{"_id":"5e30732f8ebc3e4aff740ce6","slug":"central-team-inspected-district-hospital-siddharthnagar-news-gkp3388686153","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय टीम पहुंची जिला अस्पताल, सघन जांच-पड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय टीम पहुंची जिला अस्पताल, सघन जांच-पड़ताल
विज्ञापन
जिला असपताल में निरीक्षण करते केंद्रिय टीम
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय टीम पहुंची जिला अस्पताल, सघन जांच-पड़ताल
लेबर रूम, एसएनसीयू व पैथोलॉजी की व्यवस्था जांची
आज भी टीम के सदस्य करेंगे अन्य वार्डों की पड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में उपलब्ध साधन व संसाधन के साथ ही मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को भारत सरकार से चार सदस्यीय टीम पहुंची। दो दिवसीय निरीक्षण के पहले दिन लेबर रूम, एसएनसीयू व पैथोलॉजी का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उपकरणों की उपलब्धता व गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जांच-पड़ताल की। बुधवार को अन्य वार्डों समेत स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत से रूबरू होंगे।
मंगलवार को जिला अस्पताल में संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई जानने के लिए चार सदस्यीय केंद्रीय टीम पहुंची। सबसे पहले लेबर रूम में पहुंचकर ऑपरेशन थियेटर, सलाह कक्ष में उपलब्ध व्यवस्था के बारे में गहनता से पूछताछ की। इस मौके पर प्रसव के दौरान व उसके पूर्व बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ की। संकेतांक के मुताबिक उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। एसएनसीयू वार्ड भर्ती बच्चों की स्थिति से वाकिफ हुए। उपलब्ध उपकरणों की उपयोगिता, निष्क्रियता पर भी पैनी नजर डाली। इसके बाद पैथोलॉजी का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्य व्यवस्था से काफी संतुष्ट नजर दिखे। टीम के सदस्य बुधवार को भी जिला अस्पताल के अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में हकीकत से रूबरू होंगे। टीम में अगुवाई कर रहे डॉ. जेएन श्रीवास्तव समेत डॉ. ऋचा कांडपाल, डॉ. अमित ढाग, डॉ. अर्पिता अग्रवाल शामिल हैं। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोचिष्मती पांडेय, हास्पिटल मैनेजर डॉ. अनूप कुमार यादव, रोगी कल्याण समिति के जिला प्रबंधक संतोष सिंह, राम भारद्वाज, नर्स मेंटर मनीषा, स्टाफ नर्स आशा सिंह, कमला वर्मा, किरन पांडेय, अजय लक्ष्मी द्विवेदी, श्रीश श्रीवास्तव, प्रियांशी कसौधन, सरोज पांडेय व हेमलता मिश्रा, स्वास्थ्य कर्मी कुमकुम मिश्रा आदि की उपस्थिति रही।
केयर लाइन करेगा ‘अंतरा’ लगवाने वाली महिलाओं का ख्याल
बच्चों के बीच अंतर रखने का अस्थायी गर्भ निरोधक उपाय
अंतरा केयरलाइन नंबर 18001033044 पर मिलेगा सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अंतरा गर्भ निरोधक इंजेक्शन की शुरुआत की गई। महिलाओं ने इसे विकल्प के तौर पर चुना तो है, पर किसी भी तरह की समस्या होने पर सलाह लेने के लिए अभी भी महिलाएं बात करने से कतरा रही हैं। जबकि उनकी हर तरह की शंकाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अंतरा केयरलाइन की शुरुआत की है।
विज्ञापन
अंतरा का पहला इंजेक्शन लगाते ही लाभार्थी महिला को इस नंबर पर (18001033044) कॉल कर अपना नाम रजिस्टर्ड करवाना है, ताकि उन्हें उसके बाद समय पर इंजेक्शन संबंधी परामर्श की सुविधा मिलती रहे। लाभार्थी के रजिस्टर्ड होने के बाद महिला को केयरलाइन से अगले इंजेक्शन की तारीख भी याद दिलाई जाती है। साथ ही टोल फ्री नंबर पर दी गईं सभी सूचनाएं गोपनीय रखी जाती हैं। यह सुविधा सुबह आठ से रात नौ बजे तक उपलब्ध है। अंतरा लगवाने वाली महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल होते हैं, जिसे वह किसी से भी पूछने पर हिचकिचाती हैं। ऐसे में इस टोल फ्री नम्बर से वह आसानी से अपने हर सवालों के जवाब घर बैठे ही ले सकती हैं। टोल फ्री नंबर डायल करने पर अंतरा से जुड़ी हर समस्या की उचित सलाह परामर्शदाता से मिल जाती है।
कोट
अंतरा इंजेक्शन अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए सुरक्षित अस्थायी गर्भनिरोधक विकल्पों में से एक है। तीन माह (त्रैमासिक) के अंतराल में लगने वाला यह इंजेक्शन एक बार लगवाने पर तीन माह तक अनचाहे गर्भ से छुटकारा देता हैं। अंतरा इंजेक्शन जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी व उपकेंद्रों पर लगाया जाता है और यह पूरी तरह से नि:शुल्क है।
-डॉ. सीमा राय, मुख्य चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
लेबर रूम, एसएनसीयू व पैथोलॉजी की व्यवस्था जांची
आज भी टीम के सदस्य करेंगे अन्य वार्डों की पड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में उपलब्ध साधन व संसाधन के साथ ही मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को भारत सरकार से चार सदस्यीय टीम पहुंची। दो दिवसीय निरीक्षण के पहले दिन लेबर रूम, एसएनसीयू व पैथोलॉजी का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उपकरणों की उपलब्धता व गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जांच-पड़ताल की। बुधवार को अन्य वार्डों समेत स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत से रूबरू होंगे।
मंगलवार को जिला अस्पताल में संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई जानने के लिए चार सदस्यीय केंद्रीय टीम पहुंची। सबसे पहले लेबर रूम में पहुंचकर ऑपरेशन थियेटर, सलाह कक्ष में उपलब्ध व्यवस्था के बारे में गहनता से पूछताछ की। इस मौके पर प्रसव के दौरान व उसके पूर्व बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ की। संकेतांक के मुताबिक उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। एसएनसीयू वार्ड भर्ती बच्चों की स्थिति से वाकिफ हुए। उपलब्ध उपकरणों की उपयोगिता, निष्क्रियता पर भी पैनी नजर डाली। इसके बाद पैथोलॉजी का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्य व्यवस्था से काफी संतुष्ट नजर दिखे। टीम के सदस्य बुधवार को भी जिला अस्पताल के अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में हकीकत से रूबरू होंगे। टीम में अगुवाई कर रहे डॉ. जेएन श्रीवास्तव समेत डॉ. ऋचा कांडपाल, डॉ. अमित ढाग, डॉ. अर्पिता अग्रवाल शामिल हैं। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोचिष्मती पांडेय, हास्पिटल मैनेजर डॉ. अनूप कुमार यादव, रोगी कल्याण समिति के जिला प्रबंधक संतोष सिंह, राम भारद्वाज, नर्स मेंटर मनीषा, स्टाफ नर्स आशा सिंह, कमला वर्मा, किरन पांडेय, अजय लक्ष्मी द्विवेदी, श्रीश श्रीवास्तव, प्रियांशी कसौधन, सरोज पांडेय व हेमलता मिश्रा, स्वास्थ्य कर्मी कुमकुम मिश्रा आदि की उपस्थिति रही।
विज्ञापन
केयर लाइन करेगा ‘अंतरा’ लगवाने वाली महिलाओं का ख्याल
बच्चों के बीच अंतर रखने का अस्थायी गर्भ निरोधक उपाय
अंतरा केयरलाइन नंबर 18001033044 पर मिलेगा सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अंतरा गर्भ निरोधक इंजेक्शन की शुरुआत की गई। महिलाओं ने इसे विकल्प के तौर पर चुना तो है, पर किसी भी तरह की समस्या होने पर सलाह लेने के लिए अभी भी महिलाएं बात करने से कतरा रही हैं। जबकि उनकी हर तरह की शंकाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अंतरा केयरलाइन की शुरुआत की है।
विज्ञापन
अंतरा का पहला इंजेक्शन लगाते ही लाभार्थी महिला को इस नंबर पर (18001033044) कॉल कर अपना नाम रजिस्टर्ड करवाना है, ताकि उन्हें उसके बाद समय पर इंजेक्शन संबंधी परामर्श की सुविधा मिलती रहे। लाभार्थी के रजिस्टर्ड होने के बाद महिला को केयरलाइन से अगले इंजेक्शन की तारीख भी याद दिलाई जाती है। साथ ही टोल फ्री नंबर पर दी गईं सभी सूचनाएं गोपनीय रखी जाती हैं। यह सुविधा सुबह आठ से रात नौ बजे तक उपलब्ध है। अंतरा लगवाने वाली महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल होते हैं, जिसे वह किसी से भी पूछने पर हिचकिचाती हैं। ऐसे में इस टोल फ्री नम्बर से वह आसानी से अपने हर सवालों के जवाब घर बैठे ही ले सकती हैं। टोल फ्री नंबर डायल करने पर अंतरा से जुड़ी हर समस्या की उचित सलाह परामर्शदाता से मिल जाती है।
कोट
अंतरा इंजेक्शन अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए सुरक्षित अस्थायी गर्भनिरोधक विकल्पों में से एक है। तीन माह (त्रैमासिक) के अंतराल में लगने वाला यह इंजेक्शन एक बार लगवाने पर तीन माह तक अनचाहे गर्भ से छुटकारा देता हैं। अंतरा इंजेक्शन जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी व उपकेंद्रों पर लगाया जाता है और यह पूरी तरह से नि:शुल्क है।
-डॉ. सीमा राय, मुख्य चिकित्साधिकारी।