी अस्पताल को दोबारा शुरू किए जाने के लिए रुपये के लेनदेन करने का वीडियो एक सितंबर की रात को एकाएक वायरल हुआ था। इसमें एक नहीं कई वीडियो एक-एक करके सामने आए। किसी में रुपये वापस लौटाने तो किसी में समय-समय मुलाकात करने और सीएमओ पर अभद्र टिप्पणी करने का शामिल है। जब यह मामला सामने आया तो और ऑडियो वीडियो सामने आने लगे हैं। जिसमें रुपये की डिमांड करने के साथ ही कहां रखना है, इसका भी इसारा किया जा रहा है। वहीं, जांच से घिरे सीएमओ ने इस प्रकार में दो डॉक्टर जो जांच अधिकारी हैं और डिप्टी सीएमओ हैं, उन्हें दोषी ठहराया है। इस मामले में उन्होंने एसपी से शिकायत करते हुए जांच करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद एसपी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने एएसपी सिद्धार्थ को मामले की जांच सौंपी है। उनकी रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। सीएमओ के शिकायती पत्र देने के बाद विभाग में हलचल में मच गया है। दोनों गुट के आमने- सामने आने और काले कारनामे को लेकर आरोप- प्रत्यारोप लगाने की विभागीय लोग चर्चा कर रहे हैं।
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शिकायती पत्र में सीएमओ ने लगाया यह आरोप
सीएमओ डॉक्टर बीके अग्रवाल ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में देखे गए नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. एसएन त्रिपाठी व उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएन चतुर्वेदी की भूमिका संदिग्ध मानी है। उन्होंने कहा है कि रुपये के लेनदेन में दोनों चिकित्सकों की भूमिका हो सकती है। उनके खिलाफ केस दर्ज करके मामले में जांच की जाए। इस मामले में डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन त्रिपाठी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
परत दर परत खुल रहा वसूली का राज
सीएमओ वीडिया प्रकरण के बाद लगातार कुछ न कुछ सामने आने लगा है। एक ऑडियो सामने आया है। जिसमें पीडि़त से सामने वाला व्यक्ति बात कर रहा है कि नोडल अधिकारी आ रहे हैं, उनसे मिल लीजिएगा। इसके बाद कॉल करने वाला कह रहा है कि कौन एमएन त्रिपाठी सर से बोल रहा है हां। फिर बात करने वाले कह रहा है कहां मिलें सर सीएमओ कार्यालय पर तो सामने वाले से जवाब मिल रही है कि एक घंटे में सीएमओ कार्यालय आ जाओ, गाड़ी में रुपये डाल देना। फिर वह कह रहा है कि साहब हम पैर पकड़ लेंगे, लेकिन हमारा काम करवा दीजिए, बहुत परेशान हो गए हैं। इसके अलावा कार्यालय के काउंटर में इन्हीं अधिकारियों के सामने रुपये रखने का वीडियो भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अभी भ्रष्टाचार के चर्चा से जुड़ी कितना आडियो और वीडियो सामने आएगा। यह देखना बाकी है।
आमने- सामने आने खुलेगा काले कारनामे की पोल
स्वास्थ्य महकमें से जुड़े लोगों में रविवार को चर्चा रहा कि अभी तक तो मामला सीएमओ तक था, लेकिन उनकी ओर से पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिए जाने के बाद मामला तूल पकड़ेगा। क्योंकि अब जिन पर आरोप लग रहा है, वे भी सफाई जरूर देंगे। इसे में काले कारनामें से जुड़ा और खेल सामने आ सकता है। कारण विभाग मेें बहुत खामियां हैं। जब किचड़ उछलना शुरू होता है तो मामला बढ़ जाता है। वही स्थिति यहां भी उत्पन्न होने की बात सामने आ रही है।
बोले जिम्मेदार
सीएमओ की ओर से प्रार्थना पत्र मिला है। इसकी जांच एएसपी को सौंपा गया है। उनकी ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट दिया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। -अभिषेक कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक
जिलाधिकारी ने सीएमओ कार्यालय के वायरल वीडियो की जांच के लिए समिति बनाई है। जिलाधिकारी का आदेश प्राप्त हो गया है। इस मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी। -नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, प्रभारी सीडीओ
विधायक ने सीएमओ को पत्र भेजकर मांगा जवाब
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने रविवार को सीएमओ से विधानसभा क्षेत्र में चल रहे अवैध प्राइवेट अस्पतालों के विरूद्ध अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने सीएमओ से शोहरतगढ़ में 28 जुलाई को एक निजी अस्पताल में प्रसूता की इलाज के दौरान हुई लापरवाही के कारण मौत के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ट्वीट पर पूरे जिले में शुरू हुई जांच व छापेमारी में की गई कार्रवाई ब्यौरा मांगा है। उनका कहना है कि 11 अगस्त के बाद अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र व 19 अगस्त के बाद जिले में कार्रवाई क्यों बंद कर दिया गया? क्या अब शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र समेत पूरे जिले में कोई भी अवैध अस्पताल संचालित नहीं हो रहे हैं?। विधायक ने कहा कि इन चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई भी हुई या उनसे भी सुविधा शुल्क लेकर उन्हें राहत दे दिया गया। जांच के बाद अस्पतालों व जांच सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई सार्वजनिक की जानी चाहिए। विधायक विनय वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है लेकिन जिले का स्वास्थ्य महकमा का काम सरकार की नीतियों के खिलाफ है।