{"_id":"613645908ebc3ebead051b43","slug":"big-potholes-on-the-way-to-siddharth-university-siddharthnagar-news-gkp408172384","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे
विज्ञापन
जर्जर और गढ्डे में तब्दील बर्डपुर से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का मार्ग।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के मार्ग पर गड्ढों की भरमार है। इस कारण आम लोगों के साथ छात्र-छात्राओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों में गिरकर लोग आए दिन जख्मी हो रहे हैं। बारिश के मौसम में ये गड्ढे और गहरे हो गए हैं। यहीं कारण है कि बुकिंग करने के बाद भी इस रूट पर जाने वाले ऑटो चालक अधिक किराया मांगते हैं।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के मुख्य नियंता प्रो. दीपक मिश्रा ने जिलाधिकारी दीपक मीणा को पत्र लिखकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी आते-जाते हैं, उन्हें दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस रूट पर रोडवेज की एक बस का ही संचालन होता है। किसी जरूरत पर बुकिंग करने के बावजूद इस रूट पर ऑटो चालक जाने के लिए तैयार नहीं होते हैं।
मुख्य नियंता प्रो. दीपक मिश्रा ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के मार्ग में जगह-जगह गड्ढे हैं। उच्च शिक्षा के साथ पर्यटन के लिहाज से भी यह स्थान महत्वपूर्ण है। बर्डपुर से कपिलवस्तु तक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सड़क निर्माण कराने की मांग की गई है।
विज्ञापन
छात्र संख्या बढ़ाने में गड्ढे बन रहे रोड़े
भारत नेपाल बॉर्डर स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। निर्धारित सीट की अपेक्षा 50 प्रतिशत से अधिक सीट खाली रह गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सड़क के गड्ढे भी छात्र संख्या बढ़ने में रोड़ा बन रहे हैं। बर्डपुर से कपिलवस्तु तक आठ किमी सड़क की दूरी तय करने के बाद विश्वविद्यालय का मुख्यद्वार आता है। इसमें सात किमी सड़क में ज्यादा गड्ढे हैं। कपिलवस्तु से आगे डेढ़ किमी दूर भारत-नेपाल बॉर्डर है। इस सड़क में भी कहीं-कहीं गड्ढे हैं। बताया जा रहा है कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग की है, जिसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के मार्ग पर गड्ढों की भरमार है। इस कारण आम लोगों के साथ छात्र-छात्राओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों में गिरकर लोग आए दिन जख्मी हो रहे हैं। बारिश के मौसम में ये गड्ढे और गहरे हो गए हैं। यहीं कारण है कि बुकिंग करने के बाद भी इस रूट पर जाने वाले ऑटो चालक अधिक किराया मांगते हैं।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के मुख्य नियंता प्रो. दीपक मिश्रा ने जिलाधिकारी दीपक मीणा को पत्र लिखकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी आते-जाते हैं, उन्हें दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस रूट पर रोडवेज की एक बस का ही संचालन होता है। किसी जरूरत पर बुकिंग करने के बावजूद इस रूट पर ऑटो चालक जाने के लिए तैयार नहीं होते हैं।
विज्ञापन
मुख्य नियंता प्रो. दीपक मिश्रा ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के मार्ग में जगह-जगह गड्ढे हैं। उच्च शिक्षा के साथ पर्यटन के लिहाज से भी यह स्थान महत्वपूर्ण है। बर्डपुर से कपिलवस्तु तक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सड़क निर्माण कराने की मांग की गई है।
विज्ञापन
छात्र संख्या बढ़ाने में गड्ढे बन रहे रोड़े
भारत नेपाल बॉर्डर स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। निर्धारित सीट की अपेक्षा 50 प्रतिशत से अधिक सीट खाली रह गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सड़क के गड्ढे भी छात्र संख्या बढ़ने में रोड़ा बन रहे हैं। बर्डपुर से कपिलवस्तु तक आठ किमी सड़क की दूरी तय करने के बाद विश्वविद्यालय का मुख्यद्वार आता है। इसमें सात किमी सड़क में ज्यादा गड्ढे हैं। कपिलवस्तु से आगे डेढ़ किमी दूर भारत-नेपाल बॉर्डर है। इस सड़क में भी कहीं-कहीं गड्ढे हैं। बताया जा रहा है कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग की है, जिसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है।