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सपा ने अमर का प्रभार छीना, अब नया चेहरा
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 04 Apr 2016 10:52 PM IST
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राजनीति
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के सियासी हलके में बड़ा उलटफेर करते हुए बसपा ने शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से प्रभारी अमर सिंह चौधरी की दावेदारी खारिज कर दी है। उनके स्थान पर किसी मुस्लिम चेहरे को उतारने के दावे किए जा रहे हैं।
दो नाम पूरे दिन सुर्खियों में भी रहे, मगर अधिकृत रूप से पुष्ट नहीं हो पाए। पार्टी पदाधिकारी भी पूरे मामले में मीडिया से दूरी बनाए रहे। दो साल से क्षेत्र में पसीना बहा रहे अमर सिंह की दावेदारी खारिज होने के बाद जिले की सियासत में खलबली मच गई है। नए समीकरण तैयार होने लगे हैं।
कुर्मी मतदाताओं की अधिकता वाले शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दरम्यान अमर सिंह चौधरी को प्रभारी घोषित किया था। पार्टी सुप्रीमो की हरी झंडी के बाद यह तय हो गया था कि अमर सिंह ही यहां से उम्मीदवार होंगे।
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इसी हैसियत से वह क्षेत्र में सक्रिय रहे। पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल होते रहे। अमर सिंह चौधरी को बसपा इस विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पप्पू चौधरी और भाजपा नेत्री साधना चौधरी के बीच कुर्मी मतदाताओं के तीसरे विकल्प के रुप में पेश कर रही थी।
इस बीच रविवार की शाम अचानक से राजनीतिक उठापटक का दौर तेज हुआ। पार्टी सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में बसपा सुप्रीमो की मौजूदगी में हुई बैठक में इस क्षेत्र से किसी मुस्लिम चेहरे को मैदान में उतारने की रूपरेखा बनाई गई।
पहले बॉर्डर से लगते बलरामपुर जिले के कारोबारी बदरे आलम का नाम तय हुआ, फिर कुछ ही देर बाद इसी विधानसभा क्षेत्र के निवासी अकील अहमद मुन्नू का नाम सामने रखा गया। सोमवार को पूरे दिन जिले में इन दोनों की दावेदारी को लेकर चर्चाएं रहीं।
हालांकि कोई नाम स्पष्ट नहीं हो पाया। यह दावे किए जाते रहे कि 14 अप्रैल को आने वाली सूची में नया नाम घोषित होगा। प्रभारी बदले जाने के संबंध में बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश गौतम ने खुद को मीटिंग में होने का हवाला देते हुए कुछ भी बोलने से इनकार किया। उधर, अमर सिंह चौधरी ने स्वीकार किया कि बदलाव हुआ है, मगर हम भी कोशिश जारी रखे हैं। कारण और नए नाम के बारे में अनभिज्ञता जताई।
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दो नाम पूरे दिन सुर्खियों में भी रहे, मगर अधिकृत रूप से पुष्ट नहीं हो पाए। पार्टी पदाधिकारी भी पूरे मामले में मीडिया से दूरी बनाए रहे। दो साल से क्षेत्र में पसीना बहा रहे अमर सिंह की दावेदारी खारिज होने के बाद जिले की सियासत में खलबली मच गई है। नए समीकरण तैयार होने लगे हैं।
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कुर्मी मतदाताओं की अधिकता वाले शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दरम्यान अमर सिंह चौधरी को प्रभारी घोषित किया था। पार्टी सुप्रीमो की हरी झंडी के बाद यह तय हो गया था कि अमर सिंह ही यहां से उम्मीदवार होंगे।
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इसी हैसियत से वह क्षेत्र में सक्रिय रहे। पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल होते रहे। अमर सिंह चौधरी को बसपा इस विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पप्पू चौधरी और भाजपा नेत्री साधना चौधरी के बीच कुर्मी मतदाताओं के तीसरे विकल्प के रुप में पेश कर रही थी।
इस बीच रविवार की शाम अचानक से राजनीतिक उठापटक का दौर तेज हुआ। पार्टी सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में बसपा सुप्रीमो की मौजूदगी में हुई बैठक में इस क्षेत्र से किसी मुस्लिम चेहरे को मैदान में उतारने की रूपरेखा बनाई गई।
पहले बॉर्डर से लगते बलरामपुर जिले के कारोबारी बदरे आलम का नाम तय हुआ, फिर कुछ ही देर बाद इसी विधानसभा क्षेत्र के निवासी अकील अहमद मुन्नू का नाम सामने रखा गया। सोमवार को पूरे दिन जिले में इन दोनों की दावेदारी को लेकर चर्चाएं रहीं।
हालांकि कोई नाम स्पष्ट नहीं हो पाया। यह दावे किए जाते रहे कि 14 अप्रैल को आने वाली सूची में नया नाम घोषित होगा। प्रभारी बदले जाने के संबंध में बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश गौतम ने खुद को मीटिंग में होने का हवाला देते हुए कुछ भी बोलने से इनकार किया। उधर, अमर सिंह चौधरी ने स्वीकार किया कि बदलाव हुआ है, मगर हम भी कोशिश जारी रखे हैं। कारण और नए नाम के बारे में अनभिज्ञता जताई।