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नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ छठ पर्व
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:37 PM IST
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डुमरियागंज में राप्ती नदी के तट की सफाई करते नगर पंचायत के कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। पुत्र प्राप्ति व परिवार की मंगल कामना को लेकर सूर्योपासना का महापर्व छठ मंगलवार से शुरू हो गया। नहाय-खाय के साथ शुरू हुए पर्व के पहले दिन महिलाओं ने अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी का भोग लगाकर व्रत की शुरुआत की। इस दौरान बाजारों में पर्व से जुड़े सामानों की खरीदारी को लेकर भी चहल-पहल बढ़ने लगी है। पूजन में उपयोग होने वाले दौरी, सूप आदि सामान के लिए सजे दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही।
लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी दीपावली के बाद से ही शुरू हो गई थी। घरों की साफ-सफाई के अलावा छठ पूजा के लिए वेदी बनाने, घाटों की सफाई में जुटे श्रद्धालु मंगलवार को खरीदारी में मशगूल दिखे। नगर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। इन पर खरीदारों के पहुंचने का क्रम भी शुरू हो गया है। सबसे अधिक भीड़ फल, फूल, सूप के दुकानों पर दिखी। साड़ी व आभूषण की दुकानों पर ग्राहक उमड़ते दिखे। बुधवार से भीड़ में इजाफा होगा।
उधर, घरों में व्रती महिलाओं ने परंपरानुसार अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी तैयार कर भोग लगाया। इसके साथ ही व्रत की शुरुआत भी हो गई है। दूसरे दिन बुधवार को दिन भर व्रत के बाद गुड़ की खीर और पूड़ी का सेवन करेंगे। गुरुवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ महिलाएं व्रत का समापन करेंगी।
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डुमरियागंज। सूर्य की उपासना का महापर्व मंगलवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व को लेकर व्रती महिलाओं ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है, वहीं उनको घाट पर कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन पूरे दिन तैयारी में लगा रहा। नगर पंचायत के ईओ शिवकुमार के निर्देशन में सफाई कर्मचारियों की टोली पूरे दिन घाट, नदी तट व उस ओर जाने वाले मार्गों की साफ-सफाई में जुटी रही। ईओ ने बताया कि तट की साफ-सफाई के अलावा वेदियों को भी व्यवस्थित कराकर उसकी रंगाई-पुताई करवाई जा रही है। बुधवार को वेदी पूजन के बाद गुरुवार को सूर्य को अर्घ्य देंगी। शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महापर्व का समापन होगा। इस दौरान व्रती महिलाओं और उनके साथ आए परिवार के सदस्यों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पूरे नगर के साथ ही राप्ती तट पर पथ प्रकाश की सुदृढ़ व्यवस्था करवाई जाएगी। इस मौके पर हसन ताकीब रिजवी, हैदर रिजवी उर्फ शब्लू, कासिम मेंहदी, रामदेव, राजू कसौधन और बुधराम आदि मौजूद रहे।
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लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी दीपावली के बाद से ही शुरू हो गई थी। घरों की साफ-सफाई के अलावा छठ पूजा के लिए वेदी बनाने, घाटों की सफाई में जुटे श्रद्धालु मंगलवार को खरीदारी में मशगूल दिखे। नगर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। इन पर खरीदारों के पहुंचने का क्रम भी शुरू हो गया है। सबसे अधिक भीड़ फल, फूल, सूप के दुकानों पर दिखी। साड़ी व आभूषण की दुकानों पर ग्राहक उमड़ते दिखे। बुधवार से भीड़ में इजाफा होगा।
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उधर, घरों में व्रती महिलाओं ने परंपरानुसार अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी तैयार कर भोग लगाया। इसके साथ ही व्रत की शुरुआत भी हो गई है। दूसरे दिन बुधवार को दिन भर व्रत के बाद गुड़ की खीर और पूड़ी का सेवन करेंगे। गुरुवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ महिलाएं व्रत का समापन करेंगी।
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डुमरियागंज। सूर्य की उपासना का महापर्व मंगलवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व को लेकर व्रती महिलाओं ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है, वहीं उनको घाट पर कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन पूरे दिन तैयारी में लगा रहा। नगर पंचायत के ईओ शिवकुमार के निर्देशन में सफाई कर्मचारियों की टोली पूरे दिन घाट, नदी तट व उस ओर जाने वाले मार्गों की साफ-सफाई में जुटी रही। ईओ ने बताया कि तट की साफ-सफाई के अलावा वेदियों को भी व्यवस्थित कराकर उसकी रंगाई-पुताई करवाई जा रही है। बुधवार को वेदी पूजन के बाद गुरुवार को सूर्य को अर्घ्य देंगी। शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महापर्व का समापन होगा। इस दौरान व्रती महिलाओं और उनके साथ आए परिवार के सदस्यों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पूरे नगर के साथ ही राप्ती तट पर पथ प्रकाश की सुदृढ़ व्यवस्था करवाई जाएगी। इस मौके पर हसन ताकीब रिजवी, हैदर रिजवी उर्फ शब्लू, कासिम मेंहदी, रामदेव, राजू कसौधन और बुधराम आदि मौजूद रहे।