फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Bail application of accused of attempt to murder rejected

Siddharthnagar News: हत्या के प्रयास के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

Wed, 10 Jan 2024 10:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 10 Jan 2024 10:40 PM IST
विज्ञापन
Bail application of accused of attempt to murder rejected
शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के खरगवार गांव में हुई थी घटना
विज्ञापन



सिद्धार्थनगर। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम हिमांशु दयाल श्रीवास्तव ने हत्या के प्रयास व बलवा के अभियुक्त की जमानत खारिज कर दी है। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के खरगवार गांव निवासी अभियुक्त पप्पू उपाध्याय उर्फ त्रियुगी उपाध्याय 22 अक्तूबर से जेल में बंद है।
घटना शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के खरगवार गांव में रात के वक्त हुआ था, जिसमें दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुआ था। 21 अक्टूबर 2023 की रात देवीशंकर उपाध्याय ने शोहरतगढ़ थाने पर तहरीर दर्ज करवाया। तहरीर के अनुसार उसके गांव के पप्पू उर्फ त्रियुगी उपाध्याय, सानंद उपाध्याय, नीरज उपाध्याय व धीरज उपाध्याय साकिन खरगवार थाना शोहरतगढ़ के निवासी है। सभी लोग एक राय गोलबंद होकर वादी के घर पर आकर जान से मारने की नीयत से फरसा व लाठी डंडा व कुल्हाड़ी से उसके पिता धर्मात्मा उपाध्याय व भाई रमाशंकर उपाध्याय उर्फ सोनू को मारने लगे। उन्होंने वादी को भी गाली गुप्ता देते हुए लाठी डंडा व फरसा से मारने पीटने लगे व कहने लगे कि आज हम लोग तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे। शोर मचाने पर गांव मुहल्ले के लोग मौके पर आए और जान बचाई। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और विवेचना की।
विज्ञापन

अभियुक्त पप्पू उर्फ त्रियुगी उपाध्याय ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करके कहा कि वह निर्दोष है तथा कोई जुर्म कारित नहीं किया है। उसने न तो बलवा किया है और न ही मारपीट कर किसी अन्य व्यक्ति को जान से मारने का प्रयास किया है। वादी मुकदमा व उसके परिजनों ने 21 अक्टूबर की रात को हमको व परिजनों को गंभीर रूप से धारदार हथियार व लाठी डंडे से मारापीटा है, जिसके संबंध में थाने पर हत्या के प्रयास गंभीर रूप से मारपीट दंगा बलवा व जानमाल की धमकी के अपराध का केस दर्ज है तथा बाद में धारा 325 आईपीसी की बढ़ोतरी भी हुई है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर जमानत का आधार न पाते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed