फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Become aware yourself... Thugs are taking away jewelery on the pretext of polishing

Siddharthnagar News: खुद हो जाएं जागरूक... चमकाने के बहाने ठग उड़ा ले जा रहे आभूषण

Tue, 28 May 2024 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 28 May 2024 12:11 AM IST
विज्ञापन
Become aware yourself... Thugs are taking away jewelery on the pretext of polishing
जिले में लगातार बढ़ रही इस प्रकार की घटना, पकड़ने में चूक जाती है पुलिस
विज्ञापन


बिहार से निकलकर आता है ठगी करने वालों का गिरोह

त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बिस्कोहर में आभूषण साफ कराने के बहाने 80 हजार का झुमका ले उड़े चोर

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। घर बैठे पुराने आभूषण को चमकाने की कोई लालच दे रहा है तो समझ लीजिए वह ठग है। ऐसे लोगों सतर्क हो जाएं। क्योंकि बिहार से निकलने वाला ठगों का यह गिरोह सक्रिय हुआ है। यह हर छह माह में लोगों का आभूषण साफ करने के बहाने लाखों का आभूषण समेट कर चले जाते हैं।
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बिस्कोहर कस्बे में आभूषण सफाई करने के बहाने ठग 80 हजार का झुमका उड़ा ले गए। जब इस गिरोह की दस्तक होती है तो एक के बाद एक करके कई वारदात को अंजाम देते हैं। एक वारदात करके चुके हैं। ऐसे में इनसे सतर्क होने की जरूरत है। पूर्व की दो घटनाओं में पुलिस ने पकड़ा जरूर है, लेकिन अधिकांश मामलों में यह पुलिस के हाथ नहीं लगते हैं। क्योंकि बदनामी की वजह से अधिक लोग केस दर्ज कराने ही नहीं जाते हैं। जैसा की त्रिलोकपुर कस्बे में हुई घटना में हुआ। परिवार केस दर्ज कराने के लिए आगे नहीं बढ़ा।
विज्ञापन




इस प्रकार बनाते हैं ठगी का शिकार

अगर गांव में बाइक से सवार हो दो लोग आ रहे हैं और पीतल का बर्तन, पायल और सोने का आभूषण साफ करने की बात कर रहे हैं और हाथ में आभूषण लेने के बाद पानी गर्म करके लाने की बात करते हैं, जैसे ही आप घर में गए। जब बाहर आएंगे तो न तो सफाई करने वाले मिलेंगे और ना ही आभूषण। फिर का आपका ढूंढते रहिए मिलेंगे नहीं। क्योंकि यह ऐसा गैंग है जो स्थान बदलकर वार पर वारदात करता है। मजाल है कि पुलिस इन्हें पकड़ ले। कारण मामला थाने तक पहुंचा है और पुलिस केस भी दर्ज करती है, लेकिन आज तक यह गैंग कभी पकड़ा नहीं गया है। पुलिस विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक गैंग बिहार का है, कई बार पकड़ने की कोशिश भी गई जा चुकी है, लेकिन बिहार से उन्हें उठाया नहीं जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन




घटनाओं पर एक नजर

त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बिस्कोहर में रविवार को बाइक से आए दो लोगों ने आभूषण साफ करने के लिए महिला से कहा। एक लड़की ने दादी के कहने पर पुराना लगभग 80 हजार कीमत का झुमका लाकर दे दिया। इसके बाद पानी गरम करके लाने के लिए कहा। जब पानी लाने के लिए गई थी, बच्ची को भेज दिया। जबतक बाहर निकली तो पता चला कि आभूषण लेकर फरार हो गया।



पति ने पूछा तब पता चला धोखेबाज लेकर चले गए जेवर

बीते वर्ष मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में सुमहवा निवासी राकेश के साथ ठगी हुई थी। उसने बताया कि था कि वह दिल्ली रहता था। उसके पत्नी से धोखेबाज आभूषण लेकर चंपत हो गए। उसने बताया कि यह जानकारी उसे तब हुई, जब एक रिश्तेदार के यहां जाना था और पत्नी मां के दिए हुए झुमकी को नहीं पहना था। बल्कि एक रोलगोल्ड का पहना था। उसने बताया कि बाइक से दो लोग आए और पुराने आभूषण चंद मिनट में साफ करके नया बना देने की बात कहीं। मात्र २० रुपये में सफाई कर रहे थे। झुमकी लाकर उसने दिया। इसके बाद पानी गर्म करके लेकर आने के लिए कहा। जब पानी गर्म करके लेकर पहुंची तो जा चुके थे। कहा कि बदनामी के डर से किसी को बताया नहीं। थाने में भी उन्होंने शिकायत नहीं किया।



दंपती को बना दिया ठगी का शिकार

बीते वर्ष ही बांसी कोतवाली में क्षेत्र के नरही गांव दंपति के घर दो युवक पहुंचे। दोनों युवकों ने अपने को एक कंपनी में काम करने का परिचय देते हुए मूर्ति एवं जेवरात साफ करने की बात कही। इसमें एक युवक आगे चला गया जो बाइक से था। जबकि दूसरा वहीं रुक गया। मना करने के बाद पत्नी उनके बहकावे में आ गई। पहले पीतल की कटोरी साफ करने को दिया। उसे साफ करके नया जैसा चमका दिया। इसके बाद पायल और सोने की चार चूडिय़ां भी दे दी। उसने पायल साफ किया और चूड़ी को कटोरी में डाल दिया। जिसमें कुछ केमिकल भी डाला था। पायल साफ करने के बाद उन्हें साफ करने के लिए कहा। इसके बाद चूड़ी को कटोरी में रखकर पानी गर्म करके लाने के लिए कहा। जब अंदर से बाहर गर्म करते देखा तो चूड़ी गायब थी। बाहर निकली तो दोनों भाग चुके थे। उन्होंने डायल-112 और कोतवाली पुलिस सूचना देकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन पकड़े नहीं गए।



पुराने गहने रहती है नजर

गहने उड़ाने के अबतक जो मामले सामने आए हैं।उसमें एक बात यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह पुराने गहने मंगाता है। इसके पीछे की वजह यह है कि इसके शुद्धता की गारंटी है और वजनी रहता है। ऐसे में अगर सोना ले भी न जा सकें तो केमिकल डालकर उसका अंश पानी में साफ कर लेते हैं। जब इसकी छनाई करते हैं तो और सुखाते हैं तो सोना अलग हो जाता है। अगर हाथ लेकर चंपत हुए तो मौजूदा समय के आभूषण से वह कहीं बेहतर और वजन ठहरता है। इसी पुराने आभूषण पर उनकी नजर अधिक रहती है।



क्षेत्रवार भाषा की रखते हैं जानकारी

पुलिस विभाग के एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि यह साफ करने के बहाने गहने उड़ाने वालों गिरोह बिहार से संचालित होता है। यह एक प्रकार से बहरुपिए जैसा होते हैं। इन्हें क्षेत्रवार भाषा के बारे में जानकारी होती है। गांव के बोली के हिसाब से बोलते हैं,जिससे सामने वाला यह समझे की यहीं के रहने वाले हैं। मिलने के बाद सामने वाले से जिले के किसी नामी चौराहे का नाम बताते हुए विश्वास में लेते हैं। इसके बाद आभूषण पर हाथ साफ कर लेते हैं। यह इसलिए नहीं पकड़े जाते हैं कि एक क्षेत्र में दो से तीन वारदात करके यह जनपद ही बदल देते हैं। कई बार पुलिस बिहार में इनके ठिकाने तक जाती है, लेकिन पकड़े में नहीं आते हैं।




आभूषण साफ करने के बहाने ठगी के मामले में कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन जो मामले में थाने तक पहुंचते हैं, पुलिस केस दर्ज करने के साथ ही कार्रवाई भी करती है।

-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed