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Siddharthnagar News: शुगर और ब्लड प्रेशर में कारगर साबित हो रही आयुर्वेद की दवा
Sun, 10 Nov 2024 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 10 Nov 2024 12:02 AM IST
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शहर के पुरानी नौगढ़ स्थित आयुर्वेद अस्पताल पर मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते चिकित्सक।
सिद्धार्थनगर। अगर शुगर और ब्लड प्रेशर से परेशान हैं और एलोपैथ की दवा के सेवन से दूसरी दिक्कत हो रही है तो आपके लिए काम की खबर है। ब्लड प्रेशर और शुगर की आयुर्वेद की दवा कारगर साबित हो रही है।
जिसका शरीर पर कोई साइडइफेक्ट भी नहीं है। क्योंकि राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के ओपीडी में इन दोनों बीमारी से ग्रसित आठ से 10 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा देने के साथ ही परहेज और नियम योग करने की सलाह दे रहे हैं। आयुर्वेद पुरानी पद्घति है और इसमें गंभीर से गंभीर बीमारी को ठीक करने की क्षमता है।
ऐसा विशेषज्ञों का मानना है। बदलते समय के साथ आयुर्वेद के बजाए लोगों की एलोपैथ पर निर्भरता बढ़ गई। जिससे मरीज के ठीक होने के साथ-साथ कई बार दूसरी बीमारी के गिरफ्त में आ जाने का खतरा रहता है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान आयुर्वेद काफी कारगर साबित हुआ। लोगों को इससे लाभ मिला इसलिए आयुर्वेद और यूनानी के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
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आयुर्वेद के अस्पताल पर मरीजों की स्थिति और दवा की हकीकत जानने के लिए शहर के पुरानी नौगढ़ में स्थिति राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पर पहुंचे। यहां पर कई प्रकार के मरीज मिले। पता चला कि प्रतिदिन 25 से 50 रोगी ओपीडी में आते हैं। इसमें शुगर और ब्लड प्रेशर के रोगी की संख्या आठ से 10 रहती है। जब इस बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों की दवाएं हैं और यह काफी कारगर साबित हो रही हैं। साथ ही इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं है।
इसमें मरीजों को दवा के साथ ही शुगर पाए जाने वाले वस्तुओं और फल के सेवन से बचने के लिए सलाह दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें दवा और नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। नियमित सेवन से एलोपैथ की दवा की तुलना में इससे मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं और उनका शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों कंट्रोल हो जा रहा है। दूसरा पहलु यह भी है कि अगर दूसरी बीमारी के दवा ले रहे हैं तो इसके सेवन करने से भी दिक्कत नहीं होती है।
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जिसका शरीर पर कोई साइडइफेक्ट भी नहीं है। क्योंकि राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के ओपीडी में इन दोनों बीमारी से ग्रसित आठ से 10 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा देने के साथ ही परहेज और नियम योग करने की सलाह दे रहे हैं। आयुर्वेद पुरानी पद्घति है और इसमें गंभीर से गंभीर बीमारी को ठीक करने की क्षमता है।
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ऐसा विशेषज्ञों का मानना है। बदलते समय के साथ आयुर्वेद के बजाए लोगों की एलोपैथ पर निर्भरता बढ़ गई। जिससे मरीज के ठीक होने के साथ-साथ कई बार दूसरी बीमारी के गिरफ्त में आ जाने का खतरा रहता है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान आयुर्वेद काफी कारगर साबित हुआ। लोगों को इससे लाभ मिला इसलिए आयुर्वेद और यूनानी के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
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आयुर्वेद के अस्पताल पर मरीजों की स्थिति और दवा की हकीकत जानने के लिए शहर के पुरानी नौगढ़ में स्थिति राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पर पहुंचे। यहां पर कई प्रकार के मरीज मिले। पता चला कि प्रतिदिन 25 से 50 रोगी ओपीडी में आते हैं। इसमें शुगर और ब्लड प्रेशर के रोगी की संख्या आठ से 10 रहती है। जब इस बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों की दवाएं हैं और यह काफी कारगर साबित हो रही हैं। साथ ही इसका कोई साइडइफेक्ट भी नहीं है।
इसमें मरीजों को दवा के साथ ही शुगर पाए जाने वाले वस्तुओं और फल के सेवन से बचने के लिए सलाह दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें दवा और नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। नियमित सेवन से एलोपैथ की दवा की तुलना में इससे मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं और उनका शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों कंट्रोल हो जा रहा है। दूसरा पहलु यह भी है कि अगर दूसरी बीमारी के दवा ले रहे हैं तो इसके सेवन करने से भी दिक्कत नहीं होती है।