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Siddharthnagar News: संदिग्ध हालात में मुख्य आरक्षी की मौत, थाने के सोलर पैनल से लटका मिला शव
Sat, 06 Jan 2024 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 06 Jan 2024 01:03 AM IST
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सिद्धार्थनगर/उसका बाजार। उसका थाने में तैनात मुख्य आरक्षी राधेश्याम कुमार (45) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव शुक्रवार सुबह 5 बजे थाने के बैरक में लगे सोलर पैनल के राॅड से लटका मिला। साथी की मौत से थाने के सभी पुलिसकर्मी हैरान है। सूचना पर उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। देर शाम तक मौत का कारण पता नहीं लगा था।
मूलरूप से गोरखपुर खोराबार के बहरामपुर जर्दा गांव निवासी राधेश्याम कुमार 1997 में आरक्षी के पद पर भर्ती हुए। पिछले ढ़ाई साल से सिद्धार्थनगर जनपद के उसका थाना में तैनात थे। प्रमोशन के पाकर वह मुख्य आरक्षी हुए थे। थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि राधेश्याम की ड्यूटी बृहस्पतिवार की रात में स्टेट बैंक के पास गश्त में लगी थी। सुबह 4 से 5 बजे के बीच गश्त से वापस आए थे।
कुछ देर बाद बैरक से नित्यक्रिया के लिए निकले आरक्षियों ने सोलर पैनल के रॉड से एक व्यक्ति को देखा। आनन फानन छत पर पुलिसकर्मी पहुंचे। वहां देखा तो राधेश्याम का शव लटका था। घटना की जानकारी होते ही थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। शव को नीचे उतारा गया। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुख्य आरक्षी की मौत की सूचना मिलने पर एएसपी सिद्धार्थ और सीओ अखिलेश वर्मा थाने पहुंचे। वहां पूरी जानकारी ली। देर शाम को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
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मौत की सूचना पर गांव में मचा कोहराम
गोरखपुर के खोराबार स्थित बहरामपुर जर्दा गांव में शुक्रवार सुबह राधेश्याम की मौत की खबर परिजनों को पुलिस ने दी। पत्नी बेसुध होकर गिर गई। वहीं बेटे आयुष और सानू चीख पड़े। घर में चीखपुकार सुनते गांव के लोग भी जुट गए। दोनों बेट अभी पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ करीबी रिश्तेदारों के साथ परिजन उसका बाजार के लिए निकले। देर शाम को शव लेकर गांव पहुंचे। राधेश्याम का शव जैसे ही गांव में पहुंचा तो कोहराम मच गया। लोग उनके दरवाजे पर पहुंचकर परिजनों को ढ़ाढस बंधाने लगे।
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राधेश्याम की मौत से सभी हैरान
देर रात को गश्त से वापस आने के बाद उसकी कैसे हुई? उसने क्यों खुदकुशी की है? यह सारे सवालों का जवाब पुलिस अधिकारी तलाशने मे जुटे हैं। सहयोगी पुलिसकर्मियों के मुताबिक राधेश्याम बैरक की छत पर लगे सोलर पैनल के राॅड से लटका मिला। परिसर में ही रहने के बावजूद किसी ने उसे देखा या नहीं इसका पता लगाया जा रहा है। राधेश्याम के पास कोई सुसाइड नोट मिला न ही बैरक में।
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दो माह तक चलाया पुलिस के लिए मेस
मृतक राधेश्याम कुमार सहयोगी स्वभाव के थे। कुछ दिन पहले तक वह थाने के मेस के इंचार्ज रहे। मेस संचालन के दौरान वह सिपाहियों के रुचि का काफी ख्याल रखते थे। आरक्षी दिलीप, शशिभूषण, मनोज, अमित पाल, चंद्रभान मिश्र ने कहा कि उनका स्वभाव बहुत ही अच्छा था। हम लोग उनके साथ अकसर रहते थे। खाना भी खाते थे। बहुत अच्छे व्यक्ति थे, ऐसा कदम क्यों उठाए समझ में नहीं आ रहा है।
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बोले थानाध्यक्ष
हर शुक्रवार को परिसर में साप्ताहिक परेड होती है। कुछ जवान नित्यक्रिया के बाद स्नान के लिए निकले। उन्हाेंने बैरक की छत पर राधेश्याम को फंदे से लटका देखकर सूचना दी। उन्होंने बताया कि राधेश्याम के परिजनों ने जानकारी दी है कि वह तीन वर्ष पूर्व कोरोना के कारण गंभीर बीमार हो गए थे। इससे वह तनाव में रहते थे। इस बीच मधुमेह का स्तर भी सामान्य से अधिक था।
सतेंद्र कुंवर प्रभारी निरीक्षक उसका बाजार
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मूलरूप से गोरखपुर खोराबार के बहरामपुर जर्दा गांव निवासी राधेश्याम कुमार 1997 में आरक्षी के पद पर भर्ती हुए। पिछले ढ़ाई साल से सिद्धार्थनगर जनपद के उसका थाना में तैनात थे। प्रमोशन के पाकर वह मुख्य आरक्षी हुए थे। थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि राधेश्याम की ड्यूटी बृहस्पतिवार की रात में स्टेट बैंक के पास गश्त में लगी थी। सुबह 4 से 5 बजे के बीच गश्त से वापस आए थे।
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कुछ देर बाद बैरक से नित्यक्रिया के लिए निकले आरक्षियों ने सोलर पैनल के रॉड से एक व्यक्ति को देखा। आनन फानन छत पर पुलिसकर्मी पहुंचे। वहां देखा तो राधेश्याम का शव लटका था। घटना की जानकारी होते ही थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। शव को नीचे उतारा गया। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुख्य आरक्षी की मौत की सूचना मिलने पर एएसपी सिद्धार्थ और सीओ अखिलेश वर्मा थाने पहुंचे। वहां पूरी जानकारी ली। देर शाम को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
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मौत की सूचना पर गांव में मचा कोहराम
गोरखपुर के खोराबार स्थित बहरामपुर जर्दा गांव में शुक्रवार सुबह राधेश्याम की मौत की खबर परिजनों को पुलिस ने दी। पत्नी बेसुध होकर गिर गई। वहीं बेटे आयुष और सानू चीख पड़े। घर में चीखपुकार सुनते गांव के लोग भी जुट गए। दोनों बेट अभी पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ करीबी रिश्तेदारों के साथ परिजन उसका बाजार के लिए निकले। देर शाम को शव लेकर गांव पहुंचे। राधेश्याम का शव जैसे ही गांव में पहुंचा तो कोहराम मच गया। लोग उनके दरवाजे पर पहुंचकर परिजनों को ढ़ाढस बंधाने लगे।
राधेश्याम की मौत से सभी हैरान
देर रात को गश्त से वापस आने के बाद उसकी कैसे हुई? उसने क्यों खुदकुशी की है? यह सारे सवालों का जवाब पुलिस अधिकारी तलाशने मे जुटे हैं। सहयोगी पुलिसकर्मियों के मुताबिक राधेश्याम बैरक की छत पर लगे सोलर पैनल के राॅड से लटका मिला। परिसर में ही रहने के बावजूद किसी ने उसे देखा या नहीं इसका पता लगाया जा रहा है। राधेश्याम के पास कोई सुसाइड नोट मिला न ही बैरक में।
दो माह तक चलाया पुलिस के लिए मेस
मृतक राधेश्याम कुमार सहयोगी स्वभाव के थे। कुछ दिन पहले तक वह थाने के मेस के इंचार्ज रहे। मेस संचालन के दौरान वह सिपाहियों के रुचि का काफी ख्याल रखते थे। आरक्षी दिलीप, शशिभूषण, मनोज, अमित पाल, चंद्रभान मिश्र ने कहा कि उनका स्वभाव बहुत ही अच्छा था। हम लोग उनके साथ अकसर रहते थे। खाना भी खाते थे। बहुत अच्छे व्यक्ति थे, ऐसा कदम क्यों उठाए समझ में नहीं आ रहा है।
बोले थानाध्यक्ष
हर शुक्रवार को परिसर में साप्ताहिक परेड होती है। कुछ जवान नित्यक्रिया के बाद स्नान के लिए निकले। उन्हाेंने बैरक की छत पर राधेश्याम को फंदे से लटका देखकर सूचना दी। उन्होंने बताया कि राधेश्याम के परिजनों ने जानकारी दी है कि वह तीन वर्ष पूर्व कोरोना के कारण गंभीर बीमार हो गए थे। इससे वह तनाव में रहते थे। इस बीच मधुमेह का स्तर भी सामान्य से अधिक था।
सतेंद्र कुंवर प्रभारी निरीक्षक उसका बाजार