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अमृत काल के पीछे नेक उद्देश्य : कुलपति
Thu, 23 Nov 2023 01:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 23 Nov 2023 01:46 AM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत याद करें कुर्बानी नामक पुस्तक का व
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याद करो कुर्बानी पुस्तक का विमोचन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में बुधवार को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ''याद करें कुर्बानी'' नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। समारोह में कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव और उसके उपरांत आजादी का अमृत कल के कार्यक्रम के पीछे बहुत ही नेक एवं पवित्र उद्देश्य है। आज विमोचित पुस्तक याद करें कुर्बानी का महत्व है। याद करें कुर्बानी पुस्तक के संपादक प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव काल में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की यह पुस्तक विद्यार्थियों शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी होगी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में कुल 16 शोध पूर्ण लेख प्रकाशित हुए हैं ।
कार्यक्रम में वित्त अधिकारी अजय सोनकर, डॉ. सुनीता त्रिपाठी, डॉ. सत्येंद्र दुबे, डॉ. नीता यादव, डॉ. सच्चिदानंद चौबे, डॉ. विशाल गुप्ता, डॉ. मनीष वाजपेयी, डॉ. रक्षा एवं डॉ. रेनू त्रिपाठी आदि उपस्थित थीं।
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याद करो कुर्बानी पुस्तक का विमोचन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में बुधवार को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ''याद करें कुर्बानी'' नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। समारोह में कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव और उसके उपरांत आजादी का अमृत कल के कार्यक्रम के पीछे बहुत ही नेक एवं पवित्र उद्देश्य है। आज विमोचित पुस्तक याद करें कुर्बानी का महत्व है। याद करें कुर्बानी पुस्तक के संपादक प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव काल में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की यह पुस्तक विद्यार्थियों शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी होगी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में कुल 16 शोध पूर्ण लेख प्रकाशित हुए हैं ।
कार्यक्रम में वित्त अधिकारी अजय सोनकर, डॉ. सुनीता त्रिपाठी, डॉ. सत्येंद्र दुबे, डॉ. नीता यादव, डॉ. सच्चिदानंद चौबे, डॉ. विशाल गुप्ता, डॉ. मनीष वाजपेयी, डॉ. रक्षा एवं डॉ. रेनू त्रिपाठी आदि उपस्थित थीं।
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